सहारा : एसाइनमेंट में अब चार लोगों की रहेगी दखल, हेड दुर्गेश के कद की हुई घेरेबंदी

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सहारा में हेड स्‍वतंत्र मिश्र लगातार अपनी गोटियां खेल रहे हैं. इस बार फिर फेरबदल करके ग्‍लोबल हेड के खासमखास को इस तरीके से कतरा गया है कि वो उफ भी नहीं कर सकते. बिना पद से छेड़छाड़ किए उनके कद की घेरेबंदी कर दी गई है. वे अब भी सहारा के एसाइनमेंट हेड हैं, लेकिन अब निर्णय अकेले नहीं ले सकेंगे. चार लोगों की उनके कामों में बराबर की दखलंजादी रहेगी.

आज सुबह ही सहारा में सर्कुलर जारी किया गया है. जिसमें एसाइनमेंट में चार लोगों की एक टीम बनाए जाने की सूचना दी गई है. उपेंद्र राय के शासनकाल में दुर्गेश उपाध्‍याय सहारा के सभी चैनलों के एसाइनमेंट हेड हुआ करते थे. उनकी मर्जी से एसाइनमेंट का पत्‍ता हिलता था. हालांकि कहने वाले यहां तक कहते हैं कि उन्‍हें सहारा में आने से पहले एसाइनमेंट पर काम करने का अनुभव नहीं था, उनका करियर भी कोई लम्‍बा नहीं है, बावजूद इसके उपेंद्र राय के खासमखास होने के चलते वे एसाइनमेंट हेड बना दिए गए थे.

जब से उपेंद्र राय को ग्‍लोबल करके स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा की कमान सौंपी गई है तब से उपेंद्र राय को खासमखासों के पद और कद में लगातार कटौती जारी है. हालांकि कहा जा सकता है कि इतिहास दोहराया जा रहा है, जो उपेंद्र ने दूसरे लोगों के साथ किया था अब वही वाकया उनके लोगों के साथ हो रहा है.  कुछ दिन पहले ही उपेंद्र राय के मौसेरे भाई विजय राय को टीवी से प्रिंट में भेजकर उनके पर कतर दिए गए थे. पर इस बार दुर्गेश उपाध्‍याय के पद से बिना छेड़छाड़ किए उनके कद को घटा दिया गया है.

दुर्गेश उपाध्‍याय अब भी समय के हेड हैं, परन्‍तु नए फेरबदल में एसाइनमेंट पर जिम्‍मेदारी देखने के लिए चार लोगों की एक टीम बना दी गई है, जिसमें ब्रिजेश कुमार मधुकर, आलोक रंजन, योगेश दुबे एवं दीपिका भान को शामिल किया गया है. अब इनलोगों की भी बराबर दखल एसाइनमेंट में रहेगी. इनलोगों को कह दिया गया है कि ये लोग यूपी-उत्‍तराखंड,  बिहार-झाखरंड, एनसीआर, एमपी-सीजी, समय के लिए एसाइमेंट से सभी कुछ तय कर सकते हैं. छोटा सा फरमान यह भी जारी कर दिया गया है कि ये लोग दुर्गेश उपाध्‍याय को कोआर्डिनेट करके चलेंगे. पर सच्‍चाई है कि दुर्गेश को अब पैदल कर दिया गया है.

जिन चार लोगों को एसाइनमेंट की टीम में शामिल किया गया है, ये सभी सहारा के पुराने साथी हैं. ये लोग पिछले आठ से दस सालों से सहारा से जुड़े हुए हैं तथा एसाइनमेंट की जिम्‍मेदारी संभाल रहे थे. बताया यह भी जा रहा है कि इन चारों लोगों को एक एक रिजनल चैनल की जिम्‍मेदारी भी मौखिक रूप से सहेज दी गई है, जिसमें इन लोगों का निर्णय ही मान्‍य होगा. यानी दुर्गेश को संदेश दे दिया गया है कि अब चुपचाप हेड बनकर गोल रहिए या फिर यहां से गोल होइए. माना जा रहा है देर सबेर इन्‍हें भी निपटाया जाएगा. अब देखते हैं अगला निशाना किस पर लगता है.


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