बालकृष्‍ण के खिलाफ जांच : आस्‍था चैनल पर भी लटकी तलवार

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योगगुरु रामदेव के निकट सहयोगी बालकृष्ण के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों और उनकी नागरिकता की सीबीआई की जांच का असर उनके धार्मिक चैनल आस्था पर भी पड़ सकता है। आरोप सही पाए जानेपर चैनल के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं लाइसेंस जारी करने के पहले चैनल को दिया गया गृहमंत्रालय का सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी सवालों के घेरे में है।

सूचना व प्रसारण मंत्रालय के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार आस्था चैनल को चलाने वाले वैदिक ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड में 99.87 फीसदी का मालिकाना हक बालकृष्ण के पास है और वे इसके निदेशक भी हैं। इसके दो अन्य निदेशकों स्वामी मुक्तानंदजी और अजय आर्य की चैनल में 0.083 और 0.008 फीसदी की नाममात्र की भागीदारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बालकृष्ण के खिलाफ हो रही सीबीआई की जांच पर सूचना व प्रसारण मंत्रालय की गहरी नजर है। बालकृष्ण के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के फर्जी होने या उनकी भारत की नागरिकता गलत साबित होने की स्थिति में आस्था चैनल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उनके अनुसार इससे यह साबित हो जाएगा कि बालकृष्ण ने मंत्रालय को गलत जानकारी देकर गुमराह किया था।

वैसे बालकृष्ण के मालिकाना हक वाले आस्था चैनल को मिला सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी सवालों के घेरे में है। चैनल को लाइसेंस जारी होने के पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय इसके प्रमोटरों और निदेशकों की पृष्ठभूमि की जांच कर यह सुनिश्चित करता है कि उनके द्वारा दी गई सारी जानकारी सही है और उनसे देश की सुरक्षा और एकता व अखंडता को कोई खतरा नहीं है। गृह मंत्रालय के सिक्योरिटी क्लीयरेंस के बिना सूचना व प्रसारण मंत्रालय किसी भी चैनल को लाइसेंस जारी नहीं कर सकता है। गृहमंत्रालय को बालकृष्ण की संदिग्ध नागरिकता और फर्जी प्रमाण पत्रों पता क्यों नहीं चल सका। जाहिर है कि क्लीयरेंस देते समय गृह मंत्रालय और खुफिया विभाग ने बालकृष्ण द्वारा दी गई जानकारियों की गहराई से पड़ताल नहीं की। साभार : जागरण


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