बनारस से लांच हुआ लोकल चैनल आर-7

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वरिष्‍ठ खेल पत्रकार पद्मपति शर्मा के इन्फोटेंमेन्ट न्‍यूज चैनल आर-7 का रविवार को वाराणसी से भव्‍य शुभारंभ हुआ. 'सच ही मुकाम है' स्‍लोगन से अवतरित हुए इस चैनल पर न्‍यूज एवं व्‍यूज के अलावा सप्‍ताह में आठ कार्यक्रमों का प्रसारण भी होगा. पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने पद्मपति शर्मा के कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। यह चैनल 'आर-7' इंफोटेंमेंट प्राइवेट लिमिटेड का अंग है।

लांचिंग के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पद्मपति के जुड़ने से लोगों की उम्‍मीद आर-7 से बढ़ गई है. लोगों ने उम्‍मीद जताई कि इस रीजनल चैनल का कंटेंट तथा लुक स्‍तरीय होगा, काशी के लोगों को अपने आसपास की खबरें निष्‍पक्ष एवं तेवर के साथ देखने को मिलेगी.   इस मौके पर आर-7 के चेयरमैन पद्मपति शर्मा ने लोगों से वादा करते हुए कहा कि यह चैनल राष्ट्रीय चैनलों की टक्कर का होगा और इसमें वे सभी प्रोग्राम होंगे, जिनका प्रसारण राष्ट्रीय चैनल करते हैं.

श्री शर्मा ने आगे कहा कि ग्‍लोबल होते दुनिया में दूरियां सिमट रही हैं और सभी राष्ट्रीय अखबार व चैनल इलाकाई स्तर पर उतर आये हैं, तब इंफोटेंमेंट इंडस्ट्री को भी लोकल फ्लेवर में आना ही होगा और इसका श्रीगणेश 'आर-7' करने जा रहा है.  चैनेल के ग्रुप एडिटर योगेश कुमार गुप्त पप्पू ने कहा कि यह पूर्णतया प्रोफेशनल्स लोगों का चैनल होगा. चैनल पर लोगों को स्‍तरीय चीजें देखने को मिलेंगी. श्री पप्पू ने चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों की विस्‍तार से जानकारी दी.

चैनल की लांचिंग करते हुए प्रसार भारती के पूर्व सीईओ व भारत सरकार के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त ओमप्रकाश केजरीवाल ने कहा कि काशी रहस्‍यों का शहर है. इसको ढूंढने के लिए डूबना पड़ता है. उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि आर-7 काशी वासियों को असली काशी से रुबरु कराएगा. संस्कृत और बंगला साहित्य के विद्वान पं. विश्वनाथ भट्टाचार्य ने कहा कि समाज से हम काफी कुछ पाते हैं तो लौटाना भी हमारा दायित्‍व बनता है. आशा है कि यह नया चैनल इसमें सफल होगा.  संगीतज्ञ राजेश्वर आचार्य ने आशा व्यक्त की कि चैनल निष्पक्ष रूप से खबरों को सबके सामने रखेगा.

कार्यक्रम में साहित्यकार धर्मशील चतुर्वेदी,  डा. संजय मेहता,  काशी पत्रकार संघ के महामंत्री कृष्ण देव नारायण राय, कवि व अधिवक्ता रामअवतार पांडेय,  विनोद बागी, यशवंत सिंह, नरेंद्र मेहता, विनय सिंह, जियालाल, बंशीधर राजू, राजेंद्र रंगप्पा, शुभाकर दुबे, अत्रि भारद्वाज, रोहित चतुर्वेदी, नागेंद्र बाजपेयी, अजय मुखर्जी दादा, जवाहरलाल सेठ, इंद्रबहादुर सिंह, सरिता गोकर्ण, विश्वनाथ गोकर्ण आदि मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन अमिताभ भट्टाचार्य तथा स्वागत पत्रकार दयानंद ने किया.


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