राणा यशवंत ने जमा दिया महुआ न्यूज को

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: टीआरपी में नंबर वन : कई लोगों के इस्तीफे : महुआ न्यूज चैनल के लिए राणा यशवंत का आगमन शुभ रहा. चैनल में धार आ गई है. महुआ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आजतक में वरिष्ठ पद पर कार्यरत राणा यशवंत ने इस्तीफा देकर जब महुआ चैनल में बतौर हेड ज्वाइन किया तो बहुतों को ये आशंका थी कि वे यहां के बिगड़े आंतरिक माहौल,  अराजक व अस्थिर मानसिकता वाले प्रबंधन के बीच कैसे तालमेल बिठा पाएंगे और कुल कितने दिन चल पाएंगे.

लेकिन कुछ महीने बात जाने के बाद जब नतीजे की बात करें तो पता चलता है कि महुआ न्यूज चैनल में धार वापस आ गई है. टीआरपी में लगातार महुआ न्यूज नंबर वन आ रहा है. आजतक से इस्तीफा देकर आउटपुट हेड के रूप में महुआ न्यूज में आए रंजीत कुमार का फरफारमेंस जबर्दस्त है. वे महुआ मुहिम और बहस लाइव जैसे प्रोग्राम का बतौर एंकर व माडरेटर संचालन कर रहे हैं. ये दोनों प्रोग्राम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. महुआ मुहिम रोजाना शाम चार से पांच बजे दिखाया जाता है जबकि बहस लाइव शाम को साढ़े आठ बजे से.

राणा यशवंत ने आते ही कई काम किए. न्यूज रूम में शीर्ष लेवल पर नए व तेजतर्रार लोगों को बिठाया. बाकी पुरानी टीम ही काम कर रही है. प्रोग्राम री-शिड्यूल किए. चैनल के फार्मेट में बदलाव किया. खबरों को मारक ढंग से चलाने का काम शुरू किया. उनसे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ खबरें नहीं चलाई जाती थी लेकिन अब नीतीश के खिलाफ खबर होने पर उसे पूरी ताकत व तेवर के साथ दिखाया जाता है. इसका असर टीआरपी पर पड़ा है.

बिहार की जनता का भरोसा फिर से महुआ न्यूज पर जमने लगा है. प्रोफेशनल तरीके से काम करने और कराने वाले राणा यशवंत अभी तक तो अपने मिशन में सफल दिख रहे हैं. और, एक बड़े न्यूज चैनल से इस्तीफा देकर छोटे व रीजनल न्यूज चैनल में आकर जो चैलेंज उन्होंने स्वीकारा उसमें वे काफी हद तक कामयाब हो रहे हैं. देखना है कि यह टेंपो वह कितने दिन बनाकर रख पाते हैं.

इस बीच, महुआ से कुछ लोगों के इस्तीफा की भी सूचना है. बताया जा रहा है कि महुआ यूपी ब्यूरो चीफ कुमार सौवीर ने इस्तीफा दे दिया है. वे चैनल के साथ लांचिंग से जुड़े हुए थे. सूत्रों के मुताबिक पिछले महीने वे दिल्ली आकर अपना इस्तीफा सौंप गए. उनकी जगह पर यूपी का हेड किसे बनाया गया है, यह पता नहीं चल पाया है. महुआ न्यूज में एसोसिएट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत शिखा सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. वे नए लांच हुए जीएनएन न्यूज के साथ जुड़ गई हैं. महुआ न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत धनंजय सिह ने भी इस्तीफा दे दिया है. वे आउटपुट में काम कर रहे थे. उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया और कहां ज्वाइन करने वाले हैं, यह पता नहीं चल पाया है. गेस्ट कोआर्डिनेटर के रूप में कार्यरत चंद्रभूषण तिवारी से इस्तीफा ले लिया गया है. चंद्रभूषण तिवारी को अंशुमान तिवारी का करीबी माना जाता है.


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Comments (16)Add Comment
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written by kumar, October 17, 2011
बर्बादी के कगार पर महुआ न्यूज़
पि के तिवारी लगता है पागल हो चुके है /दिवाली की बददुआ तो लगनी ही है सोमवार को ५० लोगो की लिस्ट बन चुकी है और कोई कभी भी निकला जा सकता है
/राणा और भूपी ने महुआ को बर्बाद कर दिया और साहब पि के तिवारी आपने नाम के अनुरूप मस्त है
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written by DESUJA.Patna, September 30, 2011
Rana Patna jis hotel main ruke thhe waha keya-keya khel huwa yeh bata diya jay to wo kahi muh dikhane ke layek nahi rahenge. Bhuppi v wahi khel khelne aya thha. sara intjam unke champuwo ne kiya tha. PK Tiwari ke sath unki jori isleye jam rahi hai keyo ki Tiwari v ushi rah ke musaphir hai. Ram milaye jori.antar yahi hai ki Tiwari Maurya main khelte hai , Rana patliputra main aur Bhuppi chanakya main.
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written by A B S Pandey, September 27, 2011
apko kya kya ho gaya hai yashwant jee, vigyapan ke tour par yah khabar hai to thik hai, anyatha, aap to aose dalal ki prashansha kar rahe hain jo patrakarita ki aatma ko hi khatma karne ki koshish kar raha hai, ise to kahi dalali ka kam karna chaheye tha. par kar raha hai patrakarita, khair aap ko to bihar-jharkhamd ki pichhle teen saptah se girte trp ko dekh kar bhi is tarah ke news bhadas par chalana chaheye tha.
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written by A B S Pandey, September 26, 2011
yashwant jee apko kya ho gaya hai. lagta hai aap bhads4 media ki hal bihar ke akhbar wali to nahi karne ja jahe hain. mahua ka hal to bihar-jharkhand me buda ho gaya hai. khabar to inko milti nahi hai, ye ab ek khabar ko teen bar chalakar samay kat rahe hain. patna me to koi guest nahi milta hai. sadak chalte logon ko studio me bulakar live hone laga hai. aap jitna rana ka prachar kejeye, abv yah chanel dubega hi. iss tarah ke lekh se aap par bhi jatpat ka aarop lag sakta hai. nahi to mahua ke stringer ko 6 mah ke bakaye betan ka bhugtan kara dejeye. noida office se bihar-jharkhand ke stringr-reporter ko gali dilwane par rok laga dejeye.
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written by A B S Pandey, September 26, 2011
Kya ho gaya hai Yashwant jee apko, Yadi apko bigyapan deya hai to achhi bat hai. nahi to trp me Bagi ki team ke jate hi mahua ka hal patna ke local chenel wala ho gaya hia.
Bechare patna ke kamjor reporter aur anjan bureau chief ko live ke leye guest milna dubhar ho gaya hai. aur aap rana ki prashansha kar rahe hain. aaj bhi bihar-jharkhand ke stringer ko 6 month se betan nahi mila hai. noida ke kuchh rana ke chamche stringer ko gali deta hai. achhe logo ko to mahua me rahna muskil ho gaya hai. aise me yashwant jee aap rana ki prashansha kar rahe hain, kahi jatpat wala mamla ka aap shikar to nahi ho gaye mere bhai.
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written by binu, muz, June 28, 2011
ha!ha!ha!ha!;smilies/sad.gif thik hai bhai log lage raho
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written by b. k. patna, June 27, 2011
महुआ न्यूज़ में इन दोनों रंगा- बिल्ला द्वारा धार देने की बात यशवंत जी आप कहते है. लेकिन जिस स्ट्रिंगरों के खबरों के बदौलत ये न्यूज़ में धार दे रहे है. लाखो रुपये महीना सैलरी पाने वाले ये लोग स्ट्रिंगरों को क्या देते है . जरा ये भी उनसे पूछ कर लिखते . सप्ताह में एक दिन छुट्टी लेने वाले और मात्र दस घंटे काम करने वाले ये दोनों और इनके मातहतो के अपेक्षा चौबीस घंटे और सप्ताह के सातो दिन काम करने वाले स्ट्रिंगरो को पैसा के नाम पर छः - छः महीने पर भीख देते है. और खुद बाबा का गुणगान कर वे और उनके मातहत लाखो महीना वेतन लेते है. यशवंत जी जिन स्ट्रिंगरो के खबरों के बदौलत आज आपको इन दोनों की जोडिया कामयाब लग रही है. उन्ही से पूछ कर जरा ये भी भड़ास पर दे की ये लोग स्ट्रिंगर्स को क्या देते है
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written by satish baetha, June 26, 2011
abye o observer ki dum !
pura dalle ho tum, asali chehara aur naam dikhane-batane ki himmat hi nahi hae tum me. darte ho ki yashwant rana aur bhuppi ki dalali karte samay tumko koi pahchaan na le. kyu, hae na yahi baat ?
jara bhi sharm aur sahas ho to mokaama wale dhananjay singh baage ki aankado ko dekh lo, tumhari aukaat dikh jayegi.
sala dalaal kahi ka !
tumhare chupaye chup payegi hakikat.
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written by Observer, June 26, 2011
Before Mr. Rana Yashwant came ...Mahuaa People were in Comfort zone which reflected in TRP downfall... Now Mr. Yashwant and Mr. Ranjeet singh have mobilizing the employees with innovative ideas and hard work. But those who r not willing to work are in trouble. Therefore they try to malign the image of Mr. Yashwant and his trouble. Good Job Mr. Yashwant, Keep it up....Mahuaa is on the right track...
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written by धनंजय सिंह बागे, मोकामा, बिहार, June 26, 2011
राणा यशवंत और उनके गुर्गों की लॉटरी लग गई है। जो लोग कभी आजतक या न्यूज24 में एंकरिंग नहीं कर पाए अब वो महुआ के कैमरे पर अपनी कुंठा निकाल रहे हैं। साढ़े 8 लाख रूपए महीने पर राणा यशवंत आए हैं, डेढ़-डेढ़ लाख रूपए राणा जी ने अपने करीबियों को दिलवाए हैं। बेचारे पीके तिवारी को मामू बना डाला है भाईलोगों ने। अगर भड़ास वाले यशवंत जी को महुआ में धार नजर आ रही है तो मैं तो यही कहूंगा कि सावन के अंधे को हरा-हरा दिखता है या फिर इस प्रेस विज्ञप्ति को बिना 'प्रेस विज्ञप्ति' टैग के छापने के लिए हथेली गर्म जरूर हुई होगी भाई की।

सप्ताह 24 और 25 के टीआरपी आंकडे देख लीजिए, पता चल जाएगा कि कौन नंबर वन है और कौन फिसड्डी।

सप्ताह 24 का विवरण
ETV Bihar- 33.96%

Mahua News- 24.84%
India News Bihar & Jharkhand- 17.52%
Sahara Samay Bihar- 11.04%
Sadhna News- 7.00%
Aryan TV- 6.07%
Hamar TV- 2.08%

सप्ताह 25 का विवरण
ETV Bihar- 17.52%
Mahua News- 14.45%
India News Bihar & Jharkhand- 14.20%
Maurya- 12.37%
Aryan TV- 7.56%
Sahara Samay Bihar- 7.38%
Sadhna News- 5.98%
Hamar TV- 0.72%

दरअसल महुआ में आजतक से आए लोग बड़े घाघ हैं। तिवारी जी की ऐसी की तैसी करने में लगे हैं। इसीलिए खुद के नंबर वन होने का ढिंढोरा पीटे जा रहे हैं। चैनल के लोगो के नीचे जो नंबर वन का टैग राणा यशवंत और उनके मुंह-दिखाऊ गुर्गे लगा रहे हैं वो झूठा है। महुआ नंबर वन नहीं है बल्कि ईटीवी नंबर वन है। महुआ ने डिस्ट्रीब्यूशन पर पानी की तरह से पैसा बहाया है और इसीलिए Mahuaa की REACH (पहुंच) बढ़कर 37% हो
गई है जबकि Sahara Samay Bihar की 33.14%, ETV Bihar32.68
%, India News Bihar & Jharkhand 31.26%, Sadhna News Bih Jharkh की 27.88%, Aryan TV की 25.54%, Maurya की 25.01% और Hamar TV की 7.41% की REACH है।

कोई चैनल उसके रिलेटिव मार्केट शेयर से नंबर वन या टू या थ्री होता है लेकिन महुआ ने दर्शकों को बरगलाया। उनसे झूठ बोला और चैनल की REACH के आधार पर खुद को नंबर वन घोषित कर डाला। ये नैतिक अपराध है। ये धोखा है। आजतक ये आए लोग अगर ऐसा ही धोखा करते रहे तो हम बिहारी दर्शक बेवकूफ नहीं हैं जल्द ही महुआ को उसकी औकात दिखा देंगे।
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written by saurabh Dixit, June 26, 2011
यसवंत जी आप से इस तरह की उमीद नहीं थी .....................

महुआ में राणा यशवंत जी के आने के बाद की इस्थिति तो आप से बेहतर बह लोग जानते है जो महुआ के साथ काम कर रहे है राणा के आने बाद पुराने और मेहनती लोगो को किनारे लगाने का काम किया है
यूपी ब्यूरो चीफ कुमार सौवीर ने इस्तीफा दे दिया है पर क्यों? कुमार सौवीर सर ने जिस तरह से महुआ को यूपी में एक नयी पहचान दी यूपी महुआ के स्टिंगर की स्टोरी दिखती थी समय पर स्टोरी का पेमेंट मिलता था पर राणा यशवंत के आने के बाद से नॉएडा ऑफिस में स्टिंगर जव स्टोरी बताता है तो उससे कायदे से बात भी नहीं की जाती है बिना स्टोरी सुने ही नहीं चाहिए बोल कर फ़ोन पटक दिया जाता है जो स्टिंगर महीने में २० से २५ खबर करते थे बह आज खाली घूम रहे है यहाँ है आज के महुआ की हालत काम तो है नहीं जो पुराने बिल बाकि भी है उनका भी पेमेंट किस हिसाब से दिया जा रहा है यहाँ तो राणा यशवंत ही बता सकते है पुराने लोग महुआ से क्यों इस्तीफा दे रहे है ?

यूपी ब्यूरो चीफ कुमार सौवीर और स्टिंगर की मेहनत से यूपी में अपनी अलग पहचान बनाने बाला महुआ को आज जिले के अधिकारी पहचानते भी नहीं है एक बह समय था जब महुआ के स्टिंगर को देख कर पुलिस के आलाधिकारी सहम से जाते थे


Saurabh Dixit
Mahua News
Shahjahanpur
UP
9450438752
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written by Rohit, June 26, 2011
यशवंत जी नाम राशि होने का अच्छा धर्म निभा रहे हैं आप... वैसे आपकी सटीक पत्रकारिता से भरी पूरी सहज और विवेकपूर्ण भाषा ने अचानक मानक ताक पर कैसे रख दिये... कुछ समझ नहीं आया... वैसे ठीक ऊपर लिखे गए कुछ सुझाव पढ़ कर इस खबर पर विज्ञापन भी प्रकाशित कर देते तो कम से कम आप पर या भड़ास पर और हस्तिनापुर से जुड़ी आपकी आस्थाओं पर सवाल नहीं उठते
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written by शिवशंकर, June 26, 2011
हो ही नहीं सकता। फर्जी बात है यह सब।
ईर्ष्‍या की खाद-पानी पर पलने वाली जहरबुझी हरकतों की फसल से आप क्‍या उम्‍मीद करते हैं कि वह अमृत पैदा करेगी। हर्गिज नहीं।
दरअसल, यशवंत राणा और भूपेंद्र नारायण भुप्‍पी अपनी ज्‍चाइनिंग से लेकर महुआ में केवल जहर ही उगल और उलीच रहे हैं। वरना क्‍या वजह है कि अपने ब्‍यूरो इंचार्जों को अपमानित करने के लिए कभी यशवंत राणा चुपचाप बिहार जाते हैं और होटलों में अपने चिंटुओं के साथ दारू पीकर उनका सीवी इकट्ठा करते हैं। लोकल स्‍टाफ को उनके आने का पता तो चल जाता है मगर आधिकारिक खबर उन्‍हें कभी नहीं मिलती। क्‍या यह उनका मनोबल तोड़ने का दुष्‍चक्र नहीं है। अरे, पुराने स्‍टाफ को चलता ही करना है तो साफ बात करो ना। अगर हिम्‍मत हो तो। इस चोरी की जरूरत क्‍या है। दूसरी ओर ओर भुप्‍पी का काम केवल नेताओं की चापलूसी और उनका चरण-चुम्‍बन करना ही है। बाकी वक्‍त में तो वह होटलों में दारू पीते ही मिल जाएंगे। पीके तिवारी का पैसा सिर्फ पीके मस्‍त रहने में ही खर्च हो रहा है। अपमानजनक व्‍यवहार की पराकाष्‍ठा की तो यह लोग नजीर बन चुके हैं। इन हरकतों ने अधीनस्‍थों को कितना परेशान किया है, जरा उनके फटे कलेजे से पूछिये।
साजिशों का पुलिंदा हैं यह दोनों। एक को वरिष्‍ठों के चरण-चुंबन और अधीनस्‍थों से अपमान करने का महारथी माना जाता है तो दूसरा ब्‍लैकमेलिंग का घुटा हुआ उस्‍ताद है जो अब पुराने लोगों के सामने अपने संबंधों की लन्‍तरानियां ही हांका करता है। आजतक से उसकी नौकरी भी तो इसी वजह से ही गयी थी, जगजाहिर है।
काश, हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री वह सीडी पत्रकारों को बांट देते, तो रही-सही चड्ढी भी उतर जाती।
फिर आप कैसे इन दोनों की तारीफ के पुल बांधने लगे यशवंत जी।
किसी आम कर्मचारी से पूछिये, इनकी करतूतें। फिर पता चलेगा कि इनकी हकीकत क्‍या है। पुराने कर्मचारियों की चार-पांच हजार की नौकरी के ऊपर भर्ती हो रहे किसी भी नये साथी की आमद लाख रूपया महीना से कम पर नहीं हो रही है। ऐसी में काम का माहौल क्‍या बनेगा, कोई भी आसानी से समझ सकता है। आखिर काम तो छोटे कर्मचारी ही करते हैं।
यशवंत जी, आप कहते हैं कि यशवंत-भुप्‍पी ने महुआ को धार दी है। कभी हकीकत के सामने आइये। बिहार में यह पांचवें पायदान पर है तो झारखंड में चौथे नम्‍बर पर। यूपी में तो यह कहीं भी दिखता तक नहीं।
और आप कहते हैं कि धार दी है इन लोगों ने।
कब क्‍या दिखाना है, इन लोगों को तो यह तक पता नहीं। दर्शकों का हुजूम इनसे किनारा कर रहा है, और आप कहते हैं कि यह धार दे रहे हैं।
हो सकता है कि दे ही रहे हों धार। मगर वह महुआ कंटेंट को नहीं, बल्कि अपने विरोधियों के गले पर रखे जाने वाले छुरे तक ही सीमित है। पूरा महुआ स्‍टाफ को कितनी आशंकाओं और अनिष्‍ट की हालातों में डाल रखा है इन दोनों ने। कोई दमदार शख्‍स अगर निकला, तो वह दिन दूर नहीं, जब यह सार्वजनिक रूप से पिट जाएंगे। बस देखते रहिये, माहौल खासे उबाल पर है और वह दिन अब दूर नहीं जब यह दोनों जिस तरह आजतक से एकसाथ आये थे, उसी तरह एकसाथ ही अस्‍पताल में भी दिख जाएंगे।
आखिर कोई कब तक सहन करेगा इनकी बदतमीजियां।
और तब, इन दोनों को बचा तो आप भी नहीं पायेंगे यशवंत सिंह जी। भड़ास को भड़ास ही रहने दो, कोई और नाम ना दो। बस यही निवेदन है हाथ जोडकर----
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written by rajesh, June 25, 2011
जी हां जब-जब टीआरपी उठानी होती है तो तिवारी जी के लिए लाइजनिंग करने वाले श्रीमान भूप्पी जी पटना जाते है...लाखो रुपये का खेल होता है...कुछ तो टीआरपी सेट करने के लिए केबुल नेटवर्क वालों को दिया जाता है और उससे कहीं ज्यादा प़केट में...सनद रहे ये वही श्रीमान भूपेंद्र नारायण सिंह जी हैं जो पहले आजतक के लिए..पंजाब और हिमाचल से रिर्पोटिंग( तथाकथित) करते थे...और शायद भूप्पी वो पहले पत्रकार थे जिनका स्टिंग राजनितीज्ञो ने करवाया था...और फिर पड़ गई थी आजतक से इनके पिछ...ड़े पर लात....पिछले दो सप्ताह जब महूआ न्यूज़ की टीआरपी धूल चाट रही थी तो भूप्पी जी ने पटना का चारदिवसीय दौरा किया..केबुल वालों के साथ सांठ-गांठ की और टीआरपी न.-1..जो काम भूप्पी लाखों में कराते हैं...वो काम कभी महूआ के इनपुट हेड मृत्यूंजय ठाकुर कुछ हजारों में करवा देते थे...राणा जी के आने से कोई खास तरक्की तो नही हूई पर हां पर आज-तक और न्यूज़24 में अपने गेटपास का इंतजार कर रहे कुछ लोगों को नौकरी मिल गई और वो भी 10 की जगह 50000 पर...
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written by sumiran, June 25, 2011
नीचे प्रेस विज्ञप्ति लिखना भूल गए
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written by राजेश पांडे, June 25, 2011
यशवंत जी,
इस खबर के कोने में कहीं पतले में एडवर्टोरियल लिख देना चाहिए।

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