रहस्यमय चुप्पी के बाद अब अमर टेप बजाने लगे कुछ न्यूज चैनल

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अमर सिंह के टेप पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट द्वारा कल हटा लिए जाने के बाद अभी तक रहस्यमय चुप्पी साधे रहे न्यूज चैनलों में से कुछ ने अब जाकर अमर टेप बजाना शुरू किया है. शुरुआत की स्टार न्यूज ने. आज साढ़े नौ बजे से स्टार न्यूज पर अमर टेप का प्रसारण शुरू हो गया. दीपक चौरसिया की एंकरिंग में अमर सिंह का टेप सुनाया जाता रहा और टेपों की व्याख्या विजय विद्रोही करते रहे. उधर, एनडीटीवी पर रवीश कुमार और अभिज्ञान प्रकाश की एंकरिंग में अमर सिंह के टेप पर बातचीत शुरू हुई.

रवीश कुमार ने एंगल ये उठाया कि अमर सिंह की सीडी की कुछ बातें शांति भूषण वाली सीडी में है, इसलिए सीडी के खेल से सावधान. इस कार्यक्रम में अमर सिंह की भी प्रतिक्रिया ली जा रही थी. पर एनडीटीवी का कार्यक्रम जंचा नहीं. रवीश कुछ भटके हुए से लगे. कुछ दबाव में दिख रहे थे. आखिर इन्हें ये क्यों नहीं समझ में आ रहा कि सीडी में जो कंटेंट है, वो कितने महत्वपूर्ण है. इस कंटेंट से दरअसल देश के असली लोकतंत्र का नजारा सामने आ रहा है जहां कुछ राजनेता किस तरह से उद्योगपतियों, जजों आदि को मैनेज कर अपने हित में, अपनी राजनीति के हित में इस्तेमाल करते हैं. मुलायम सिंह यादव की जो बातचीत है, अनिल अंबानी की जो बातचीत है, नौकरशाहों की जो बातचीत है, जेपी गौड़ की जो बातचीत है, उसे सुने और समझे बिना कोई भी आम नागरिक इस देश के नेताओं के असली चरित्र और चाल को नहीं समझ सकता.

अमर सिंह तो एक प्रतीक हैं. अमर सिंह के बहाने भारतीय राजनीति का कचरा, जो अंदर ही अंदर पक कर इकट्ठा हो गया है, सामने आ रहा है और इस कचरे का प्रदर्शन किया जाना चाहिए ताकि नेताओं के असली रंग-रूप को लोग समझ सकें. इसलिए मुझे निजी तौर पर स्टार न्यूज का कार्यक्रम शानदार लगा, एनडीटीवी का मैनेज्ड प्रोग्राम था. अमर सिंह की बात को, बयान को प्रमुखता से देना चाहिए, इससे किसी को दो-राय नहीं होगी क्योंकि पीड़ित को, आरोपी को अपनी बात रखने का पूरा हक है, लेकिन ये अधिकार एनडीटीवी को किसने दिया कि वह सीडी में जो कंटेंट है, उसकी बात किए बिना सीडी बनाए जाने का डर सबमें पैदा करने लगा.

भई, इस देश की जनता तो रोज मुंह फाड़ फाड़ कर अपनी बात कहती है, उसकी सीडी बनाओ या न बनाओ, लेकिन नेताओं की जो असली आवाज है, असली चेहरा है, उसे तो दिखाया जाना चाहिए ताकि इस भ्रष्ट व्यवस्था से उम्मीद बांधे लोगों को हकीकत पता चल सके. पर इसके बावजूद अमर सिंह की सीडी पर चर्चा न्यूज चैनलों पर शुरू हुई है, इसका स्वागत किया जाना चाहिए. और अमर सिंह सीडी प्रकरण को सबसे पहले भड़ास4मीडिया ने उठाकर, प्रसारित कर यह साबित किया है कि आने वाले दौर में वैकल्पिक मीडिया ही जनता की मीडिया होगी. बाकी बड़े बड़े धंधेबाज न्यूज चैनल असली खबरों पर चुप्पी साधे रहेंगे या तब दिखाएंगे जब उन्हें ये एहसास हो जाएगा कि उससे उन्हें या उनके संस्थान को कोई खतरा नहीं है.

भ्रष्ट व्यवस्था के भय से, आतंक से डरे न्यूज चैनलों और अखबारों से आप क्या उम्मीद करेंगे. देखना है कि आने वाले दिनों में दूसरे न्यूज चैनल अमर सिंह की सीडी प्रसारित करते हैं या नहीं. निराशा की बात ये है कि जो नए व छोटे न्यूज चैनल हैं, वे भी अमर सिंह की सीडी पर चुप्पी साधे हुए हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि ज्यादातर छोटे व नए न्यूज चैनलों का प्रबंधन अमर सिंह से ओबलाइज है इसलिए इस मौके पर पत्रकारिता भूल कर दोस्ती-यारी निभा रहे हैं. वैसे, यह सब जानते हैं कि अमर सिंह मीडिया वालों की तिड़ी का चिक्का बनाकर रखते हैं, मालिकों को पटाकर रखते हैं, मीडिया संस्थानों को ओबलाइज करके रखते हैं. इसलिए कम ही मीडिया हाउसों में ये हिम्मत है कि वे अमर सिंह की सीडी दिखा सकें. अगर आपको भी कोई नामधारी न्यूज चैनल अमर सिंह की सीडी का प्रसारण करते दिखे तो जरूर उसका जिक्र करिएगा.

अमर की मीडिया हाउसों के साथ दोस्ती का अंदाजा इस बात से भी लग जाता है कि बिपाशा बसु और अमर सिंह की बातचीत को नवभारत टाइम्‍स ने कल शाम अपने पोर्टल पर जारी किया था, लेकिन आज सुबह उसे डिलीट कर दिया. ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो दोनों पेज से गायब कर दिए गए. नवभारत टाइम्‍स के पोर्टल पर बिपाशा-अमर की बातचीत वाली स्‍टोरी पर के लिंक पर क्लिक करने पर कोई कंटेंट नहीं मिल रहा था. जाहिर है, किसी उप संपादक ने या संपादक ने गलती से इसे डाल दिया होगा और मैनेजमेंट तक खबर पहुंचने पर उसे हड़का कर खबर को डिलीट करा दिया गया होगा. ये है अपने नामधारी अखबारों का चरित्र.

यशवंत

एडिटर

भड़ास4मीडिया

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Comments (4)Add Comment
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written by धीरेन्द्र, May 14, 2011
मीडिया में भी बिके लोग हैं इन्हीं के हाथों...
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written by gautam, May 13, 2011
lekin star news ne patrkaron prabhu chawla ki bat chit aur m j akbar aur arun puri wala hissa nahin chalaya is par bhi yaswant babu likhtye to acha hota.
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written by Ashok Bansal, May 13, 2011
Well written.Amar Singh is one name.There are many who are following the dirty path of Amar Singh.We should expose them.
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written by Dinesh Joshi, Bhopal. [email protected], May 13, 2011
Patrika Ne kal first page par amar singh ki khabar aur Andar k page par bipasha, Anil ambani aur Mulayam singh se batchit k ansh prakashit kiye the. M.P. k aur kisi akhabar ne itna sahas nahi dikhaya.

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