आजाद के गौरी ने हड़पे मेरे 35,000 रुपये

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मनीष दुबेइस बात को शायद मैं कहता नहीं, या कह न पाता! पर इन दिनों थोडा परेशानी में हूँ, इस कारण दिल की टीस उभर कर जुबान पर आ गई! और भड़ास जैसा माध्यम हो, जिसने सबको अपनी बात रखने का जरिया और प्लेटफ़ॉर्म इजाद किया है, काबिले तारीफ़ है! इस घटनाक्रम को हुए अभी ज्यादा दिन नहीं बीते हैं!

और मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ आज भी अगर आप गौरी के सामने मेरा नाम ले देंगे, तो हो सकता है की उनके शरीर के एक-एक रोयें पर सिहरन मच उठेगी! पत्रकारिता करने का नया-नया उन्माद चढ़ा था उन दिनों. गौरी के अनुसार ज्यादा दाँवपेंच मालूम नहीं थे मीडिया के बारे में मुझे! उत्तर प्रदेश के शहर कानपुर का निवासी हूँ! जैन टीवी में रिपोर्टिंग करने के बाद काम न होने की कमी से बेरोजगारी काट रहा था! तभी मेरे एक सहयोगी (जो की काफी सरल और सच्चे व्यक्तित्व के इंसान हैं) स्वप्निल शुक्ल जी के माध्यम से आजाद न्यूज़ के कमलकांत गौरी से संपर्क हुआ. धीरे-धीरे बातचीत का दौर शुरू हुआ! इन्होंने मुझे लच्छेदार बातों में कैच कर लिया! फिर कैश कर भी लिया! बात जनवरी में पहले सप्ताह की है! मैं और मेरे सहयोगी स्वप्निल शुक्ल जी जनवरी की उस ठण्ड में नॉएडा पहुँच गए! इन्होंने कानपुर में बतौर रिपोर्टर नियुक्त करने के एवज में मुझसे 35,000 रुपये की रकम ऐंठ ली! मैंने 35,000 रुपये सीधे तौर पर आजाद न्यूज़ के सेक्टर 5 स्थित कमलकांत गौरी के केबिन में उनके हाथों में दिया था! उस समय कमलकांत के कथित सहयोगी दीपक मेहरा भी वहां मौजूद थे!

गौरी साहब मुझे आज भी आपसे कोई गिला, शिकवा नहीं है! क्योंकि शायद मेरी ही गलती थी जो मैं आपके जाल में आ गया! पर आज वाकई मेरी स्थिति ख़राब है! पर हाँ यहाँ एक बात जरूर कहना चाहूँगा गौरी साहब, मेरा हौसला अभी टूटा नहीं है, वो पत्रकारिता का उन्मादी बुखार आज भी अंगड़ाई ले रहा है मेरे अन्दर! और एक बात आपकी जानकारी के लिए, पिछले २ महीने से दिल्ली में हूँ, एक अखबार में काम कर रहा हूँ! आगे आने की इच्छाशक्ति भी है, हौसला भी है! बस रहने के लिए रूम नहीं है, खाने पीने का भी कोई उचित साधन भी जैसे तैसे जुटाना पड़ रहा है! धीरे धीरे सारे पैसे भी ख़त्म हो चुके हैं! तब मेरे मन में ख्याल आया कि अगर आप न मिले होते मुझे मेरे करियर में! गौरी साहब, आप जैसे लोग ही मीडिया का चेहरा भयावह कर देते हैं!  किसी को आगे पुश नहीं कर सकते तो, कम से कम उसका शोषण तो मत करो यार! कितने दिन ऐश करी होगी अपने उन रुपयों से! और कितने मुर्गे फंसते होंगे! ये मत किया करो यार, ऊपर भगवान नाम की भी कोई चीज़ है कि नहीं! आप तो अपने एयर कंडीशन कैबन में 1, 2  घंटे काम करते हो, बड़ी जगह बैठ के मजे करते हो, मुझसे पूछो कैसे क्या अरेंजमेंट करता हूँ या करूँगा!

यशवंत सर, अनिल जी, मैं इस मेल के साथ गौरी के द्वारा दिए गए प्रेस कार्ड की कॉपी आपको सेंड कर रहा हूँ, अथोरिटी लैटर तो मेरे पास मौजूद नहीं रहा! और एक गुजारिश है, इसे अगर हो सके तो अपने पोर्टल पर प्रकाशित जरूर कर दीजियेगा, आपका आभार होगा मुझपे!

मनीष दुबे
नई दिल्ली 
08130073382 
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