सरान ने सीएनईबी से बड़े पैमाने पर छंटनी की

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सीएनईबी न्यूज चैनल से खबर है कि यहां करीब दर्जन भर से ज्यादा लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक सीएनईबी चैनल के मालिक और वर्तमान चैनल हेड अमनदीप सरान ने छंटनी की लिस्ट जो तैयार कराई, उसे एचआर विभाग ने इंप्लीमेंट करना शुरू कर दिया है. करीब 16 लोगों को बता दिया गया है कि उनकी सेवा इस माह के आखिर तक ही है, वे चाहें तो आफिस आ सकते हैं या चाहें तो घर रह सकते हैं, उन्हें 30 सितंबर तक की सेलरी दे दी जाएगी.

उसके बाद उनका संस्थान से कोई लेनादेना नहीं रह जाएगा. छंटनी के शिकार लोगों में कई लोग ऐसे हैं जो करीब तीन वर्षों से सेवा दे रहे थे. कुछ लोग अनुरंजन झा के कार्यकाल में रखे गए थे. सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन जहां नए लोगों की भर्ती में लगा हुआ है वहीं पुराने लोगों को निकालने का काम तेज कर दिया है. निकाले गए लोगों में सभी प्रोड्यूसर और उसके नीचे के पदों पर कार्यरत हैं. छंटनी की लिस्ट में जिन जिन का नाम है, उनकी सूची भड़ास4मीडिया के पास भी है पर इनके करियर पर नकारात्मक असर पड़ने को देखते हुए वह सूची प्रकाशित नहीं की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि सीएनईबी चैनल के दिन प्रतिदिन के कामकाज का इन दिनों सीधे चैनल के मालिक अमनदीप सरान संचालन कर रहे हैं. कभी यह चैनल इस बात के लिए मशहूर था कि यहां मालिकान अपने उदार रवैये के कारण किसी की रोजी-रोटी नहीं छीनते. पर अब यह मिथ टूट चुका है. खुद चैनल के मालिक छंटनी की लिस्ट तैयार कराकर उसे एचआर डिपार्टमेंट के जरिए एक्जीक्यूट करा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि इस चैनल के संचालन पर खर्च कम करने की कवायद के तहत ही छंटनी की जा रही है और अन्य खर्चों में भी कटौती की जा रही है. आने वाले दिनों में चैनल के भीतर कई और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

उपरोक्त तथ्य चैनल से जुड़े कुछ लोगों से बातचीत पर आधारित है. अगर सूचनाओं में कोई कमी-बेसी दिखे तो उसका खंडन-मंडन नीचे दिए गए कमेंट बाक्स के जरिए कर सकते हैं.


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Comments (8)Add Comment
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written by A.jha, September 19, 2011
एक बात मै बता दूं कि जिस मालिक ने आज तक किसी भी कार्मचारी को न निकाला हो चाहे पिछले तीन साल में चैनल में कुछ कमाई की हो या न की हो, वो अचानक ये क्यों करने लगा इसके बारे में किसी ने कुछ नहीं कहा। चैनल को लूटने वाली अनुरंजन झा एंड पार्टी के ऊपर अब ये गाज गिर रही है। सही है। गिरनी भी चाहिए। क्योंकि जो लोग अनुरंजन के साथ आए थे उनमें रसिया लोग ज्यादा थे। काम करने वाले कम। और उनकी बढ़ी हुई सैलरी और ओहदा बाकी कर्मठ लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। अब उन्ही लोगों की लिस्ट लगी है। बाकी रही बात उन लोगों की जो पिछले तीन साल से काम कर रहे थे उन्हें इसलिए निकाला जा रहा है क्योंकि ये वही लोग है जो अनुरंजन के आने के बाद उनके तलवे चाटने में अपनी ज़मीर तक बेच चुके थे। ऐसे में उनका रहना संस्थान में अनुरंजन वायरस जैसा रहता। उसको हटाने के लिए फॉरमैंटिग की गई है। सही है।
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written by satish kumar mishra, September 09, 2011
yashwant ji.... koi aur hai jo mere naam se reply de raha hai.. plz pahele dek lo... ki naam sahi hai ya galat... mere naam ka galat isstemaal ho raha hai... maine kol reply nahi diya hai... plz aap satish mishra wala comment delete kar dijiye... warna mujhe majboori mai court mai jaana padega...
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written by divya, September 08, 2011
cneb hi nahi kukurmutte ki tarah ugey sare channels ke yahi halat hai..bechare media me career bananawale yuva patrakaron ki halat badtar ho gayi hai..s1.voi india news cneb a2z jain tv channel 1 me kkam kar rahe yuva patrakaro ke carrer se khilwad kia gaya hai...kitne hi naye ladke ladkia berozgar ho gaye....
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written by uttam , September 07, 2011
प्रिय यशवंत,आपकी वेबसाइड पर कोई मेरे नाम का गलत इस्तेमाल करके सीएनईबी के बारे में अफवहा फैला रहा है...आप से गुजारीश है कि उत्तम बनर्जी के नाम से आए किसी कंमेट को प्रकाशित ना करे....
उत्तम बनर्जी
धन्यवाद
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written by naval singh, September 07, 2011
sran saheb ki samajh achchi hai aur ab tak unhone jitni bhi niyukti ki hai vo sabhi kaabil log hai. lekin jinhe baahar kaa raasta dikhaya jayega vo bechaare aakhir kya kahenge.....
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written by satish mishra, September 07, 2011
aakhir kaun hai yeh naya editor? iska to naam kisi ne suna tak nahi hai lekin ise jo jante hai unka to kehna hai ki yeh aadmi to anuranjan ka bhi pita hai kai maamlo me. is editar ka jo naam hai usi naam ka ek aur vyakti kisi aur vibhaag me hai aur dono milkar khel kar rahe hain. aap dekh lena cneb ka yeh naya editor ek din jaroor gul khilaaegaa.
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written by Uttam, September 06, 2011
युवा पत्रकारों को बेरोजगार करने वाले कुत्तों की मौत मरेंगे...मेरी बददुआ जरुर लगेगी
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written by Prakash, September 06, 2011
यह तो होना ही था। अमनदीप सरान को अगर इतनी अक्ल होती तो यह चैनल ठीक ही चलता। सीएनईबी का इतिहास देखें तो साफ हो जाता है कि इसके मालिकान चैनल को लेकर कभी गंभीर नहीं रहे। जाहिर है उनके कुछ और बिजनेस होंगे जिनके काले कारनामे को ढंकने के लिए चैनल चलाए जा रहे हैं। हर साल दो साल पर यहां चैनल के कर्ता धर्ता बदले जाते रहे। अब जब सरान को लगा उन्होंने काफी कुछ सीख लिया औऱ उनके चैनल को लोग जानने लगे हैं (यह उनकी सोच है ) तो खुद से चैनल हेड बन बैठे। औऱ जिन लोगों को चलाने की जिम्मेदारी दी है उऩको इससे पहले कोई जानता भी न था। भगवान मालिक... और अगर तीन साल से काम कर रहे किसी कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है तो साफ है कि मालिकान बोरिया बिस्तर समेटने में लगे हैं।

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