ईटीवी उर्दू ने जयपुर में सजाई यादगार महफिल

E-mail Print PDF

: दस साला जश्न पर आए देश के नामचीन शायर : गुलाबी नगर में ऐतिहासिक मुशायरा : गुलाबी नगर, जयपुर के सांस्कृतिक इतिहास में 18 सितम्बर की शाम स्वर्णिम पन्ने जोड़ गई। ईटीवी, उर्दू के दस साला जश्न के मौके पर आयोजित ‘आल इंडिया मुशायरा‘ में देश के शीर्ष शायरों ने शायरी के जो रंग बिखेरे वे बरसों तक जयपुर के लोगों के दिलों में रोशनी करते रहेंगे। यह केवल मुशायरा नहीं था, बल्कि गंगा-जमुना का ऐसा प्रवाह था जिसने देर शाम शुरू हो कर भोर में तारों को विदा होते हुए देखा।

ईटीवी हिन्दी और उर्दू के हेड जगदीश चंद्र की पहल पर हुए इस यादगार मुशायरे के गवाह केवल रवींद्र मंच के जगजमाते ओपन एयर थियेटर में शुरू से आखिर तक जमे रहे हजारों लोग ही नहीं बने, बल्कि 53 मुल्कों के लोगों ने इसे ईटीवी उर्दू और हिन्दी चैनलों पर लाइव देखा। यही वजह है कि मुशायरे के दौरान समस्त शायरों के पास देश के कौने-कौने से फोन पर फरमाइशें आती रहीं। वह चौंकाने वाला अवसर था जब मुशायरे का संचालन कर रहे अनवर जलालपुरी ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सचिव के माध्यम से फोन पर मुनव्वर राणा से ‘मां‘ शीर्षक कविता सुनाने की फरमाइश की। मुनव्वर एक बार स्टेज पर अपनी धाक जमा कर वापस जा चुके थे, लेकिन मायावती की फरमाइश पर वे फिर माइक पर आए और अपनी शायरी से लोगों को भावव्हिल कर दिया। उनकी ‘मां‘ पर लिखी पंक्तियों ने दिल पर ऐसे सीधी चोट की कि उसकी टीस को कैमरे द्वारा पकड़े गए उस दृश्य से ही महसूस किया जा सकता था, जिसमें राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पवन अरोड़ा के चेहरे पर लगातार अश्रु धार बहती देखी गई। वे भावुक कर देने वाले क्षण थे। इससे पहले मुनव्वर राणा की ये पंक्तियां भी दिल को छू गईं - ‘लिपट जाता हूं मां से और मौसी मुस्कराती है, मैं उर्दू में गज़ल करता हूं, हिन्दी मुस्कराती है‘।

‘कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता‘ गीत लिखने वाले विख्यात शायर निदा फाजली के साथ ही वसीम बरेलवी और राहत इंदौरी ने भी अपने अशआर और दिलकश अंदाज से सामइन का दिल लूट लिया। मुशायरे में करीब दो दर्जन नामचीन शायरों ने ऐसी शानदार महफिल सजाई कि ईटीवी उर्दू की दसवीं सालगिरह का यह जश्न यादगार बन कर रह गया। मुम्बई, दिल्ली, हैदराबाद, उत्तप्रदेश, मध्यप्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों से आए प्रमुख शायरों में एजाज पॉपुलर मेरठी, डॉ. तारिक कमर, शकील आजमी, मुमताज रशीद, मल्का नसीम, ताहिर फराज़, डॉ. नसीम निकहत, लोकेश कुमार सिंह साहिल, राना तबस्सुम, जिया टोंकी, तहसीन मुनव्वर, रईस अंसारी, नुसहत मेहदी, के.के.सिंह मयंक, दीप्ति मिश्रा आदि शामिल थे। सभी शायरों ने उर्दू की हिफाजत के लिए ईटीवी उर्दू का दिल खोल कर शुक्रिया अदा किया।

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत ने शमां रोशन कर के जश्न-ए-ई टीवी की शुरूआत की। राज्य के गृहमंत्री शांति धारीवाल, विद्युत मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री बाबूलाल नागर, सांसद अश्क अली टाक व महेश जोश और जयपुर की मेयर ज्योति खण्डेलवाल सहित अनेक विधायक भी देर रात तक मुशायरे का लुत्फ लेते रहे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने इस जश्न की कामयाबी के लिए खास तौर पर पैगाम भेजे। सुबह लगभग चार बजे तक चले इस मुशायरे के अंत में ईटीवी हिन्दी व उर्दू चैनलों के हेड जगदीश चंद्र ने लफ्जों की इस महफिल को कामयाब बनाने के लिए सभी आगन्तुकों का आभार जताया। इस आयोजन में सईद खां और खुर्शीद रब्बानी की अहम भूमिका रही। जयपुर में 1984 के बाद बड़े स्तर पर यह मुशायरा हुआ जो गुलाबी नगर के सांस्कृतिक इतिहास की एक बड़ी घटना बन गया।


AddThis
Comments (4)Add Comment
...
written by mahesh sharma, October 09, 2011
बाकी सब समझ में आता है, भडास फॉर मीडिया क्यों आंड उठा रहा है क़ातिल के ?
...
written by maheshsharma, September 22, 2011
क़ातिल सहाब को कौन नहीं जानता..मुशायरा ठीक कर दिया अब देखिएगा कैसे मुशायरे के नाम पर कितनों को नाप लेंगे जनाब..आश्चर्य की बात है अब प्रधानमंत्री,राष्ट्
रपति के सब दौरे में ये इंसान साथ है, महज दो साल का पत्रकार, सिरमौर बनने जा रहा है. देखते रहिए पत्रकारों की हैसियत...बड़े-बड़े दिग्गजों को सीढ़ी बनाकर उनके सिर पर पैर रखकर प्रधानमंत्री,राष्ट्
रपति के विमान तक जा पहुंचा है। मतलब यहां भी है भ्रष्टाचार... लानत है ऐसे पत्रकार जगत पर ...आक थू ...
...
written by aik patrakar, September 21, 2011
allah meherban to gadha pahelwan
...
written by banshi, September 20, 2011
ye katil sahab ki sakhsiyat ka kamal hai

Write comment

busy