स्वतंत्र मिश्रा ने आते ही सहारा में फेरबदल शुरू किया

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सहारा मीडिया से खबर है कि स्वतंत्र मिश्रा ने मीडिया डिवीजन का हेड बनते ही फेरबदल शुरू कर दिया है. सहारा नोएडा कैंपस के सर्विस डिविजन के सर्वेसर्वा विजय वर्मा, ट्रांसपोर्ट डिविजन के हेड सैफुद्दीन, सहारा टीवी के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज वली और सहारा के नोएडा कैंपस के सिक्योरिटी इंचार्ज कुलदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से एचआर डिपार्टमेंट से अटैच कर दिया गया है. सहारा में एचआर से अटैच किए जाने को डिमोशन और पनिशमेंट के तौर पर लिया जाता है.

स्वतंत्र मिश्रा और उनके लोगों ने अब उपेंद्र राय के करीबियों पर तगड़ी नजर रखने का काम शुरू कर दिया है. इससे उपेंद्र राय के कार्यकाल के दौरान सहारा में भर्ती किए गए लोग खासतौर पर आशंकित हैं. विजय राय, मनोज मनु, रजनीकांत, राजेश कौशिक, प्रबुद्ध राज, संतोष राज, दुर्गेश उपाध्याय, मयंक मिश्रा आदि को उपेंद्र राय का बेहद करीबी माना जाता है और इन लोगों पर उपेंद्र ने खुलकर भरोसा किया व इन्हें कामकाज करने की पूरी छूट दी. चर्चा अब यह भी हो रही है कि सहारा के ही एक वरिष्ठ आदमी ने उपेंद्र राय की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों के जरिए कराई.

यह आदमी उपेंद्र राय के कार्यकाल के दौरान साइडलाइन कर दिया गया था और अपनी सत्ता फिर पाने के लिए प्रयासरत था. तीन-तिकड़म में माहिर इस शख्स ने उपेंद्र राय के खिलाफ शिकायतों का सही-गलत पुलिंद इकट्ठा कर यहां वहां दूसरों के जरिए शिकायत कराई और अंततः सहारा श्री पर यह दबाव बनवाने में कामयाब रहा कि अगर कुछ दिनों के लिए उपेंद्र राय को मीडिया डिवीजन से न हटाया गया तो सुप्रीम कोर्ट से लेकर सेबी तक, कई जगहों पर सहारा की किरकिरी हो सकती है.

पिछले कुछ माह से सहारा कई मोर्चों पर फंसता और पीछे हटता नजर आ रहा है. इसी कारण फौरी इलाज के तौर पर अंतरिम व्यवस्था यह की गई है कि उपेंद्र राय को कुछ दिनों के लिए सहारा मीडिया के काम से मुक्त रखा जाए और स्वतंत्र मिश्रा को अपना जौहर-जलवा दिखाने की पूरी छूट दी जाए ताकि सहारा जिन जिन जगहों पर फंसा हुआ है वहां वहां उसके संकट का शमन हो सके. अगर स्वतंत्र मिश्रा अपनी दूसरी पारी में प्रबंधन द्वारा दिए गए टारगेट को यथाशीघ्र पूरा नहीं कर पाते हैं तो उनको फिर से हटाया जाना तय है. पर यह सब इतना जल्दी नहीं होने वाला. प्रबंधन की तरफ से पूरी छूट मिलने के बाद स्वतंत्र मिश्रा अब सहारा मीडिया के हर विभाग पर अपने लोगों को आसीन कराने में लगे हैं.

इसी कड़ी में कई विभागों के हेड को एचआर से अटैच किया गया है. उधर, उपेंद्र राय ने अपने बारे में प्रबंधन के फैसले को उसी भाव से लिया है जिस भाव से उन्हें सहारा मीडिया डिवीजन का सीईओ बनाया गया. सहारा में पंद्रह सौ रुपये से अपना करियर शुरू करने वाले उपेंद्र ने सीईओ की कुर्सी मिलने के बाद भी अपना जमीनी स्वभाव जिस तरह से बचाए-बनाए रखा, और नए बदलाव को भी जिस सकारात्मक भाव से लिया, वह बताता है कि उपेंद्र किसी तात्कालिक जंग से अलग लंबी रेस का घोड़ा बनने में यकीन रखते हैं.


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