डीटीएच की नीलामी से प्रसार भारती ने जुटाए 46 करोड़

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गवर्नमेंट ब्रॉडकास्‍टर प्रसार भारती ने अपने डीटीएच (डायरेक्‍ट टू होम) प्‍लेटफार्म डीडी डायरेक्‍ट प्‍लस पर स्‍लॉट की ई-नीलामी से भारी राजस्‍व इकट्ठा किया है. एक साल के लिए आबंटित होने वाले स्‍लॉट के लिए न्‍यूनतम आरक्षित मूल्‍य डेढ़ करोड़ रुपये रुखा गया था. खबर है कि डीडी ने इस नीलामी में 46 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का राजस्‍व जुटाए हैं.

गौरतलब है कि डीडी डायरेक्‍ट प्‍लस के बेहतरीन इस्‍तेमाल और खजाने में धन जुटाने उद्देश्‍य से प्रसार भारती ने डीटीएच प्‍लेटफार्म पर उपलब्‍ध स्‍लाटों की ई-नीलामी की थी.  ई-नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं विवाद रहित बनाए रखने के लिए प्रसार भारती ने मुंबई की मेजर्स एनसीडीईएक्‍स एसपीओटी एजेंसी को का चयन किया था, जिसने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया.

डीडी डायरेक्‍ट प्‍लस पर स्‍लॉट के लिए 32 चैनलों ने अपनी दावेदारी ठोंकी थी, जिसमें से 21 चैनलों को औसतन सवा दो करोड़ रुपये के हिसाब से स्‍लॉट पाने में कामयाबी मिली.  सूत्रों के मुताबिक जी स्‍माइल, जी सलाम, जी जागरण, बीफोरयू, ईटीवी म्‍यूजिक एवं 9एक्‍स समेत कुछ अन्‍य चैनलों ने बाजी मारी. इन चैनलों को 2.17 से लेकर 2.25 करोड़ तक का मूल्‍य प्रसार भारती को चुकाना होगा.

नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने से पहले दूरदर्शन में उन सभी चैनलों को एक पत्र जारी कर ई-नीलामी के बारे में जानकारी दी थी,  जिन्‍होंने डीडी डायरेक्‍ट प्‍लस डीटीएच प्‍लेटफॉर्म पर स्‍लॉट पाने के लिए आवेदन किया था.  इसके पहले दूरदर्शन ने डीडी डायरेक्‍ट पर मौजूद उन चैनलों को भी पत्र जारी किया था, जिनका वार्षिक समझौता 30 जून, 2011 को समाप्‍त हो गया था.

डेढ़ करोड़ रूपये बैंक गारंटी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आवश्‍यक डाउन लिंकिंग/अपलिंकिंग आदेश के साथ 37 चैनलों ने आवेदन किया था,  लेकिन 32 ने ही हिस्सा लिया. गौरतलब है कि डीडी डायरेक्‍ट से प्रसार भारती ने 400 करोड़ रुपये का राजस्‍व इकट्ठा करने का लक्ष्‍य रखा है. नवम्‍बर में डीटीएच के 150 स्‍लॉटों की नीलामी किए जाने की योजना तैयार की है, जबकि इस वित्‍त वर्ष के अंत तक स्‍लॉटों की संख्‍या बढ़ाकर 370 कर दी जाएगी.  इससे प्रसार भारती को 550 करोड़ रुपये की आमदनी होगी, जबकि 150 करोड़ परिचालन पर खर्च किए जाएंगे.


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