अन्ना हजारे को विनायक सेन का समर्थन

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हाल ही में जेल से रिहा हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता डा. विनायक सेन ने अन्ना हजारे के आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है। सीएनईबी के साप्ताहिक शो क्लोज एनकाउंटर में वरिष्ठ पत्रकार किशोर मालवीय के साथ खास बातचीत में डा. सेन ने कहा कि इस आंदोलन से देश को फायदा होगा। अपने उपर देशद्रोह के लगे आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा कि 'ट्रायल कोर्ट ने मुझे राजद्रोह का दोषी करार दिया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजद्रोह का मामला बनता ही नहीं है। अब जो है सबके सामने है।'

उन्होंने कहा कि राजद्रोह कानून में सुधार होना चाहिए क्योंकि यह औपनिवेशिक काल की निशानी है। हम स्वाधीन देश के स्वाधीन नागरिक हैं तो उसके अनुरुप हमारा कानून होना चहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या आपकी जान को खतरा है, विनायक सेन ने कहा कि 'मेरे ऊपर निगरानी रखी जाती है, मेरे कम्युनिकेशन पर निगाह रखी जाती है मेरा कोई व्यक्तिगत दुश्मन तो है नहीं। ये एनकाउंटर बात स्पष्ट है कि खतरा कहां से है? यह खुद बयान कर रहा है कि ये निगरानी छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से रखी जा रही है।'

सेन ने किसी भी नक्सली नेता से मिलने की बात से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मैं जेल में कुछ लोगों से मिला हूं लेकिन खुले रूप में किसी नक्सली से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सान्याल से मुलाकात एक नक्सली नेता के रूप में नहीं एक कैदी के रूप में जेल की निगरानी में और पुलिस की अनुमति से मिला। सेन ने कहा कि देश में हर तरह की हिंसा खत्म होनी चाहिए जिसमें ढांचागत हिंसा भी शामिल है। जब तक यह खत्म नहीं होगी तब तक हम बराबरी के हालात में नहीं जी सकते।

सेन ने न्यायपालिका में निचले स्तर पर भ्रष्टाचार पर उंगली उठाते हुए कहा कि हमारी न्यायप्रणाली में निचले स्तर पर गरीब लोगों को न्याय नहीं मिल पाता है। ये टेंशन का एक बहुत बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि जैसे भ्रष्टाचार को लेकर जन आंदोलन चल रहा है उसी तरह निचली अदालतों, डिस्ट्रिक कोर्ट तक जनता की निगरानी की संवैधानिक व्यावस्था होनी चाहिए। सीएनईबी के इस शो का प्रसारण 8 मई रविवार शाम 7बजे होगा जबकि इसका दोबारा प्रसारण मंगलवार रात 9:30 बजे होगा। प्रेस रिलीज


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