हाई कोर्ट ने कहा 'सच का सामना' बेहद अश्‍लील

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 में प्रसारित टीवी रियलिटी शो 'सच का सामना' की दो विवादास्पद कड़ियों के लिए स्टार प्लस चैनल को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को शुक्रवार को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर ने स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका खारिज कर दी और कहा कि कार्यक्रम में दिखाई गई वषय-वस्तु 'अश्लील, अशोभनीय तथा अच्छी रुचि एवं मर्यादा के विरुद्ध' थी जो केबल टेलीविजन नेटवर्क के नियमों के तहत वर्णित कार्यक्रम आचार संहिता का उल्लंघन है।

चैनल ने यह याचिका मंत्रालय द्वारा 27 नवम्बर, 2009 को जारी नोटिस के विरुद्ध दायर की थी। मंत्रालय ने 17 और 21 जुलाई, 2009 को प्रसारित 'सच का सामना' की दो कड़ियों पर आपत्ति जताई थी। साभार : भास्‍कर


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