जीएनएन न्यूज : लांच के माह भर बाद ही बंपर छंटनी का फैसला

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पिछले दिनों लांच हुए जीएनएन न्‍यूज में कर्मचारी उलझन और दहशत में हैं. खबर है कि लांचिंग के एक महीने बाद ही कर्मचारियों के छंटनी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसके लिए लिस्‍ट तैया‍र की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि इस छंटनी के खलनायक सीईओ राघवेश अस्थाना हैं. उन्हें डेढ़ सौ लोगों के साथ चैनल लांच करने को कहा गया था और उन्होंने भर लिए साढ़े तीन सौ से ज्यादा लोग.

प्रबंधन ने अब डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को सेलरी देने से इनकार कर दिया है. साथ ही अतिरिक्त लोगों को हटाने को भी कहा है. इससे राघवेश अस्थाना की हालत सांप छछूंदर वाली हो गई है. उन्हें न तो उगलते बन पा रहा है और न ही निगलते. अब दिन रात वे छंटनी के तौर-तरीके पर ही विचार कर रहे हैं. छंटनी की आशंका के कारण काम करने वालों में दहशत है. निशाने पर ज्‍यादातर पुराने कर्मचारी हैं. सूत्रों का कहना है कि पचीस हजार से ऊपर वेतन पाने वालों को निशाने पर लिए जाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. राघवेश अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने महुआ से निकाले गए अपने खास लोगों को ऊंची सेलरी पर जीएनएन में रख दिया है.

जीएनएन न्यूज में अपना गुट मजबूत रखने के मकसद से उन्होंने ढेर सारे नए लोगों की भर्ती की. जरूरत से ज्‍यादा भर्तियों के बाद प्रबंधन का भी माथा ठनका. इसके बाद प्रबंधन ने साफ कह दिया है कि टीम छोटी की जाए क्‍योंकि उन्‍हें आजतक या स्‍टार न्‍यूज नहीं बनना है और ना ही उनसे टक्‍कर लेनी है.  इसके बाद से ही चैनल में छंटनी की तैयारी शुरू कर दी गई है. सूत्रों का कहना है कि कैमरा सेक्‍शन में कार्यरत संजय कुमार इसके पहले शिकार बने हैं. हालांकि इस बारे में संजय से संपर्क नहीं हो पाया जिससे पूरा सच सामने आ सके.

प्रबंधन के आदेश के बाद राघवेश अस्‍थान एंड कंपनी ने उन लोगों को निशाने पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है, जिनकी नियुक्ति अमिताभ भट्टाचार्या या फिर शिव कुमार राय के समय में की गई थी. जीएनएन न्‍यूज एवं भक्ति दोनों से लोगों को निकालने की तैयारी शुरू कर दी गई है. छह से दस हजार तक पाने वाले असिस्‍टेंट प्रोड्यूसरों अथवा ट्रेनियों के सहारे चैनल के संचालन की तैयारी की जा रही है. इससे सबसे ज्यादा मुश्किल उन कर्मचारियों के समक्ष आ गई है, जो दूसरे चैनलों से अच्‍छा खासा काम छोड़कर जीएनएन पहुंचे थे. वे उलझन में हैं. करियर को लेकर चिंतित हैं. उन्‍हें भी उम्‍मीद नहीं थी कि लांचिंग के एक महीने के बाद उन लोगों को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा.


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