सही खबर दिखाना ईटीवी संवाददाता को महंगा पड़ रहा

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ईटीवी रिपोर्टर राहुल देव सोलंकी: जिलाधिकारी ने पीठासीन पदाधिकारी को मारा थप्पड़ : खबर दिखाने पर डीएम ने चैनल को भेजा नोटिस : चैनल ने डीएम के आगे घुटने टेके, संवाददाता को प्रताड़ित किए जाने का दौर शुरू : समस्तीपुर (बिहार) के जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने 12 मई को पंचायत चुनाव के आठवें चरण के दौरान एक पीठासीन अधिकारी को थप्पड़ मार दिया.

समस्तीपुर प्रखंड के कोरबद्धा गॉंव में बूथ संख्या 245 पर चुनाव कार्य के दौरान डीएम कुन्दन कुमार पहुंचे तो वहां के पीठासीन पदाधिकारी हरीकांत राय (शिक्षक) बिना परिचय-पत्र के दिखे. इस पर डीएम ने पीठासीन अधिकारी बने शिक्षक को थप्पड़ जड़ दिया और भद्दी-भद्दी गालियां दी. घटना के बाद मतदान केन्द्र पर दहशत का माहौल व्याप्त हो गया. कतार में खड़े मतदाता डरे-सहमे भाग खड़े हुए.

हालांकि पीठासीन पदाधिकारी ने डीएम को बताया था कि उनका परिचयपत्र प्रखंड कार्यालय ने जारी किया ही नहीं. परन्तु जिलाधिकारी ने परिचय-पत्र निर्गत करने वाले जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई करने की जगह पीठासीन अधिकारी को ही निशाना बना दिया. वैसे भी, अगर पीठासीन पदाधिकारी बिना परिचय पत्र के तैनात थे तो उसके खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग या उससे संबंधित विभाग को लिखकर कार्रवाई की जा सकती थी. लोगों ने किसी आईएएस द्वारा कानून हाथ में लेकर शिक्षक को थप्पड़ मारने और भद्दी गालियां देने की घटना को शर्मनाक करार दिया.

इस न्यूज को ईटीवी, मौर्य टीवी, साधना न्यूज, महुआ एवं ताजा न्यूज चैनलों ने प्रसारित किया. प्रभात खबर, दैनिक हिन्दुस्तान और सन्मार्ग दैनिक अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. नजीता, हकीकत उजागर होते देख जिलाधिकारी कुन्दन कुमार आग बबूला हो गये और अपने प्रतिनिधि जिला सूचना सम्पर्क अधिकारी के सहयोग से मोबाईल से फोन कर सभी ईटीवी रिपोर्टर की नौकरी खाने वाला डीएम कुंदन कुमारपत्रकारों पर खबर न चलाने का दबाव देते रहे. इसके बावजूद भी इस खबर को पत्रकारों ने प्रमुखता से लिया. खबर दिखाए जाने से क्रुद्ध जिलाधिकारी ने ईटीवी संवाददाता राहुल देव सोलंकी के खिलाफ एक नोटिस पटना कार्यालय भेज दिया.

पटना के वरीय पत्रकारों ने राहुल को 24 घंटों का मोहलत देते हुए नोटिस के जरिए लगाए गए सभी आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा.  राहुल 20 घंटों के भीतर सभी साक्ष्यों के साथ पटना ईटीवी कार्यालय पहुंचे. पिछले कई दिनों से लगाये गये अभियोग और साक्ष्य की जांच हो रही है. नतीजा अभी नहीं आया है.

जिलाधिकारी ने राहुल पर विवादित रहने का हवाला दिया है कि उनके उपर नगर थाने में दो सनहा दर्ज है. पर यह बात भी सभी जानते हैं कि सनहा भी जिलाधिकारी के आचरण वाले तत्कालीन नगर थाना इन्सपेक्टर अनिल कुमार सिन्हा ने  गुप्त रूप से दर्ज कर दिया था.  इसलिए कि संवाददाता ने उनके काले करतूतों की पोल खोली थी. इन्सपेक्टर संवादाता ही नहीं, सदर डीएसपी राजीव रंजन, तत्कालीन रेल कमांडेन्ट महेन्द्र सिंह, मुफसिल थाना अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह पर भी कई सनहा दर्ज कर चुके हैं.

डीएसपी राजीव रंजन ने विभागीय लापरवाही वर्दाश्त नहीं की तो सनहा हुआ. कमांडेन्ट ने रेल माफिया और नगर इंस्पेक्टर पर लगाम लगाई तो उन पर सनहा हुआ. जिस इंस्पेक्टर ने सनहा और पावर का दुरुपयोग किया, उसकी जांच कराने की बजाय जिलाधिकारी ने गलत सनहा का सहारा लेकर संवाददाता पर आरोप जड़ दिया. देखना है कि इस पूरे प्रकरण में क्या होता है लेकिन सूत्रों का कहना है कि ईटीवी प्रबंधन ने जिलाधिकारी के आगे झुकते हुए अपने रिपोर्टर को हटाने का आदेश जारी कर दिया है. इससे कलम के सिपाहियों में रोष है.


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