हिंसा, अश्‍लीलता दिखाने वाले चैनलों को मंत्रालय ने भेजा नोटिस

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: न्‍यूज24, पी7 न्‍यूज समेत कई चैनल लपेटे में : सास-बहू के सीरियल, रियलिटी और क्राइम शो और न्यूज चैनलों पर महिलाओं के असम्मानजनक चित्रण करने वाले, चीख-चिल्लाहट, गाली-गलौज, अश्लीलता और हिंसा दिखाने वाले चैनलों पर सरकार सख्त हो गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पी7 न्‍यूज, न्‍यूज24, सोनी टीवी समेत लगभग एक दर्जन चैनलों को नोटिस भेजा है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को नोटिस भेजे हैं उनमें इटीवी मराठी, जी बांग्ला, सूर्या टीवी, स्टार वर्ल्ड और एफएक्स चैनल का नाम भी शामिल है। सास-बहू के सीरियल, कॉमेडी शो, रियलिटी शो और यहां तक कि कार्टून चैनलों भी के कुछ संवाद और दृश्यों को लेकर दर्शकों ने आपत्ति जताई है। मंत्रालय ने सोनी पर दिखाए जाने वाला "क्राइम पेट्रोल" और ईटीवी मराठी के "क्राइम डायरी" शो में वीभत्स हिंसा के नाट्य रूपांतरण और प्रस्तुतिकरण और एनडीटीवी गुड टाइम्स के कार्यक्रम "लाइफ्स अ बीच" में परोसी जाने वाली अश्लीलता और फूह़ड़ता को लेकर इन चैनलों को नोटिस भेजा है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक दर्शकों की सैंक़ड़ों ऐसी शिकायतें हैं जिनमें कहा जाता है कि टीवी कार्यक्रमों के कंटेंट की वजह से बच्चों और परिवारों में गलत संदेश जा रहा है। इन शिकायतों को देखते हुए मंत्रालय में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कंटेंट की निगरानी सेंटर ने कई टीवी कार्यक्रमों के संवाद, दृश्य और प्रस्तुतिकरण को आपत्तिजनक पाया है। सूत्रों के मुताबिक सेंटर ने 16 जून से 30 जून और 1 जुलाई से 15 जुलाई 2011 के बीच के बीच दिखाए जाने वाले टीवी कार्यक्रमों की निगरानी कराई, जिसमें पाया गया कि 4006 मामलों में सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय की छानबीन समिति ने 20 जुलाई को सेंटर की इन आपत्तियों को सही पाया और आठ चैनलों को उनके कंटेंट के लिए नोटिस भेजे गए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नोटिस के अलावा कुछ चैनलों को यह सलाह भी दी है कि वह तुरंत अपने ऐसे कार्यक्रमों के कंटेंट में बदलाव लाएं जिससे हिंसा, महिलाओं के प्रति भेदभाव या अश्लीलता को ब़ढ़ावा मिल रहा हो। जिससे समाजा का वातावरण दूषित होने का खतरा हो।

इन चैनलों में कोलकाता टीवी, सोनी टीवी, न्यूज24, पी7, पावर विजन टीवी, ईटीवी मराठी, जी बांग्ला, कलर्स, फॉक्स क्राइम, इटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसग़ढ़ शामिल है। इसके अलावा समिति ने मंत्रालय से सिफारिश की है कि बंसल न्यूज के "एक्सपोर्ट होती ल़ड़कियां", समय चैनल के "यह भी है खबर", डीडी नेशनल के "सात वचन सात फेरे", कलर्स के "खतरों के खिला़ड़ी", इंडिया विजन के "द रियल बॉक्स", यूटीवी बिंदास के "स्कूल ऑफ र्फ्ल्ट" और इमैजिन टीवी के कार्यक्रम "बाबा ऐसो वर ढूंढो" कार्यक्रम के लिए उन पर कार्रवाई की जाए। इनपुट : प्रेसनोट


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Comments (2)Add Comment
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written by Kamaljeet, September 23, 2011
Ha yah jaruri bhi hai kyoki aaj kal behad had tak in baato ka dhyan chenllo dwara nahi rakha jata hai halanki yaha sab sajawat trp namak chidia ke liye hi hota he
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written by Kamaljeet, September 23, 2011
Ha yah jaruri bhi hai kyoki aaj kal behad had tak in baato ka dhyan chenllo dwara nahi rakha jata hai halanki yaha sab sajawat trp namak chidia ke liye hi hota he

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