मीडिया के लोगों के साथ खराब बर्ताव न करें अफसर : मायावती

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लखनऊ से खबर है कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने अफसरों को निर्देश दिया है कि वे मीडिया के लोगों के साथ कतई खराब व्यवहार न करें. उन्होंने कहा कि जो भी अफसर मीडियाकर्मियों के साथ गलत व्यवहार करने के दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी. मायावती ने ये बातें यूपी में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर अफसरों की एक बैठक में कहीं.

उल्लेखनीय है कि आईबीएन7 के शलभमणि त्रिपाठी और मनोज राजन के खिलाफ यूपी पुलिस के दो अफसरों ने मारपीट और दुर्व्यवहार किया. पत्रकारों के कड़ा विरोध जताए जाने के बाद उन दोनों अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है. इस घटना की देश भर में निंदा हो रही है. उत्तर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने शलभ और मनोज पर पुलिसिया हमले की तीव्र निंदा की. अपने साथ हुए हादसे के बारे में पत्रकार शलभ का कहना है कि वे जब सहकर्मियों के साथ सड़क किनारे खड़े थे तो उस दौरान रोड पर जाम लगा था.

तभी दो पुलिस अफसर आए और कालर पकड़ कर बोले कि गुंडागर्दी करता है, उल्टी खबरें दिखाता है. उन लोगों ने जिप्सी में डाल दिया और थाने ले गए. सीओ लगातार गाली देता रहा, साथ ही धमकी दी कि सरकार के खिलाफ खबरें दिखाना बंद कर दो वरना बुरा अंजाम होगा. पुलिसवालों ने शलभ के साथ खड़े आईबीएन7 के मनोज राजन का भी कालर पकड़ लिया पर मनोज जिप्सी से निकल भागने में कामयाब हो गए. मनोज को निकल भागते देख एएसपी बीपी अशोक और हजरतगंज थाने के सीओ अनूप कुमार ने उन्हें दौड़ा लिया. मनोज ने बाद में मीडिया के लोगों को सूचित किया. उधर, हजरतगंज थाने में अफसरों ने सिपाहियों को कहा कि शलभ को लॉकअप में बंद कर लाठियों से पीटो. पर पुलिस वालों ने पत्रकार की पिटाई करने के अपने अफसरों के आदेश को मानने से इनकार कर दिया. बाद में सैकड़ों मीडियाकर्मी थाने पहुंचे और शलभ को निकलवाने में कामयाब हुए.


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Comments (11)Add Comment
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written by KAMAL EDITOR Chardikal Time TV, July 30, 2011
First of all thanks to Mayawati coze unhone jo Prashashan ko order diye hai wo sub kabile-tarif hai, kyoki aaj kal loktantra ke chothey stambh (media) ko police walo ne samajh kiya rakha hai unka jab man aata hai to wo galat wartab karne hi karte hai....
khair jo bhi hai media person ko es order se kafi help milegi....
thanks
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written by Akhilesh Tiwari Kushinagar, July 03, 2011
अखिलेश तिवारी, कुशीनगर.......
मायावती के सरकार में पुलिस तो आकडे में क्राइम कम दिखाने के लिए मुकदमे दर्ज नहीं करती और यहाँ तक फरियादियो को थाने से भगा दिया जाता है, अगर कोई पत्रकार इन पुलिस वालो के खिलाफ कोई खबर चलाता है तो इनको मिर्ची लग जाती है, और पत्रकार भाइयो को इन पुलिस वालो के jurm का शिकार होना पड़ता है, पत्रकार अगर कोई खबर chhapataa या चलता है तो use कोई फ़ायदा नहीं होता बल्कि इससे समाज को ही फ़ायदा होता है, और buraaiya saamane aati है lekin इनको is सरकार के इशारे पर दबाने का काम पुलिस कर रही है, maayaa सरकार में हर तरफ lut ki maayaa machi hui है, और पत्रकार अगर खबर uthaataa है तो वह इनकी पोल खोल देता है, जो इनको मंजूर नहीं है, पत्रकारों के साथ आज -कल जो दुर्व्यवहार किया जा रहा है हम उसकी घोर निंदा करते है,
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जर्नलिस्ट प्रेस क्लब कुशीनगर...
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written by praween kumarr, July 02, 2011
प्रदेश की मुख्यमंत्री को सिर्फ अपनी सत्ता दिखाई दे रही ..बाकि प्रदेश में जाहे जो भी होता है होता रहे इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ...उनके ही आदेश पर उनके अधिकारी भी काम कर रहे है जो भी सच बोलेगा उसको सजा दो ये उनका नारा ....सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाये पर चलने वाली बसपा सर्कार अब सर्वजन दुखाये मेरा घर महकाए पर चल रही है ....मायावती जी ज़रा सोचिये अगर देश का चोथा स्तम्भ मिडिया के साथ आपके अधिकारियो का रविया ठीक नहीं है ....फिर जनता के प्रति कैसे होगा इसकी कहने की जरुरत नहीं ..सत्ता की भूख से पेट भर गया हो तो अब प्रदेश के लिए सोचिये ...हम भगवन से दुआ करता है की आपको सध्बुधि दे ....लखनऊ में जो मिडिया के साथ हुआ है उसकी हम घोर निंदा करते है---------------PRAWEEN KUMAR, ALIGARH#9219129243
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written by Bhagirath Sharma, June 30, 2011
Lucknow ke Reporters ki Tareef karni chahiye saath hi sabhi jagah ke reporters ko aise hi ekjut hokar rehna chahiye bhale hi news ke mamlo mein alag alag rahe.
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written by dhirendra , June 28, 2011
मनोज भैया, यह सब काम किसी की शह पर ही होते हैं, आप भी बहुत भोले लगते हो या फिर जानबूझकर ऐसा लिख रहे हो.
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written by Aik Patrkaar Hitaishi, June 28, 2011
Bhai Logo, in police walo ke talwe chatne wale patrakaro ke baare me kya khyaal hai? Thane me baith kar aik doosre patrakaron ki burai batiyana aur police walo ki kaali kartoot ko chupa kar unse hi khud ke personal kaam karwana for kisi sachche patrkaar ki pitai karwana in chatore patrkaaro ko kaam hai in chatore patrkaaro ko sabak sikhane ki aawshyakta hai..

Aaj se hi lag lo piche in chatore patrkaaro ke aur bacha lo patrkarita ko...
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written by SUNIL HANCHORIA. ETV NEWS, June 28, 2011
IBN 7 ki team par hamla sharmnak hai..aise doshi afsaro par karwai jaruri hai..jo press se jude logo ko sach dikhane par pareshan karte hai................................SUNIL HANCHORIA .ETV NEWS.SEONI M.P
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written by saurabh Mishra, June 28, 2011
कुमार सौवीर, लखनऊ ne jo likha use padh kar shram aati hai
akhir media ka lavel kyo ? itna gir raha hai ?

media me jo log hai unhe hi apne tarike is sab ko rokna hoga
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written by raghvendra kushwaha, June 28, 2011
प्रदेश की मुख्यमंत्री को सिर्फ अपनी सत्ता दिखाई दे रही ..बाकि प्रदेश में जाहे जो भी होता है होता रहे इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ...उनके ही आदेश पर उनके अधिकारी भी काम कर रहे है जो भी सच बोलेगा उसको सजा दो ये उनका नारा ....सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाये पर चलने वाली बसपा सर्कार अब सर्वजन दुखाये मेरा घर महकाए पर चल रही है ....मायावती जी ज़रा सोचिये अगर देश का चोथा स्तम्भ मिडिया के साथ आपके अधिकारियो का रविया ठीक नहीं है ....फिर जनता के प्रति कैसे होगा इसकी कहने की जरुरत नहीं ..सत्ता की भूख से पेट भर गया हो तो अब प्रदेश के लिए सोचिये ...हम भगवन से दुआ करता है की आपको सध्बुधि दे ....लखनऊ में जो मिडिया के साथ हुआ है उसकी हम घोर निंदा करते है

राघवेन्द्र कुशवाहा , शिव चौहान,
आगरा
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written by कुमार सौवीर, लखनऊ, June 28, 2011
यशवंत सिंह जी।
नमस्‍कार।
नमस्‍कार इसलिए ताकि आप फर्जी खबर छापने से बाज आइये।
आपने लिखा है कि-------
पुलिसवालों ने शलभ के साथ खड़े आईबीएन7 के मनोज राजन का भी कालर पकड़ लिया पर मनोज जिप्सी से निकल भागने में कामयाब हो गए. मनोज को निकल भागते देख एएसपी बीपी अशोक और हजरतगंज थाने के सीओ अनूप कुमार ने उन्हें दौड़ा लिया. मनोज ने बाद में मीडिया के लोगों को सूचित किया.
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यह तथ्‍य फर्जी है।
वजह यह कि हराम की खा-खाकर यूपी के पुलिसवालों में इतनी हैसियत ही नहीं है कि वे किसी को दौड़ा सकें। दो कदम चलने में ही हंफ्फी छूट जाती है सालों की। फिर क्‍या खाकर किसी पत्रकार को दौड़ायेंगे यह पुलिसिये।
दौड़ता तो पत्रकार है। जिन्‍दगी भर। कभी नौकरी के लिए तो कभी नौकरी बचाने के लिए, कभी खबर के लिए तो कभी खबर बनने के लिए।
दौड़ना ही तो हमारी जिन्‍दगी बन चुकी है। हर समय दौड़ते ही तो रहते हैं हम।
ऐसे में हम जैसे पीटी ऊषाओं से यह पुलिसवाले किस मुंह से मुकाबला कर पायेंगे।
कुमार सौवीर, लखनऊ
एक दौड़ू पत्रकार
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written by anand kumar, June 28, 2011
PATRAKARO PAR HUE HAMLO PAR CM SAHIBA KA BAYAN PRASHANSHANIYA HAI. LEKIN USPAR KADAI SE PALAN HONA CHAHIYE NA KI NETA UVACH BAN KAR RAH JAYE.

CM JE DHYAN DIJIYEGA APKI BAT PAR AMAL HO, YE AFSHAR BADE CHALAK HOTE HAIN.

ANAND KUMAR
MAU
945831331

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