'आंखों देखी' का पत्रकार निकला जिस्म का सौदागर

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'आंखों देखी' का पत्रकार शानू: जिस्म के सौदागरों को पत्रकार बना दे रहे हैं न्यूज चैनल और अखबार वाले : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अपने आप को बड़ी महिला पत्रकार नलिनी सिंह का बेहद करीबी और हरदोई में खुद को 'आँखों देखी' का पत्रकार बताने वाले शाहनवाज़ हुसैन उर्फ़ शानू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

शानू के साथ पुलिस ने हरदोई रेलवे स्टेशन की आरपीऍफ़ पोस्ट पर तैनात सब इन्स्पेक्टर बीडी राम समेत तीन महिलाओं को भी जेल भेजा है. इन लोगों पर एक लड़की के साथ बंधक बनाकर जबरन बलात्कार करने और देह व्यापार अधिनियम के तहत कारवाई की गयी है. यह कहानी केवल 'आँखों देखी' की नहीं, कई और ऐसे न्यूज़ चैनलों और समाचार पत्रों की भी पीड़ित लड़कीहै जिन्होंने बिना किसी जांच के पत्रकार नहीं बल्कि भडुए और दलाल मैदान उतार दिए हैं. ऐसे दल्लों के कारण पत्रकारों की गरिमा ना के बराबर हो गयी है.

अपने को ''आँखों देखी'' का पत्रकार बताने वाले शानू के पास साल भर में ही अल्टो कार आ गई थी. इस कार पर लाइव टीवी के बड़े बड़े स्टीकर आगे और पीछे लगे थे. कहने वाले कहते हैं उसके पास जिस्म के धंधे का कारण ही पैसे आए. इस दल्ले पत्रकार के जेल जाने के बाद इसकी तथाकथित पांच बीवियों की भी जानकारी लोगों को हो चुकी है. इनमें से अधिकतर सरकारी नौकरी में हैं और इस दल्ले के कारण अपने परिवार को किनारा करके इसके जाल में फ़ंसी हैं. हालांकि इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है लेकिन जल्दी ही इसकी इस घिनौनी हरकत का भी खुलासा होगा. आखिर यह दल्ला पत्रकार पुलिस की पकड़ में कैसे आया. दरअसल इसकी दलाली की हकीकत एक मजबूर लड़की ने खोली.

पुलिस की पकड़ में आने के बाद शानू ने पुलिस को अपना रौब दिखाया. एक नेशनल और उसी के रीजनल चैनल के एक पत्रकार पूरी रात भर उसे बचाने के लिए पुलिस की चिरौरी करते रहे. शायद इसलिए कि उन्हें शानू ने एक बड़ी रकम देने की पेशकश की थी. इस दल्ले पत्रकार के पकड़े जाने के बाद पत्रकारों के मुंह पर कालिख पुत गई है. पता नहीं न्यूज़ चैनल और समाचार पत्रों के संपादक जागेंगे या ऐसे ही दल्लों को पत्रकार बनाकर पत्रकारिता के मुंह पर कालिख पोतते रहेंगे.

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