लाइव इंडिया न्यूज चैनल के लोग मुश्किल में, अफवाहों ने जोर पकड़ा

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मुंबई के एक बड़े बिल्डर एचडीआईएल द्वारा अधिकारी ब्रदर्स से खरीदे गए न्यूज चैनल लाइव इंडिया (पहले इसका नाम जनमत था) को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने अब चैनल चलाने पर अपनी तरफ से पैसे खर्च करने से मना कर दिया है. साफ निर्देश दे दिया गया है कि चैनल के लोग अब खुद पैसे जुटाएं और चैनल चलाएं. सूत्रों के मुताबिक इस महीने की तनख्वाह अभी तक चैनल कर्मियों के पास नहीं पहुंचा है.

चैनल के एचआर के लोगों ने स्टाफ से कहना शुरू कर दिया है कि नई नौकरी के लिए सभी लोग प्रयास शुरू कर दो. बताया जाता है कि इसी समूह द्वारा खरीदे गए चैनल मी मराठी का भी हाल बुरा है. प्रबंधन इसे बेचने की तैयारी में है. मी मराठी पर किए जा रहे खर्च को बंद कर दिया गया है. इसलिए प्रोडक्शन का काम बंद हो चुका है. लाइव इंडिया के सीईओ सुधीर चौधरी कुछ दिनों तक मुंबई रह कर आए हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन अब चाहता है कि दो साल तक खर्च उठाने के बाद अब खुद चैनल अपने दम पर कंटेंट के साथ साथ रेवेन्यू जेनरेट करे. सूत्रों का कहना है कि सुधीर चौधरी ने अपनी मेहनत से कंटेंट के दम पर चैनल को पहचान और नाम तो दिला दिया लेकिन वे बिजनेस के मामले में फेल रहे. मार्केटिंग में जो अच्छे लोग आए, उनसे सुधीर चौधरी की निभ नहीं सकी, इसलिए उन लोगों को जाना पड़ा.

कहने वाले यहां तक कहते हैं कि सुधीर चौधरी को अब प्रबंधन ने बिजनेस जनरेट करने पर पूरा ध्यान देने को कह दिया है. एक अन्य खबर के मुताबिक लाइव इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक गुप्ता को एचडीआईएल में भेज दिया गया है और एचडीआईएल चेयरमैन के बेटे सारंग वाधवा को चैनल की कमान सौंपी गई है. इस पूरे घटनाक्रम के बारे में लाइव इंडिया के सीईओ सुधीर चौधरी भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहते हैं कि सारी चर्चाएं बेबुनियाद है. जहां तक सेलरी की बात है तो कई बार चेयरमैन के साइन देर में होने के कारण सेलरी देर से आती है. चैनल चलाने के प्रति प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मी मराठी के बिकने की चर्चाएं तो बहुत दिनों से है पर अभी तक कुछ फाइनल नहीं हुआ है.


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