उपेंद्र राय को लेकर अफवाहों का दौर जारी

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सहारा मीडिया के डायरेक्टर न्यूज उपेंद्र राय के बारे में तरह-तरह की अफवाहें कई दिनों से उड़ रही हैं. कभी इनको सहारा से निकाले जाने की चर्चा उड़ती है तो कभी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने की. कभी चर्चा उपेंद्र राय के अंडरग्राउंड हो जाने की होती है. लेकिन अब तक सारी अफवाहें झूठ साबित हुई हैं. ताजी चर्चा उपेंद्र राय के डिमोशन की है. चर्चा के मुताबिक सहारा मीडिया के सर्वेसर्वा उपेंद्र राय को सहाराश्री के एमसीसी (मैनेजिंग वर्कर्स कारपोरेट कोर) से अटैच कर दिया गया है.

इस एमसीसी में सहाराश्री के प्रबंधन से जुड़े कोर कमेटी के लोग सदस्य होते हैं. एमसीसी का मुख्यालय लखनऊ में है और इसके कैंप कार्यालय लखनऊ, दिल्ली व मुंबई में स्थित हैं. चर्चा है कि उपेंद्र राय द्वारा 2जी स्कैम मामले में जांच प्रभावित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी राजेश्वर सिंह को रिश्वत देने के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के कोप से बचने हेतु सहाराश्री सुब्रत राय सहारा ने कार्रवाई करते हुए उन्हें मीडिया से हटाकर एमसीसी के साथ संबद्ध कर दिया है. सहारा से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्र इस खबर को कनफर्म तो कर रहे हैं लेकिन सभी का कहना है कि इस बारे में अभी तक कोई आंतरिक निर्देश या लेटर जारी न होने के कारण कुछ भी पुष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता.

वहीं, उपेंद्र राय से जुड़े करीबी लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2जी स्कैम मामले के खुद संज्ञान में लेने और जांच को मानीटर किए जाने के कारण उपेंद्र राय के फंसने की पूरी आशंका है. इसी वजह से सहारा समूह यह संदेश देना चाहता है कि उसने गलत कार्य करने वालों को दंडित कर दिया है. पर उपेंद्र राय पर कार्यवाही इतना आसान नहीं है. सहारा समूह के ढेर सारे राज जानने वाले उपेंद्र राय को सहाराश्री सुब्रत राय सहारा का विश्वस्त माना जाता है और यह भी कहा जाता है कि उपेंद्र राय ने जो कुछ किया वह सब सहारा समूह के हित में, सहारा के शीर्षस्थ लोगों के संज्ञान में लाकर किया. ऐसे में अगर सहारा प्रबंधन की कार्यवाही से नाराज होकर उपेंद्र राय मुंह खोलते हैं तो बड़ा नुकसान सहारा समूह का होगा. तब संभव है कि सहारा प्रबंधन उपेंद्र राय को भरोसे में लेकर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करे ताकि सहारा की लाज भी बच जाए और उपेंद्र राय को बुरा भी न लगे.

जो भी हो, इन दिनों सहारा समूह में उपेंद्र राय की ही चर्चा है. उपेंद्र राय से पीड़ित सैकड़ों लोग जहां उपेंद्र राय को सहारा से निकलवाने में लगे हैं तो सहारा प्रबंधन उपेंद्र राय को किसी भी कीमत पर खोने को तैयार नहीं है. भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि उपेंद्र राय के खिलाफ सहारा में कोई कार्रवाई होना मुश्किल है क्योंकि उपेंद्र राय सहारा के कई मामलों को उपरी स्तर पर फैसलाकुन मोड़ पर ले जा चुके हैं और काफी कुछ अब उनके ही हाथ में है. ऐसे में सहारा उन्हें बाहर निकालकर या डिमोट कर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता.

कुछ लोगों का कहना है कि आज रात आठ बजे तक सहारा में उपेंद्र राय की किस्मत को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ था. आईपीएल में पुणे वारियर्स का मैच होने के कारण सहारा के उच्च पदाधिकारियों की टीम दिल्ली में डेरा डाले हैं. संभव है आज देर शाम कोई फैसला उपेंद्र राय के बाबत हुआ हो. फिलहाल उपेंद्र राय को लेकर जो चर्चाएं हैं, जो अफवाह है, उसमें दम कितना है यह तो वक्त बताएगा लेकिन सहारा में इन दिनों उपेंद्र राय गले की फांस बन चुके हैं जिन्हें निगलना और उगलना, दोनों सहारा प्रबंधन के लिए काफी कष्टकारी साबित हो रहा है.

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