अलीगढ़ में सहारा के दो-दो स्ट्रिंगर, हर प्रोग्राम में दो-दो माइक आईडी

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: इस वीडियो को देखें और पत्रकारिता की हालत पर तरस खाएं : संपादक महोदय, भड़ास4मीडिया डाट कॉम, आपको एक वीडियो क्लिप भेज रहा हूँ. अलीगढ में सहारा समय के दो स्ट्रिंगर हैं. दोनों के बीच आजकल खूब तनातनी चल रही है. खुद को सहारा का दबंग स्ट्रिंगर बताने और दूसरे स्ट्रिंगर को नीचा दिखाने के प्रयास में एक ही खबर पर दोनों अपनी-अपनी माइक आईडी लगा देते हैं.

एक ही खबर पर सहारा की दो-दो आईडी लगाये जाने से लोगो में खासी  चर्चाएं हैं. असल में सहारा समय यूपी में पुराने समय से धीरेन्द्र सिंह बतौर स्ट्रिंगर काम करते चले आ रहे हैं. सहारा प्रबंधन ने धीरेन्द्र सिंह के अलावा विकास भरद्वाज को दूसरा नया स्ट्रिंगर नियुक्त कर दिया. दूसरा स्ट्रिंगर आने से पुराने स्ट्रिंगर के सामने साख का संकट पैदा हो गया. इससे पुराने स्ट्रिंगर ने नए स्ट्रिंगर को मात देने के लिए उसे परेशान करना शुरू कर दिया.

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें- एक प्रोग्राम में सहारा की दो-दो माइक आईडी

नतीजा ये हो चला है कि अलीगढ की एक ही खबर पर सहारा समय की दो-दो माइक आईडी लगाना शुरू हो गयी है. हालांकि खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी डेस्क अथवा ब्यूरो द्वारा दोनों में से किसी एक को ही दी जाती है. बावजूद इसके, खबरों पर दोनों अपनी अपनी आईडी लगाते हैं.  इससे नया स्ट्रिंगर बहुत परेशान है. इस सूचना को भड़ास पर प्रकाशित कराएं ताकि सहारा प्रबंधन पूरे हालात से अवगत हो सके.

सबसे हैरानी की बात ये है कि क्या सहारा प्रबंधन इतना लापरवाह हो गया है कि वह थोक के भाव माइक आईडी बांट रहा है और इसके दुरुपयोग की छूट सभी को दे रहा है. आमतौर पर न्यूज चैनलों का प्रबंधन इस बात पर कड़ी नजर रखता है कि कहीं भी उसके नाम और ब्रांड का दुरुपयोग न हो सके. पर सहारा के मामले में कहा जा सकता है कि यहां जिस तरह का जंगलराज रहता है, उसमें यह संभव है कि कई जिलों में इस चैनल के लिए कई कई पत्रकार माइक आईडी लेकर अपनी अपनी दुकानदारी चला रहे हों.

-अलीगढ से एक टीवी पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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Comments (7)Add Comment
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written by R.p. sharma "Aaj", September 23, 2011
AMBANI BHAI KA AAB KYA HOGA. MAIDAN ME VIKASH AA DHAMKA HAI. IS BADLAV SE PULICE AND ADMINATRAION AND PUBLIC ME KHASE CHARCHA HAI...
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written by Vikrant chaudhary, September 23, 2011
Dhirendr ki okat to sirf dalali ki hai vo sirf matlab ka yaar hai sahara walo ne use ab tak nikala kyon nahi
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written by praween kumar, September 23, 2011
जब हाथ से पावर और प्रभाब खिसकता और कम होता नज़र आता है तब मज़बूत होते आदमी से जलन होती है. यही बजह है की माईक आयडी लगाने की जंग छिड गयी है. अलीगढ में जिसकी दुकान अभी तक एक छत्र राज की तरह चली हो और अब बंद होने की नोबत आ गयी हो तो आदमी को बुरा ही नहीं महाबुरा लगेगा. यू कहे तो गलत नहीं होगा की सहारा का सहारा कम हो जायेगा. आदमी कितना भी ताकतबर हो उसे ध्यान रखना चाहिए ..चढ़ाता सूरज ढलता जरूर है... ------9927033272
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written by WASEEM AHMAD, September 23, 2011
जिस चेनल का नाम सहारा हो और सहारा तो सहारा होता है. इसमे २ लटके या पञ्च कोई हर्ज नहीं. दुकान चलनी चाहिए.
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written by raja, September 22, 2011
की नई बात नहीं है। आगरा में 5 हैं , पहला प्रज्ज्वल गौतम, 2,हरीश शर्मा, 3,अनिल शर्मा.4,पिनट्टू वर्मा , 5 राजेंद्र । फिर अगर अलीगढ़ में दो है तो क्या करा जाये।
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written by rahul, September 22, 2011
are kamal ho gaya .. dheeroo tum apane 4-4 ladako se kaam kara rahe ho .. fir bhi dalali ki dukan band hoti dikh rahi hai. aur dheeroo bhai proparty kaa kaam sahi nahi chal raha hai kya. are ab fild me camer lekar daudo. adhikario ko kam hadkao.
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written by KUMAR RAKESH, September 22, 2011
ALIGARH ME TO DO HI STRINGERS HAIN LEKIN BIHAR KE ADNA ARARIA JAISE CHHOTE DISTRICT ME SAHARA NE TEEN STRINGERS HAIN AUR MAJEDAR TEENO ME BANTI V NAHI HAI.CHHOTHA PURNEA INCHARGE RAJESH SHARMA MAHINA DO MAHINA ME YAHAN AAKAR STORY KAR TEENO KA ALAG SE BAT LAGATA HAI,TEENO STRINGERS RAJESH KI CHAMCHAGIRI V KUCHH IS TERAH KARTA HAI KI JOURNALISM HI SHARMSAR HO JAYE.EKSAMAY TO YAHAN CHAR-CHAR STRINGERS HUA KARTE THE,EK BHAI SAHAB KOLKATA HI SHIFT HO GAYE TO TEEN APNI APNI DUKANDARI CHALANE ME JUTE HAIN

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