स्टार न्यूज पर कब्जे के लिए स्टार समूह और आनंद बाजार पत्रिका में जंग

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मुंबई : वे पहले चुपके से आए. धीमे-धीमे छाए. और फिर पूरी तरह कब्जा गए. विदेशी ऐसा ही करते रहे हैं भारत के साथ. वो चाहे शक-हूण हों या मुगल हों या अंग्रेज रहे हों. कब्जाने का दौर अब भी जारी है, बस, फार्मेट बदल गया है. नई गुलामी की व्यवस्था इस दौर में कारपोरेट कंपनियों के माध्यम से हो रही है. ध्यान से पढ़िए-देखिए. वो दौर शुरू हो चुका है. स्टार न्यूज ताजा उदाहरण है.

इस चैनल को साझे में दो कंपनियां चलाती हैं, एक भारत की कंपनी आनंद बाजार पत्रिका और दूसरी विदेशी कंपनी स्टार, जो रुपर्ट मर्डोक की है. लड़ाई इस बात को लेकर है कि स्टार न्यूज के कंटेंट को कौन कंपनी तय करेगी. दोनों कंपनियों एक दूसरे से अपना हिस्सा बेचने को कह रही हैं. मीडिया मुगल रूपर्ट मर्डोक को चाहते हैं कि स्टार न्यूज पर उनका पूरा कब्जा हो. आइए, अब आपको पूरी खबर बता दें. करीब 8 साल तक समाचार चैनल के क्षेत्र में काम करने के बाद स्टार समूह और आनंद बाज़ार पत्रिका (एबीपी) टीवी के रिश्तों में खटास आने की असली वजह आपको बताते हैं.

स्टार न्यूज (हिंदी), स्टार आनंद (बांग्ला) और स्टार माझा (मराठी) नाम से तीन लोकप्रिय समाचार चैनलों का प्रसारण करने वाली मीडिया कंटेंट ऐंड कम्युनिकेशंस सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमसीसीएस) में आनंद बाज़ार पत्रिका की 74 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि शेष हिस्सेदारी स्टार इंडिया के पास है. घटनाक्रम के जानकारों का कहना है कि दोनों कंपनियों के बीच कुछ समय से अंदरखाने विवाद चल रहा था, जो अब खुलकर सामने आ गया है. सूत्रों का कहना है कि संपादकीय नियंत्रण को लेकर पहले से ही विवाद था और अब परिचालन और प्रबंधन को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं. इससे संयुक्त उद्यम के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं. एक सूत्र ने बताया कि स्टार और आनंद बाज़ार पत्रिका, दोनों ने एक-दूसरे की हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश की है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों कंपनियां नए साझेदार की तलाश भी कर रही हैं.

हाल में मुंबई में हुई एमसीसीएस की बोर्ड बैठक में दोनों कंपनियों के बीच विवाद खुलकर सामने आया, जो संयुक्त उद्यम के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़ा करता है. इस बारे में जानकारी के लिए स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ उदय शंकर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह संयुक्त उद्यम कंपनी का मसला है, जिन पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा. वहीं आनंद बाज़ार पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ दीपांकर दास पुरकायस्थ ने संयुक्त उद्यम में किसी तरह के मतभेद से इनकार कर दियाय स्टार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विवाद कोई नया नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि स्टार किसी अन्य भारतीय मीडिया कंपनी के साथ जाएगी. (इनपुट- बिजनेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित एक रिपोर्ट से)


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