रालेगण सिद्धि में पत्रकारों में मारपीट, पीपली लाइव की यादें ताजा

E-mail Print PDF

अन्‍ना हजारे के गांव में रालेगण सिद्धि एक बार फिर पीपली लाइव बन गया है. अन्‍ना के इंटरव्‍यू को लेकर जमकर नूरा कुश्‍ती और बवाल हुआ है. अखबारों में नैतिकता पर लम्‍बे लम्‍बे भाषण ठेलने वाले राजदीप सरदेसाई के चैनल की हड़बड़ी के चलते रालेगण सिद्धि पत्रकारों के घमासान का मैदान बन गया है. यहां तमाम चैनलों के स्‍थानीय पत्रकार एक दूसरे की मां-बहन देखने पर उतारू हो गए. जमकर गाली-ग्‍लौज, कहासुनी, धक्‍का-मुक्‍की हुई. सब कुछ अन्‍ना के सामने हुआ. स्‍थानीय लोग भौचक्‍क हैं.

जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों अन्‍ना का इंटरव्‍यू करने के लिए तमाम न्‍यूज चैनल रालेगण सिद्धि में जमा हुए थे. सब पहले मैं, पहले मैं, का रट लगाए हुए थे. अन्‍ना के लोगों ने सुझाव दिया कि लॉटरी निकाल लिया जाए, जिस चैनल का नाम आता जाएगा उसके हिसाब से अन्‍ना हजारे अपना इंटरव्‍यू देंगे. परन्‍तु चैनल वाले ने लॉटरी सिस्‍टम से इंटरव्‍यू कराने से इनकार कर दिया. इसके बाद काफी माथापच्‍ची की गई. कोई भी बाद में इंटरव्‍यू करने को तैयार नहीं था, सभी को सबसे पहले करने की जल्‍दी थी.

सूत्रों ने बताया कि मामला सुलटाने के लिए इम्‍बार्गो तय किया गया, जिसके अनुसार अन्‍ना सभी चैनलों को उनके हिसाब से बारी-बारी इंटरव्‍यू देंगे, परन्‍तु इसका प्रसारण शाम को सभी चैनल एक साथ करेंगे. सभी चैनल के वरिष्‍ठ लोग इम्‍बार्गो पर तैयार हो गए. सबसे पहले आईबीएन7 के राजदीप ने अन्‍ना का इंटरव्‍यू किया. इसके बाद जी के लिए पुण्‍य प्रसून ने इंटरव्‍यू किया. इसके बाद आजतक एवं स्टार न्‍यूज ने भी अपना इंटरव्‍यू किया. कुछ और चैनल अभी इंटरव्‍यू की लाइन में लगे ही थे कि आईबीएन7 ने इम्‍बार्गो तोड़ते हुए दोपहर में ही अन्‍ना के इंटरव्‍यू को प्रसारित कर दिया.

आईबीएन7 पर इंटरव्‍यू चलने के बाद जी न्‍यूज, आजतक और स्‍टार न्‍यूज ने भी धड़ाधड़ अपने इंटरव्‍यू चला दिए, जबकि अन्‍य कई दूसरे न्‍यूज चैनल के लोगों ने अन्‍ना का इंटरव्‍यू किया ही नहीं था. एनडीटीवी की बरखा दत्‍त भी काफी देर से इंटरव्‍यू के इंतजार में बैठी रहीं परन्‍तु वो भी उस समय तक अन्‍ना का इंटरव्‍यू नहीं ले पाई थीं. इधर, आईबीएन7 पर अन्‍ना का इंटरव्‍यू प्रसारित होने की सूचना मिलने के बाद रालेगण सिद्धि में पत्रकारों में हड़कम्‍प मच गया. विभिन्‍न चैनलों के स्‍थानीय पत्रकार अन्‍ना के सामने ही इंटरव्‍यू प्रसारण की सूचना के बाद एक दूसरे की मां-बहन करने लगे. कई पत्रकारों में धक्‍का-मुक्‍की भी हुई.

यह सारा ड्रामा अन्‍ना के सामने शुरू हो गया. काफी देर से इंतजार कर ही बरखा दत्‍त भी परेशान देखी गईं. अब मामला मीडिया का था तो अन्‍ना के लोग भी परेशान हो उठे कि आखिर अब इन लोगों को मैनेज कैसे किया जाए. काफी देर तक रालेगण में पीपीली लाइव का दृश्‍य चलता रहा. सब लोग अखबारों में लम्‍बी लम्‍बी फेंकने वाले राजदीप और उनके चैनल को भला-बुरा कहते रहे. कुछ ने उनकी नैतिकता पर भी सवाल उठाया, परन्‍तु क्‍या फर्क पड़ता है राजदीप को ऐसे सवालों से, वो किसी रोज फिर नैतिकता पर लम्‍बा चौड़ा भाषण देते मिलेंगे. हां, इन सब के बीच रालेगण के आम लोगों ने पीपली का लाइव दृश्‍य देखकर खूब मजा लिया.


AddThis
Comments (8)Add Comment
...
written by rajesh g Patil, September 15, 2011
टी व्हि वालो ने अन्ना मे क्या देखा है. जो इतना उछाल रहे है. अरे देश मे बड़ी-बड़ी समस्या है. ओ बताए. ग़रीब मरता जा रहा है, और आमिर और आमिर होता जा रहा है. आबादी बढ़ रही है,ये बताओ.
अन्ना ने जो किया ओ सही है, मगर क़ायदा के मुताबिक ही होगा. ये क्यू भूल रहे है. टी व्हि के बड़े-बड़े हुष्ार और समजदार लोग ऐसे चलेंगे तो क्या इस देश का क्या होगा. जिनपर आज देश की जनता विस्वास करती है ओही एक दूसरे के कपड़े फाड़ने लगी है, क्या संदेश जा रहा है...
ये सोचो.. ज़रा... मीडिया को शर्मिंदा कर दिया ... भ्रष्टाचार तो जब से मानव की पैदास हुई , तबसे ये सिलसिला चला आ रहा है.. ये कभी भी ख़तम होने वाला नही.. कोनसा ही क़ानून लाए... ये कभी भी मिट नही सकता .. समजे ग...
देश के जनता का विस्वास मीडिया पर है... ये विस्वास कभी ना खोना...
...
written by नमन, September 15, 2011
भईया इसे कहते है कि आदमी सब कुछ भूल सकता है पर अपनी औकात नही जैसे ही मौका मिला आ गये न अपनी जात पे लुच्चो और लफंगो वाली गये वो दिन जब लोग पत्रकारों की दुहाई देते है अब तो आलम ये है कि बगैर एक बोतल दारु अंदर किये नींद तो दूर बिस्तर भी नही छोडा जाता वा रे लोकतंत्र कि चौथे स्तम्भ आ गये न अपनी असली औकात पे.........
...
written by san, September 13, 2011
Raajdeep to apne pita ke samparko ke madhyam se patrakarita mein aaya tha ye kya naitikata ke baat jeewan mein apnayega. Iski neeyat hi kharab hai. Jo vyakti chote se fayade ke liye apne vayade se mukar sakta hai woh to patrakarita ka galat istemal karke kuch bhi galat kam kar sakta hai. Isko expose karna chahiye.
...
written by arun khare, September 13, 2011
रालेगण सिद्वी में जो कुछ हुआ दुखद है। गलाकाट प्रतिस्‍पर्धा के बावजूद प.कारिता में इम्‍बार्गो का सम्‍मान किया जाना चाहिए था। बडे नाम वाले लोग भी यदि मीडिया और अखबारी मर्यादा और नैतिकता को छोड देगें तो क्‍या होगा। राजदीप सरदेसाई जैसे बडे लोगों को इस बारे में विचार जरूर करना चाहिए।
...
written by Rajesh Bhadania, September 13, 2011
Ralegan siddhi mein aajkal tv channels ke beech mein jo kuchh bhi ho raha hai usse yahi baat sabit hoti hai ki loktantra ke chauthe stambha ki uske aakaon ne trp batoraney ke naam par jo haalat kar di hai wo behad sharamnaak hai isi se tv channels ki saakh ke patan ka andaza lagaya ja sakata hai. Kya tv channels ke liye trp batorana hi akmatra uddeshya rah gaya hai ? Kya bagair trp ke channel nahi chal sakatey ? Agar isi tarah ka trend chalta raha to wah din dur nahin jab tv channels trp batorney ke naam par apni maryaada, saakh, niyam aur kanoon taak par rakh kar sam, dam, dand, bhaid wali ran-niti apnane lag jayenge, bhale hi tv par dikhya jane wala programme poori family ke saath baithkar na dekha ja sake.
...
written by Narendra Sharma, September 13, 2011
smilies/grin.gifsmilies/grin.gif इंडिया सर ये चीज धुरंधर.. रंग-रंगीला परजातंतर.. देश मेरा रंगरेज ये बाबू..
राजदीप ने कैश फार वोट की सीडी किसके कहने पर रोक दी थी?
smilies/grin.gifsmilies/grin.gif
पीपली लाइव बन गया हा हा

वो दिन दूर नहीं जब चैनल वाले गुंडे-मवालियों को पत्रकार बनाएँगे.. या पत्रकार ही इसके काबिल हो जाएं smilies/wink.gifsmilies/cool.gifsmilies/tongue.gif
...
written by jitendra choubey, September 13, 2011
ha ha ha abhi fir bhi stithi kafi kuchh theek hai jis tarah se news channels ki sankhya badh rahi hai.. aane wala samay or bhi visfotak najaare dikhayega.. ladaiyan aam bat hai lekin anna ke darwar me ijjat nahi lutwani thi..
...
written by puran chand, September 13, 2011
टीवी के इन कुतरों ने पत्रकारिता की मम्मी -डैडी कर रखी है .

टीम अन्ना को अख़बार वाले क्यों नहीं दिखते?

टीवी स्क्रीन पर प्रचार के लिए पागल हो गयी है अन्ना एंड कंपनी .

पता नहीं टीवी के टामियों ने अन्ना में ऐसा कौन सा हीरा देख लिया है .

इन्हें लगता है , देश की सत्ता बदल देंगे
.
राजदीप से लोग पूछते क्यों नहीं कि नोट और वोट वाली cd कब दिखायेगा?

बहुत बड़ा हरकट है .

Write comment

busy