आर्यन के स्ट्रिंगर हड़ताल पर, दक्षता परीक्षा ने ली पांच की बलि

E-mail Print PDF

आर्यन टीवी और विवाद-परेशानी का जैसे चोली और दामन का साथ है. एक मामला हल नहीं होता है कि दूसरा सर उठा लेता है. ताजा खबर है कि आर्यन के झारखंड के ज्‍यादातर स्ट्रिंगरों ने हड़ताल कर दी है. वे पीछे के बकाया पैसे नहीं मिलने तक काम करने से मना कर दिया है. दूसरी तरफ प्रबंधन ने दक्षता परीक्षा के नाम पर पांच लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया है. जिसमें प्रोग्रामिंग के हेड भी शामिल हैं.

आर्यन की परेशानी ये है कि उसके पास बहुत परेशानी नहीं है. पहला मामला है कि आर्यन झारखंड के 22 जिलों में से ज्‍यादातर स्ट्रिंगर एकता दिखाते हुए हड़ताल पर चले गए हैं. इसके पहले भी पैसे न मिलने पर वे लोग हड़ताल पर जा चुके हैं. पिछले काफी दिनों से झारखंड के स्ट्रिंगर चैनल हेड और अन्‍य वरिष्‍ठ लोगों को मेल भेजकर अपनी समस्‍याओं से अवगत करा रहे थे. उनसे अपना मानदेय देने की गुजारिश कर रहे थे. परन्‍तु इसके बाद भी प्रबंधन ने उनके बकाये का भुगतान नहीं कराया.

झारखंड के स्ट्रिंगरों का का कहना है कि लगभग बीस जिलों के स्ट्रिंगर हड़ताल पर हैं, परन्‍तु पटना कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इनकी संख्‍या एक दर्जन के आसपास है. इन लोगों ने चैनल हेड को भेजे गए 13 तारीख के अल्‍टीमेटम के पार होने के बाद से हड़ताल शुरू कर दिया है. कल से एक भी खबर इन लोगों ने नहीं भेजी, जिसके चलते रांची एवं जमशेदपुर छोड़कर अन्‍य जिलों की खबरें आर्यन पर प्रसारित नहीं हो पा रही है. स्ट्रिंगरों से सीधी चेतावनी दी है कि पैसा मिलेगा तभी काम होगा और प्रबंधन नए लोगों को रखेगा तो उसे काम नहीं करने दिया जाएगा.

सूत्रों ने बताया कि स्‍टोरी बेसिस और सेलरी बेसिस पर काम करने वाले स्ट्रिंगरों का पिछले लगभग छह माह का पैसा आर्यन पर बकाया है. काफी समय से इन्‍हें आजकल करके टरकाया जा रहा था. अंतत: जब स्ट्रिंगर आश्‍वासनों से आजिज आ गए तो उन्‍होंने यह कदम उठा लिया. इसके पहले भी इसी तरह की परिस्थितियों में स्ट्रिंगरों ने खबर देना बंद कर दिया था, जिसके बाद थोड़ा बहुत ले देकर प्रबंधन ने मामला सलटाया था. उसके बाद से ही प्रबंधन ने फिर स्ट्रिंगरों को पैसा नहीं दिया है.

दूसरी तरफ कई लोगों को निकालने के लिए दक्षता परीक्षा की रणनीति बनाकर उन्‍हें बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया है. संभवत: पहली बार किसी चैनल ने अपने कर्मचारियों की दक्षता परीक्षा ली है. चैनल ने दक्षता परीक्षा लेकर जिन पांच लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखाया है उसमें इनपुट-आउटपुट से लेकर प्रोग्रामिंग हेड तक शामिल हैं. चैनल प्रबंधन द्वारा लिए गए दक्षता परीक्षा में ये लोग प्रबंधन की नजर में खरे नहीं उतरे. परीक्षा के आधार पर जिन लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखाया गया है उसमें प्रोग्रामिंग हेड रवींद्र भारती, डेस्‍क पर काम करने वाले शक्ति कुमार, अश्‍वनी तिवारी तथा इनपुट पंकज झा और राजकुमार शामिल हैं.

इसके पहले भी आर्यन लगातार विवादों में रहा है. चाहे हेड बदले जाने का मामला रहा हो, नौकरी के नाम पर पैसे वसूलने वाले कर्मचारी का मामला रहा हो,  भागलपुर के एक युवक डा. मनीष कुमार की पत्‍नी को बंधक बनाकर लाइव करवाने का मामला हो, बड़ी बहस के नाम पर पैसे वसूलने का मामला हो, तमाम पत्रकारों को निकाले जाने का मामला रहा हो चाहे अन्‍य कई मामले रहे हों, आर्यन हमेशा विवादों की जद में रहा है. यह न्‍यूज चैनल अपनी खबरों से ज्‍यादा अंदर की खबरों को लेकर ही चर्चा में रहता है.


AddThis