वीओएन न्यूज चैनल के पीछे पड़े उत्तराखंड के नेता और अफसर!

E-mail Print PDF

देहरादून प्रशासन ने देहरादून शहर में वीओएन चैनल का प्रसारण दो बार रुकवाकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला किया है। 14 मई से देहरादून में वीओएन का प्रसारण प्रशासन ने केबल में रुकवा दिया ताकि सच्चाई को दबाया जा सके. इसके खिलाफ मीडिया के लोगों ने सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया. पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी समेत कई लोगों ने धरना स्थल पर आकर मीडिया पर अंकुश की खिलाफत की है.

मीडिया समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र भसीन ने धरनारत पत्रकारों को आश्वस्त किया कि सरकार ने ऐसा क्यों किया और किस स्तर से किया गया, इसका पता कर मामले को जल्द निस्तारित किया जाएगा. लेकिन पत्रकारों ने प्रसारण शुरू होने तक विरोध जारी रखने का एलान कर दिया है. देहरादून से प्रसारित हिन्दी समाचार चैनल वॉयस ऑफ नेशन उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के लिये गले की हड्डी बना हुआ है. चैनल ने विगत दो माह के भीतर एक के बाद एक खुलासे करके कई अधिकारियों को जनता के सामने कटघरे में खड़ा कर दिया है.

नानघाट पेयजल योजना के निर्माण में धांधली, कैग रिपोर्ट में पकड़ी गई वित्तीय अनियमितता, बाबा रामदेव के गायब गुरु का मामला, सड़क निर्माण में धांधली, ढैंचा फर्जी बीज वितरण में करोंडों का घोटाला, बाल विकास विभाग में एक्सपायरी डेट के नमक खरीद और भुगतान, पेट्रोल पंपों में घटतौली, मृत व्यक्तियों के नाम पर स्टांप वैंडरिंग, महिला नेत्रियों द्वारा नौकरी दिलाने के नाम पर लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश और उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार द्वारा फर्जी दस्तावजों के तहत नौकरी पाने की पड़ताल समेत कई मामले खोले हैं जिसके बाद चैनल पर लगातार ईमानदार खबरों को बंद करने के लिये दबाव बनाने की कोशिश की गई.

जब चैनल ने अपनी मुहिम जारी रखी तो अंततः 14 मई 2011 को चैनल का प्रसारण देहरादून में चार घंटे तक दोपहर में रोका गया. शाम को जब चैनल ने जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में चल रहे गड़बड़झाले का खुलासा किया तो फिर से केबलों के जरिये प्रशासन ने चैनल का प्रसारण रुकवा दिया गया. वीओएन के समाचार सम्पादक राजीव रावत ने कहा कि सवाल यह है कि चैनल के प्रसारण को देहरादून में रोका गया, वह भी बगैर किसी नोटिस या लिखित आपत्ति के. क्या उत्तराखंड प्रशासन लोकतंत्र से ऊपर है जो चौथे स्तंम्भ का गला घोंटने का प्रयास कर रहा है या प्रशासन यह तय करेगा कि कौन सा समाचार आने चाहिये और कौन सा नहीं?


AddThis