मारन के केबल टीवी साम्राज्‍य पर जयललिता का सरकारी प्रहार

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चेन्नई : धुरविरोधी करुणानिधि के साम्राज्य को तहस-नहस करने का मंसूबा बना चुकीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने आखिरकार डीएमके के केबल टीवी पर एकाधिकारवाद को तोड़ दिया। जया ने शुक्रवार को निष्‍िक्रय पड़े सरकारी अरासू केबल टीवी कॉरपोरेशन की शुरुआत कर करुणानिधि के रिश्तेदार मारन परिवार के केबल टीवी साम्राज्य को हिला दिया जो अब तक तमिलनाडु में केबल प्रसारण का एकमात्र जरिया था।

अरासू टीवी की पहुंच राज्य के एक करोड़ 45 लाख घरों तक होगी, यह मारन के सुमंगली केबल विजन से बेहद सस्ता होगा। सस्ती दरों पर केबल टीवी सेवा मुहैया कराने के अपने चुनावी वादे को पूरा करते हुए जया ने फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित सचिवालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस सेवा की शुरुआत की। दरअसल जया ने करुणानिधि को उन्हीं के दांव से चित्त किया क्योंकि अरासू टीवी द्रमुक शासन के दौरान ही 2007 में शुरू किया गया था। उस वक्त मारन परिवार और करुणानिधि के बीच रिश्तों में खटास थी। मारन परिवार को उनकी हैसियत बताने के लिए करुणानिधि ने इस सरकारी केबल टीवी का एलान किया था लेकिन रिश्तों में सुधार के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

इस मौके पर जयललिता ने मारन परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके एकाधिकार के कारण अत्याधिक शुल्क वसूल किया जा रहा था, जिससे सारे फायदा एक ही खानदान को मिल रहा था। जयललिता के इस कदम से पूर्व केंद्रीय मंत्रियों दयानिधि और उनके बड़े भाई कलानिधि मारन के सुमंगली केबल विजन के सामने मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। अरासू महज 70 रुपये के मासिक शुल्क पर 90 चैनल मुहैया कराएगा। जयललिता ने कहा कि इस नई सेवा से लोग हर महीने में 70 से 100 रुपये की बचत कर सकेंगे। जयललिता ने 2001-06 की अवधि में मुख्यमंत्री रहने के दौरान भी केबल टीवी व्यापार के राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव रख मारन परिवार को मुश्किल में डाला था।

हालांकि तत्कालीन राज्यपाल ने इसे केंद्र के अधिकार का विषय बता कर खारिज कर दिया था। करुणानिधि से जब जया के ताजा कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे खुश हैं। राज्य के कई केबल संगठनों ने जयललिता के इस कदम का स्वागत किया है क्योंकि करीब डेढ़ करोड़ कनेक्शन वाले राज्य के मल्टी सिस्टम आपरेटर और 34,000 केबल टीवी आपरेटर अरासू टीवी के दायरे में आएंगे। केबल प्रसारण के बदले आपरेटर सरकार को सिर्फ 20 रुपये शुल्क देना होगा। साभार : एजेंसी


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