ये मेरा अंतिम संदेश है, मेरे बकाए पैसे को शोक संदेश का बिल समझ लेना

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आदरणीय सुनीताजी और प्रताप रावजी सर, सादर प्रणाम,  मैं आशीष पराशर जी और आपको कई बार व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर निवेदन कर चुका हूँ कि मुझे फरवरी मार्च अप्रैल, मई, जून, जुलाई,  अगस्त और अब तक की तनख्वाह नहीं मिली हैं. श्रीमान जी आपको सूचित नहीं करूँगा लेकिन विनती करता हूँ कि मैंने अपनी मेहनत के बूते चैनल को कई खास खबरें दी हैं.

मुख्य रूप से... कुर्सी का खौफ जो आधा घंटा विशेष चली हैं,  साथ ही जाति के आधार पर पानी का बंटवारा, राशन पर पानी, सिपाहियों ने देखा शैतान, अनपढ़ क्रिकेट कमेंटेटर, सीमा पार जासूसी, पाकिस्तान मोबाइल नेटवर्क बना परेशानी का सबब, शिक्षा को लेकर लड़की ने माँ-बाप के खिलाफ खोला मोर्चा जैसी खबरें शामिल हैं. सिवाना बालोतरा जहाँ पंचायत समिति पर स्ट्रिंगर काम करते हैं उन्हें कंपनी नज़रंदाज़ नहीं कर रही, जबकि आप जिला मुख्यालय पर कार्यरत
कार्मिक को नज़रंदाज़ कर रहे हैं.

आप स्वयं जानते हैं कि एक स्ट्रिंगर कैसे अपनी गुज़र बसर करता हैं. आपसे निवेदन हैं कि संस्था के परिजन होने के नाते आप मेरी समस्या का समाधान करेंगे. आपके न्यूज़ चैनल में पिछले साल के अगस्त माह से जुड़ा हूँ, तब से आपने मुझे तीन बार जयपुर की सैर करवा दी हैं.  उसका बिल एमाउंट जोड़ू तो बीस हज़ार से कहीं ज्यादा हो जाता हैं, लेकिन आपने मुझे अब तक मात्र दस हज़ार रुपए दिए हैं.

आप क्यों शोषण पर उतारू हो. जब आप तनख्वाह देने की हिम्मत नहीं रखते तो आप चैनल क्यों खोल कर बैठे हो. मुझे आप अब आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहे हो. मेरा बकाया अमाउंट एक हफ्ते में अगर नहीं मिला तो मजबूरन गलत कदम उठाना पड़ेगा,  जिसकी जिम्मेदारी आपकी होगी. मैं ने आपके चैनल को को उधार पैसे लेकर खबरें दी हैं. और आप मुझे टालते जा रहे हैं. ये कहां तक उचित है.

मैं भी परिवार पालने के लिए सोचता हूं जैसा आप सोचते हैं, और आप अपने चैनल को मेरे जैसे मेहतनकश, गरीब और कमजोर लोगों के पैसे खा कर उबार नहीं सकते. अगर आप मेरी चेतावनी मज़ाक में लेना चाहे तो आप पूरी तरह स्वतंत्र हैं,  लेकिन मैं आपको ये अंतिम सन्देश दे रहा हूं. और मेरे बाद मेरे बकाया पैसे को आप मेरे शोक सन्देश का बिल समझ लेना. धन्यवाद.

आपका

दुर्ग सिंह राजपुरोहित

एचबीसी न्यूज़ बाड़मेर


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Comments (16)Add Comment
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written by mukesh sundesha, September 14, 2011
HBC NEWS ki kargujari ko media me lane ke liye bhadas ko thanks
mukesh sundesha
x. reporter
HBC NEWS jalore
[email protected]
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written by Ashok, September 07, 2011
mr. mukesh Sharma aapki soch aapke kameene hone ki poori gawaahi de rahi hain...aapko apni maa se ye p[oochna chjahiye ki kya aap unke baap ki aulaad ho ... kitna kamina pan he aapme jo aap kisi ka kukh samjhne ki bajaay yahaa apni maa.....da rahe ho bhen ke...
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written by mukesh sharma, September 07, 2011
bujdil log or kar bhi kya sakte hai. durgsingh ji ne pahle bhi kai baar apne pita ko bhi dhamikya de chuka hai aap to hai he kya.......
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written by anaam, September 04, 2011
अनाम
भड़ास पर खबर लगने के बाद सूत्रों से अब यह जानकारी मिल रही है की इस चेनल के पीडितो ने एकजुट होकर जयपुर जाने का मन बना लिया है ! इसके लिए उन्होंने एक दुसरे से संपर्क साधना शुरू कर दिया है क्योकि अब वे भी जान गये है की अलग अलग पैसे मांगने का कोई फायदा नहीं है ! क्योकि चेनल प्रबंधन पिछले आठ माह से टरका रहा है ! अब फिल्ड रिपोर्टर यही विचार कर रहे है की जब तक पैसे मिलेंगे नहीं तब तक वही रुकने का प्रबंध करना होगा ! बस कुछ दिनों में कभी भी वे लोग अब जयपुर पंहुच सकते है ! हां एक बात तो तय है की पैसे तो अब प्रबंधन को देने ही होंगे लेकिन इन रिपोर्टर्स का जयपुर पंहुचते ही इस चनल के बारे में क्या सन्देश देगा इसका अंदाजा तो सहज ही लगाया जा सकता है ! बाद में भले ही वे लोग पैसे दे दे लेकिन एक बार तो ............................!
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written by raju, September 03, 2011
sab faltu bate hai, paisa nahi aa raha tha to itne din kaam kyo kiya? patrakarita karna koi jaruri to nahi, koi or bhi kaam kiya ja sakta hai, ye channel vaise hi ghate me chal rahe hai, kaha se de paisa, shok sandesh jaisi notanki ki jarurat nahi, bhul jao or koi or kaam karo. faltu bato me kya rakha hai.
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written by शुभ चिन्तक HBC NEWS, September 03, 2011

श्री दुर्घ सिंह राजपुरोहित जी , HBC News का बोला बाला तो हर आदमी के मुहँ से बचाए नहीं बचता. इसके गुणगान तो हर जगहे होते सुने हैं , किया वो ETV का दफ्तर हो या Press Club, या कोई Print media का Office. HBC की नीव ही राजनीती से राखी गयी हैं तो बेचारे Katta जी का किया कसूर
HBC की History देखी जाये तो Starting से अब तक हर आदमी कुपोषण का शिकार हैं , Hbc के सभी कर्मचारी अपनी पूरी ईमानदारी और कार्यकुशलता के साथ chalane को चलाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं पर ऐसे प्रयास का किया मतलब जहा उनके उस प्रयास को उठाने की वजाए दबाया जाता हैं और वो भी उन लोगो के द्वारा जिनको सीधा घड़ा होना और बात करना भी नहीं आता .
प्रताप राव अपने आप में इतना बड़ा नाम हैं जो सिर्फ कुएं का मेडक बनकर ही रहें गया .........HBC में आने का मतलब ही ये था की अपनी Team बनाऊंगा , अपने लोगो को highlight करूँगा और अपने नियाम बनाऊंगा .
प्रताप राव अपने आप में ऐसा नाम जिसको Management की ABCD नहीं पता और पोस्ट लेरखी हैं Channel Head की . एक डेस्क पैर बेंढ्ने वाले को अगर channel Head बना दिया जाये तो ये ही दुर्गति होती हैं ..
और दुसरी और अगर दूरबीन से नजारा देखा जाये तो सती सावेत्री के रूप में सुप्रसीद्ध देवी श्री सुनीता सिंह शेखावत को अभी तक के HBC के सभी दर्जे के चाहे वो उचा अधिकारी (1- New Managing Director,2 -CEO, 3Vice President-Marketing, HR Head and Buerue Advisor) हो या मध्ये और नीमन कोटि के अधिकारी का सत सत नमन हैं .

कियो की ये एक ऐसी तलवार हैं जो अपनी धार से बड़े बड़े मज्ये हुए पत्रकारों को या तो चला रही हैं या घायल कर साइड में बेंठा चुकी हैं .......और इनकी पेनी तेज धार का मतलब हैं आसमानी बातें . वो एक ऐसे Lady हैं जो धरती पे रहना ही पसंत नहीं करती और अपने सभी emplyees को भी असमान की उचाईयो से नीचे नहीं उतरने देती हैं ........ इसमें इनका दोश नहीं हैं कियों की उनके चहरे पर लगे मेकअप का असर हैं जो उन्हें भूले नहीं देता की वो अभी राजस्थान में तो किया जगतपुरा में भी कोई मुकाम नहीं रखती ......Siyaram की करोड़ो - अरबो की शीपमेंट कभी ख़तम ही नहीं होती ........ आज पुरे वर्ल्ड में Siyaram के ही Order जाते हैं भोत बड़ा Export का Work हैं ........

Dhoni इनकें Siyaram Export के विज्ञापन करता हैं ............ बेचारे Siyaram के employee को भी इसी धोके में रखतें हैं ..........

Kata जी और प्रताप राव ये दो ऐसी कटपुतलिया हैं जो सुनीता सिंह शेखावत के हाथो से ही नाचना पसंद करती हैं . Sunita Shekhawat ने कहा ये ऐसे होगा तो प्रताप राव की किया मजाल की उसको अपने ढंग से करे .......

तो आप सब जन्गाये होंगे की HBC का हाल "नाच न आंगन तेदा जेसा " हैं ....इसके आलावा में एक जीस का खुलासा करना चाहता हूँ की बेचारी Edtitor और Production से सुनीता सिंह शेखावत जीतना उपयोग ले सकती हैं उतना Use लेरही हैं >>>>>>> यहाँ रोज विज्ञापन बनतें हैं पर चलता कहा हैं, दीखता कहा हैं ये किसी को नहीं पता
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written by Naam HBC SHUBH CHINTAK, September 03, 2011
Mr.. Durgh Singh Rajpurohit ji, HBC News ka Bola Bala To har Admi Ke muh se bachaye nahi bachta. Iske gungan to har jagahe hote sune hein mein, Kiya wo ETV ka Daftar ho ya Press Club, Ya koi Print media ka Office. HBC ki Neev hi Rajneeti Se Rakhi Gayee Hein To Bechare Katta ji Ka Kiya Kasoor.
HBC Ki History Dekhi Jaye to Starting Se ab Tak Har Admi Kumoshan Ka shikar hein, Hbc ke sabhi karamchari Apni puri Imandari or Karyakushalta ke sath chalane ka pura prayas kar rahe hein par aise prayas ka kiya matlab jaha unke us pryaas ko uthane ki vajaye dabaya jata hein or wo bhi un logo ke dwara jinko seedha ghada hona or baat karna bhi nahi ata.
Pratap Raw Apne Aap mein Itna Bada Naam hein Sirf Koye Ka Madak Bankar hi rehegaya.........HBC mein ane ka Matlab Hi Ye tha ki apni Team banaunga, Apne Logo ko highlight karunga or Apne Niyaam Banunga.
Pratap Raw Apne Aap Mein Aisa naam Jisko Management Ki ABCD nahi Pata or Post Lerakhee Hein Channel Head Ki. Ek Desk per bedhne Wale ko agar channel Head ban Diya jaye to ye Hi Durgati hoti Hein..
Or Dusree or Agar Durbeen se najara dekha jaye To Sati Savetri ke roop mein Supraseedh Devi Shri Sunita Singh Sekhawat ko Abhi tak ke HBC Ke Sabhi Darje Ke chahe wo ucha Adhikari (1- New Managing Director,2 -CEO, 3Vice President-Marketing, HR Head and Buerue Advisor) wa Madheye or neemn Koti ke Adhikari ka Sat sat Naman Hein.

Kiyo Ki Ye ek Aisee talwar Hein Jo apni Dhar Se Bade Bade Majye hue Patrkaro Ko ya to Chala rahee hein ya Ghyal Kar Side pe Bedha Chuki Hein.......Or Inki Peni Tej Dhar Ka matlab hein Asmani Batein. Wo Ek Aise Ladi hein Jo Dharti Pe rehna hi Pasant nahi karti or apne sabhi emplyees ko bhi asman ki uchayeeo se neeche nahi utarne deti hein........ Ismein inka Dosh nahi hein ectly unke chahre par lage Mackup ka asar hein jo unhe bhule nahi jatata ki wo abhi rajasthan mein to kiya jagatpura mein koi Mukam Nahi Rakh Ti......Siyaram ki Caroro - Arbo ki Sheapment kabhi khatam hi nahi hoti........ Aaj pure World mein Siyaram ke hi Order Jate hein Bhot Bada Export ka Work hein........

Dhoni Inkein Siyaram Export ke ad Karta hein............ bechare Siyaram ke employee ko bhi dhoke mein rakhtein Hein..........

Kata ji or Pratap raw Ye Do Aisee Katputliya heinJo Sunita Singh Shekhawat ke Hadho Se hi nachna Pasand karti Hein. Sunita Shekhawat Ne Kaha Ye Aise Hoga To Pratap Raw ki kiya majal Ki usko Apne dhag Se kare.......

To aap Sab Jangaye Honge ki HBC Ka Haal "Naach Na Angan Teda Jesa" hein....Iske Alava Mein Ek jees ka Khulasa Karna Chata Hu Ki bechari Edtitor or Production Se sunita Singh Shekhawat use le Sakti Hein Utna Use Lerahee hein>>>>>>> Yaha Roj Ad Bantein Hein Par Chalta Kaha Hein Dhektein Kaha hein Ye kisi Ko Nahi Pata
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written by ..........naam se kya lena..., September 03, 2011
Bhaiyon..
Ye waqt hai ki jis bhi tarah aap HBC ki sacchhai patrkaro ke samne laa sako laoo..Ye Sale loot Rahe hain.. Do kaudi ke patrkar Channel Head ban gaye hain... Marketing executive ko Vice president bana diya hai... kapde ka kaam karne wali... malik ban gayi hai.. aur jo malik hai... wo maha.........hai..(Fill in the blanks) . Ek ad hai.. " BACHPAN KI GALTI...".. Malik ne bhi ek Galti kar dii .. aaj bhugat raha hai... Ek Aaurat ki ichha ki Bali Chad gaya Channel...Pratap Rao ko Jindagi me Doosara Kaam nahi milega... Etv ki ma bahan ek kar di thi.. Katil sahib ne sambhala hai... aur aab HBC ki maa....di...
Malik Badnaam hua... Munni tere liye... HBC khatm hua .. Munni Tere liye...Phir bhi samajh nahi aaya .. munni tujhko...
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written by rajiv, September 02, 2011
raajiv
भाई लोगो मैं पिछले काफी समय से देख रहा हु की किस प्रकार एक चेनल अपने फिल्ड रिपोर्टरों का शोषण कर रहा है ! अरे भाई लोगो यदि आप यह सोचते हो की केवल अपनी जान दे देने से सारे का सारा मसला हल हो जाएगा तो यह गलत है ! यार आप एक पत्रकार हो आप शोषित होते हुए पीडितो को न्याय दिलवाने का प्रयास करते हो और जब अपनी बात आई तो ऐसा कदम उठाने की बात कर रहे हो ! माफ़ कीजियेगा मैं आपके इस कदम से सहमत नहीं हु बात यह भी नहीं ह की मैं आपकी मांग को जायज नहीं मानता लेकिन आपका यह कदम समाज में सही सन्देश नही देगा ! अरे यार मैं तो कहता हु की आप सब लोग एक जुट हो जाओ और चेनल के ऑफिस में जाकर अपनी मांग रखो यदि वे लोग नहीं मानते तो शांति पूर्वक प्रदर्शन करो आप अपने हक़ के पैसे मांग रहे हो यार कोई भीख नहीं ! ऐसा करने से मेरा तो तो यह मानना है की प्रबंधन को आपकी मांग माननी ही पड़ेगी ! सभी फिल्ड रिपोर्टर जिनका बकाया है आप उनसे सम्पर्क साधिये और एक साथ जयपुर जाने का कार्यक्रम बनाइये ! अगर वहा रुकना भी पड़े एक दो दिन के लिए तो रुक जाइए वैसे भी जैसा की आपकी बातो से स्पष्ट है की आपकी आमदनी का कोई और जरिया नहीं है तो ऐसे में यदि आप वहा रुकते भी है तो कोई फर्क नहीं पड़ता ! हां इस अगर फर्क पड़ता है तो इस बात से की इतना समय होने के बावजूद भी आपने अभी तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया ! ऐसे में जो जयपुर जाने के लिए जो दो तरह के लोग तैयार नहीं होंगे एक वे जिनका कोई बकाया नहीं है दुसरे वे जिनका बकाया तो है लेकिन वे आपकी तरह चेनल प्रबंधन पर निर्भर नहीं है यानी कमाई का कोई और जरिया भी है ! अरे यार आप बस शुरुआत कीजिये आपके साथ पीड़ित जरुर जुड़ेंगे क्योकि ये हक़ के पैसे है ! वहा जाइए अपनी मांग रखिये जितना आपका बकाया है पूरे का पूरा मांगिये और कोई समझोता मत कीजिये ! अब रही बात बाकी के शहरों के संवाददाताओ से सम्पर्क करने की आप बस इस पर सहमती जताए आप को नम्बर भी मिल जाएंगे ! मेरे नजरिये से तो यह उचित कदम होगा बाकी आपकी मर्जी क्योकि पैसे आपने लेने है !
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written by sharma, September 02, 2011
मुझे बदनाम करने के हथकंडे छोड़ दो मेरे दुश्मनों... क्यों किसी के साथ इस तरह के घटिया कारनामो के जरिये भड़का रहे हो....आप कुछ कर नहो सकते तो सस्ती लोकप्रियता को पाने के लिए झूठ का सहारा ले रहे हो......

पिछले कई दिनों से एचबीसी न्यूज़ चैनल को लेकर भड़ास मीडिया पर काफी कुछ लिखा जा रहा है.जो हकीकत से बिलकुल परे है.लिखने वाले भी सिर्फ अपनी भड़ास निकालने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं.शायद उन्हें पत्रकारिता के उसूलों का पता नहीं है कि इस पेशे में नैतिकता ही सब कुछ है.पत्रकार होने का मतलब ये नहीं है कि हम कुछ भी कभी भी किसी के बारे लिख डालें और उसकी इज्ज़त को मिटटी में मिला दें.इस तरह कि हरकतें हमारे कई पत्रकार बंधुओं द्वारा कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ की जा रही हैं.जबकि हकीकत ये है कि ये चैनल नया है और हर नए संस्थान में सिस्टम को सेट होने में समय लगता है.अगर कोई इसके साथ अपने आपको इसके साथ चला नहीं पाता है तो ये गलती संस्थान कि नहीं है बल्कि उस व्यक्ति कि सोच है.एचबीसी से कई लोग छोड़ कर गए हैं तो ये उनके और प्रबंधन के बीच का मामला है ना कि सार्वजनिक रूप से एक दुसरे पर इलज़ाम लगाने का.ये सारी हरकतें छिछोरी हैं और जिस तरह से एचबीसी और इसके आलाअधिकारियों के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उनकी योग्यता पर सवालिया निशाँ लगाए जा रहे हैं उससे पता चलता है कि लिखने वाले कितने पानी में हैं और उनकी योग्यता का स्तर क्या है.एचबीसी किस सोच के साथ मैदान में उतरा है ये भी आलोचना करने वालों को आने वाले समय में मालूम हो जाएगा और साथ ही ये भी कि इसके आलाअधिकारी क्या योग्यता रखते हैं.लिखने वाले कुछ शर्म करें.हो सकता है कि कल इस चैनल का स्तर देख कर आप भी यहाँ आने को लालायित हो जाएँ.
**दुर्ग सिंह राजपुरोहित जी ये शब्द आप ही के थे कुछ महिनों पहले और आज आप क्या कह रहे हो जरा सोचो -----------?
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written by sunil kumar, September 01, 2011
Arre ye no halkat aunr nanga channel hei bhai...inki dukaan band kar chullu bhar paani me doob marna chahiye.
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written by Durgesh kumar jha, September 01, 2011
noida me crime reporing v ajeev hai. kahne ko to sab apne aap ko tis markhan samjhte hai, lakin jb news lene k lie officers se mila jata hai to sabndhit news ki bate km aur idhar-udhar ki bate jadya hoti hi, bhagwan bachae ise patrakarita ko
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written by Sareen Chandra Goyal Raj Express Bhopal Repoter, September 01, 2011
यशवंत जी पहले के तीन कमेंट्स मैं नाम गलत लिख दिए थे अतः पूर्व के कमेंट्स नहीं देते हुए अन्तिमवाला कमेंट्स प्रकाशित करे
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written by Sareen Chandra Goyal Raj Express Bhopal Repoter, September 01, 2011
मैं आशीष कि पीड़ा समझ सकता हूँ कि उसने जो पत्र अपने प्रबंधन के लिए लिखा है वह हताश होकर अपनी मेहनत कि कमाई नहीं मिलने के बाद लिखा है. अरे आशीष अभी आपको काफी लम्बा जीवन जीना है इसलिए कोई भी अनुचित कदम मत उठाना. जहाँ तक पेसे नहीं मिलने कि बात है ऐसा दर्द मुझे भी कभी हुआ था लेकिन हिम्मत नहीं हारी और आज इस मुकाम पर हूँ कि अख़बार वाले मुझसे अपने साथ जुड़ने के लिए कहते जो कल तक मेरा आर्थिक शोषण करते थे.समय बदलता रहता है इसलिए मैं तो कहूँगा कि खुद को कर बुलंद इतना कि खुदा तक़दीर लिखने से पहले पूछे कि बता तेरी रजा क्या है. अब आशीष के प्रबंधन कि बात कि जाये .............
शर्म करों कि एक स्ट्रिगर अपनी मेहनत कि राशी मांग रहा है भीख नहीं. इसलिए अविलम्ब आशीष कि राशि भेजे.यदि आपको को भी अपने प्रबधन के पास आशीष कि तरह गिडगिडाना पड़ता तो पता चलता कि परिवार चलाने के लिए केसे केसे जातां करना पड़ते है.मैं तो आशीष के अगले पत्र का इंतजार भड़ास डाट काम पर करुगा कि उसकी मेहनत की कमाई प्रबंधन ने भेज दी है और यदि आप उसका वेतन नहीं भेजते तो धिक्कार है कि आपने शर्म लिहाज गिरवी रख दी है
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written by mini sharma, September 01, 2011
Chenal walo ke pass jab salary dene ke paise nahee hote hain too kyu channel khol kar baith jate hain.............
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written by bhimmanohar, September 01, 2011
yar yeh sab chalta rahta hai , jindgki aap ki anmol hai khona nahi kyounki aap ke piche pariwar hai. lado agar kuch karna hai to inki maa behan ek kardo , channel wale sabhi nange hote hai yeh dikhabi jyada hote hai... inke pas khabar ke liye mitha bolne se jyada kuch nahi hota , agar yeb khatm karna hai to ek unit me khade ho jayo ,tabhi hum sabke kuch achche din aa sakte hai ......

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