सहारा का चमत्‍कार : निफ्टी को पहुंचाया 53 हजार के पार

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खबरों से सबसे पहले ब्रेकिंग न्‍यूज के रूप में दर्शकों के सामने पहुंचाने के चक्‍कर में चैनल दर्शकों को कितनी गलत खबरें देते हैं इसका कोई निश्चित आंकड़ा उपलब्‍ध नहीं हैं.  पर तमाम छोटे-बड़े चैनलों पर हड़बड़ी में गलत शब्‍द, गलत सूचनाएं लोगों को देखने को मिलती हैं. अब तो खैर क्‍या ब्रेकिंग है क्‍या ब्रेकिंग नहीं है इसकी परिभाषा को समझना ही मुश्किल है. ऐसी ही एक गलती किया सहारा समय और सहार बिहार-झारखंड ने.

ब्रेकिंग न्‍यूज जल्‍द से जल्‍द पहुंचाने के चक्‍कर में सहारा समय और सहारा बिहार झारखंड ने एक गलत सूचना ब्रेक कर दी. दोनों चैनल अपने ब्रेक्रिंग न्‍यूज में बता रहे थे कि सेंसेक्‍स 18000 से नीचे तथा निफ्टी 54000 से नीचे चला गया है. जबकि हकीकत इससे इतर है. निफ्टी ज्‍यादातर समय दस हजार से नीचे ही सिमटी रहती है. आज तक निफ्टी ने कभी दस हजार के आंकड़े को पार नहीं किया, लेकिन सहारा के दोनों चैनल निफ्टी को जबरिया 54000 के आंकड़े तक पहुंचा कर चमत्‍कार कर दिया था.

इस गलती की तरफ किसी भी वरिष्‍ठ या कनिष्‍ठ पत्रकार का ध्‍यान नहीं गया. काफी देर तक ब्रेकिंग के रूप में यह खबर चलती रही. जानने वाले लोग और तमाम दर्शक इस ब्रेकिंग न्‍यूज को देखकर सहारा में काम करने वालों की बुद्धि पर तरस खाते रहे, पर सहारा वालों ने ब्रेकिंग न्‍यूज के रूप में झूठा ही सही निफ्टी को 54000 तक पहुंचाकर अपने चमत्‍कारित ताकत को तो दिखा ही दिया.

सहारा

सहारा

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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