टीवी पर विज्ञापन : साल भर में 18 करोड़ से ज्‍यादा फूंक डाला माया सरकार ने

E-mail Print PDF

पिछले एक वर्ष अर्थात 20 सितम्बर 2010 से 20 सितम्बर 2011 के मध्य उत्तर प्रदेश सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय द्वारा विभिन्न चैनलों तथा टेलीविजन पर कुल नौ बार विज्ञापन दिया गया, जिसमें कुल 18.45 करोड़ रुपये का व्यय हुआ था. यह सूचना मेरे द्वारा उत्तर प्रदेश शासन के सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा आरटीआई के अंतर्गत इस अवधि में उत्तर प्रदेश सूचना एवं जन संपर्क निदेशालय द्वारा विभिन्न चैनलों तथा टेलीविजन पर प्रसारित कराये गए सरकारी एडवरटीजमेंट के सम्बन्ध में मांगी सूचनाओं के उत्तर में दी गयी है.

इस अवधि में 17 से 30 अक्टूबर 2010, 07 फरबरी से 16 अप्रैल 2011 एवं 12 मई से 14 सितम्बर 2011 तक की अवधि के मध्य प्रसारित किये गए. ये सभी विज्ञापन 40.0 सेकण्ड तथा 5.35 सेकेण्ड के थे, जो सभी न्यूज़ चैनलों पर प्रसारित किये गए थे. हम सबों को उत्तर प्रदेश जैसे गरीब राज्य में सरकार द्वारा मात्र स्व-प्रचार में इतनी बड़ी धनराशि व्यय किये जाने की कटु निंदा करनी चाहिए, जहां एक तरफ तो लोग भुखमरी से मर रहे हैं और दूसरी ओर सरकार करोड़ों रुपये अपनी शान में कसीदे गढ़ने में खर्च कर रही है. यह सचमुच एक ऐसी स्थिति है जिसे कदापि ठीक नहीं कहा जा सकता और यह आज के समय की सरकारों की मानसिकता की द्योतक है. अब समय आ गया है जब इन कार्यों के लिए आम जनता को सरकारों को जिम्मेदार बनाते हुए उनसे उनके कार्यों का हिसाब लेना चाहिए.

डॉ. नूतन ठाकुर

कन्‍वेनर

नेशनल आरटीआई फोरम


AddThis