सीएनईबी के मैनेजमेंट का कारनामा

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रजनीश: बिहार के 38 जिलों के रिपोर्टरों-स्ट्रिंगरों को अचानक किया बेरोजगार : लाखों रुपये का बकाया दबाया : सीएनईबी न्यूज ने बड़ी संख्या में पत्रकारों के पेट पर लात मारा है. इसकी आह इस चैनल के वरिष्ठों को लगेगी. सीएनईबी न्यूज़ के वरिष्ठों ने एक तानाशाहीपूर्ण फैसला करके बिहार के 38 जिलों के रिपोर्टरों को अचानक बेरोजगार कर दिया. इन रिपोर्टरों ने सीएनईबी न्यूज को उंचाई पर पहुंचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था.

पर इनके खून-पसीने की कीमत को कोई समझने वाला नहीं है. बिहार में दिनेश आनंद को ब्यूरो  प्रमुख का प्रभार दिया गया. इसके बाद 38 जिलों में स्ट्रिंगर रखे गए. दो साल तक ये स्ट्रिंगर काम करते रहे और पेमेंट का इंतजार उम्मीद भरी नजरों से करते रहे. प्रबंधन के दबाव के कारण बिना पेमेंट मिले भी न्यूज भेजते रहे. जब बिहार के प्रत्येक स्ट्रिंगर का चालीस हजार से लेकर साठ हजार रुपये चैनल पर बकाया हो गया तब अचानक दिसम्बर 2010 में दिनेश आनंद को ब्यूरो से हटा दिया गया. उसके बाद तो जिले में आग लग जाये, घटना-दुर्घटना होती रहे, लेकिन चैनल की तरफ से कोई फीड नहीं मांगा गया. एक तरह से चैनल के वरिष्ठों ने मन ही मन स्ट्रिंगरों को बकाया न देने और उनसे काम न लेने का फैसला ले लिया था.

स्ट्रिंगरों ने जब डेस्क पर फोन करना शुरू किया तो जवाब मिला कि बिहार की किसी एजेंसी से हम खबर लेते हैं, स्ट्रिंगरों को खबर भेजने की कोई जरूरत नहीं. उसके बाद तो बिहार के 38 जिलों के हम रिपोर्टरों के पेट्रोल से लेकर नेट खर्च तक के लाखों रुपये सीएनईबी प्रबंधन ने हड़प लिया. अब कहें तो किससे कहें. ये लोग चलते तो हैं न्यूज़ चैनल चलाने पर इन्हें गरीबों को उनकी मेहनत के पैसे देने में शर्म आती है. बिना किसी सूचना के स्ट्रिन्गर को हटाना, पेमेंट हड़प लेना... ये कहां तक उचित है. अगर इस चैनल की कैपिसिटी नहीं थी तो क्यों स्ट्रिन्गर रखा और जब स्ट्रिंगरों से काम नहीं लेना था तो उन्हें उनका बकाया भुगतान कर उन्हें प्रापर तरीके से सूचित करना चाहिए था.

सीएनईबी जैसे चैनल से हम नौजवान स्ट्रिन्गरों को सबक मिला है. कायदे से सरकार को हर चैनल को यह निर्देश जारी करना चाहिए कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी लोगों को समय से सेलरी व बकाया दें. और, सेलरी सबको समय से मिली या न मिली, इसकी रिपोर्ट हर महीने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भेजी जानी चाहिए. हम स्ट्रिंगर जो आंधी, तूफान, बरसात, सर्दी... हर मौसम में हर दुश्वारी झेलकर अपनी खबर चैनल के मुख्यालय को भेजते हैं पर बदले में हमें कुछ नहीं मिलता. ये करोड़पति कहे जाने वाले चैनल के मालिक पीछे मुड़कर भी नहीं देखते. सीएनईबी चैनल के मालिकों और संपादकों को बिहार के 38 जिलों के रिपोर्टरों व स्ट्रिंगरों की आह लगेगी. इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता.

रजनीश कुमार
स्ट्रिंगर
सीएनईबी न्यूज
समस्तीपुर
बिहार
फोन नंबर- 07549844005
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