इंडिया टीवी में प्रमोशन, शोषण के लिए नया पद सृजित

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इंडिया टीवी से खबर है कि इंक्रीमेंट मिलने के साल भर बाद अब लोगों को प्रमोशन दिया गया है. हालांकि प्रमोशन में भी जमकर भेदभाव किए जाने का आरोप है. शोषण करने के लिए डिप्टी प्रोड्यूसर जैसा एक नया पद सृजित कर दिया गया है. यह पद एसोसिएट प्रोड्यूसर और प्रोड्यूसर के बीच का है. अभी तक आमतौर पर एसोसिएट प्रोड्यूसर को प्रमोशन देकर प्रोड्यूसर बना दिया जाता है पर इंडिया टीवी ने अपने युवा पत्रकारों का शोषम व प्रमोशन लंबा खींचने के लिए डिप्टी प्रोड्यूसर जैसा पद निकाल दिया है.

अब एसोसिएट प्रोड्यूसर को प्रोड्यूसर बनने के लिए कुछ बरस डिप्टी प्रोड्यूसर की एक फर्जी कुर्सी पर बैठकर बिताने होंगे. सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों की नौकरी सात-आठ साल की है, उनमें से कई को सीनियर एडिटर बना दिया गया है और जिन लोगों को ग्यारह साल का एक्सपीरियेंस मीडिया में है, उन्हें डिप्टी प्रोड्यूसर के पद से नवाजा गया है. सेलरी और पद में भारी विषमता है.

सीनियर एडिटर को मार्केट में दूसरे चैनलों में जितना मिल रहा है, उससे आधी रकम इंडिया टीवी के कुछ सीनियर एडिटर्स को थमाया जा रहा है. कहने का आशय ये कि इंडिया टीवी सिर्फ खबरों की ऐसी-तैसी करने के लिए ही नहीं कुख्यात है बल्कि अब अपने इंप्लाइज के शोषण के लिए भी कुख्यात हो रहा है. कहने वाले कहते हैं कि आखिर रजत शर्मा कितना माल बांधकर अपने साथ परलोक ले जाएंगे. कम से कम अपने साथ काम कर रहे लोगों को बेहतर पद पैसा इज्जत मान सम्मान देकर वह सेल्फ सैटिसफेक्शन पा सकते हैं और गर्व से कह सकते हैं कि वे एक पत्रकार होने के कारण अपने यहां के पत्रकारों को सबसे अच्छी स्थिति में रखते हैं.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त सूचना में निहित तथ्यों में कोई कमी बेसी नजर आए तो शुद्धिकरण नीचे दिए कमेंट बाक्स या फिर This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it पर मेल भेजकर कर-करा सकते हैं.


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