यशवंतजी, या तो आप आलसी हो गए हो या आप पर काम का बहुत बोझ है

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: कहां ईटीवी और कहां एचबीसी न्यूज, इनमें किसी रूप में भी तुलना करना गलत है : यशवंत जी नमस्‍कार, मेरा नाम जुबेर खान है और मैं जयपुर का एक पत्रकार हूं। मैं जो भी लिख रहा हूं न तो किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर लिख रहा हूं और न ही द्वेषवश। आप मेरे मेल को ज्‍यों का त्‍यों पोर्टल पर मेरे नाम के साथ प्रकाशित कर सकते हैं। यह तो हुआ मेरा परिचय। अब मैं आपसे मुखातिब हूं। सबसे पहले समूचे पत्रकारिता जगत की खबर लेने-देने के लिए बहुत-बहुत धन्‍यवाद, लेकिन साथ में एक शिकायत भी। इन दिनों भड़ास फोर मीडिया को सरसरी तौर पर देखने से ही पता लग जाता है कि या तो आप पर काम का बोझ कुछ ज्‍यादा ही हो गया है या आप पहले के मुकाबले बेहद आलसी हो गए हैं।

यदि ऐसा नहीं होता तो आप इस तरह से बिना तथ्‍यों को जांचे-परखे भड़ास फोर मीडिया पर खबरें नहीं लगाते। उदाहरण के तौर पर मैं 21 दिसंबर को पोर्टल पर ‘अजीज बने एचबीसी न्‍यूज के आउटपुट हेड’ शीर्षक से लगी खबर (http://bhadas4media.com/edhar-udhar/8025-2010-12-21-05-48-38.html) की ओर आपका ध्‍यान आकृष्‍ट करना चाहता हूं। इस खबर के अंतिम पैरा में लिखा हुआ है कि ‘उनका एचबीसी न्‍यूज से जुड़ना इसलिए महत्‍वपूर्ण माना जा रहा है क्‍योंकि एचबीसी राजस्‍थान में ईटीवी का नजदीकी प्रतिद्वंद्वी बनता जा रहा है।

गौरतलब है कि ईटीवी के ब्‍यूरोचीफ रह चुके प्रताप राव पहले ही एचबीसी ज्‍वाइन कर चुके हैं।’ यशवंत जी एचबीसी न्‍यूज कहां है और ईटीवी कहां। आप एचबीसी न्‍यूज की हकीकत जानेंगे तो आपको भी यह आशंका होने लगेगी कि यह अबोध चैनल पता नहीं कम दम तोड़ दे। दो साल के लंबे संस्‍पेंस के बाद जुगाड़ भिड़ा कर शुरु हुआ यह चैनल शुरुआत में ही हांफने लगा है। ईटीवी का प्रतिद्वंद्वी बनना दूर एचबीसी न्‍यूज तो राजस्‍थान के छोटे-बड़े शहरों में चल रहे केबल चैनलों से भी मुकाबला नहीं कर पा रहा है। अव्‍वल तो यह चैनल दिखने ही दो-चार शहरों में लगा है और यहां भी लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि यह सेटेलाइट चैनल है या केबल चैनल। एचबीसी न्‍यूज में समाचार वाचक के होठ कहीं हिलते हैं और आवाज कहीं आती है।

आपको यदि बासी खबरें देखने का शौक हो तो एचबीसी न्‍यूज इसमें नंबर एक है। सुबह आठ से चलती हुई खबरें रात आठ बजे तक चलते-चलते थकती नहीं हैं, फिर लौट-लौटकर आते हैं। अक्‍सर ये अगले दिन भी आ जाती हैं। स्‍क्रोल हमेशा ही ऐसे चलता है कि इसके रास्‍ते में स्‍पीड ब्रेकर ही स्‍पीड ब्रेकर हैं। चैनल में कलर स्‍कीम ऐसी है, जैसी ‘ईस्‍टमैन कलर’ हिंदी फिल्‍मों में हुआ करती थी।

ईटीवी से मुकाबला करना तो दूर एचबीसी न्‍यूज प्रबंधन अब तक यही नहीं समझ पा रहा है कि न्‍यूज चैनल क्‍या होता है और यह चलता कैसे हैं। सुनने में आ रहा है कि वहां लोगों को तनख्‍वाह भी नहीं मिल रही है। जहां तक प्रताप राव जी का सवाल है, वे एक भले मानुस हैं, लेकिन उन्‍होंने यहां आकर कोई तीर नहीं मारा है। चैनल खबरों की दृष्टि से दिनों-दिन बदतर ही होता जा रहा है। वैसे राव साहब ने तीर कहीं भी नहीं मारा है। ईटीवी ने उनकी क्षमताओं का सम्‍मान करते हुए ही उन्‍हें बाहर का रास्‍ता दिखाया था। सीएनईबी में भी उनकी प्रतिभा का खूब पूजन हुआ था। यहां उन्‍होंने क्‍या काम किया और किस बेदर्दी से उन्‍हें निकाला गया, यह किसी से छिपा नहीं है। हां, यह सही है कि एचबीसी न्‍यूज यदि ढंग से चले तो यह ईटीवी को कड़ी टक्‍कर दे सकता है और उसे पछाड़ भी सकता है। असल में लोग ईटीवी के आतंक से त्रस्‍त हैं। उसकी खबरों में भी कोई दम नहीं है। उसे तो सरकार की कमेंट्री करने के अलावा कोई काम नहीं है।

खैर, एचबीसी न्‍यूज की एचबीसी न्‍यूज वाले जाने और ईटीवी की ईटीवी वाले, आप तो भड़ास फोर मीडिया का ध्‍यान रखो। आप तो पूरी तरह से निष्‍पक्ष रहो और तथ्‍यों को जांच-परख कर ही खबर प्रकाशित करो। यदि ऐसा नहीं होगा तो कल को मैं भी एक खबर आपको भेज दूंगा कि मैं एक न्‍यूज चैनल लांच करने जा रहा हूं जो देश के सभी नेशनल न्‍यूज चैनल्‍स को पीछे छोड़ देगा। क्‍या आप इस बात को ज्‍यों का त्‍यों छाप दोगे। यह हो नहीं सकता कि आपको मीडिया की दुनिया की पूरी खबरें नहीं हो। ऐसे में यदि आप अपनी बुद्धि और विवेक का इस्‍तेमाल करेंगे तो पोर्टल पर सही खबरे लगेंगी।

आपका शुभेच्‍छु

जुबेर खान, जयपुर

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Comments (13)Add Comment
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written by mukesh sundesha, February 22, 2011
मीडिया क़ि ताकत है यशवंत जी
सम्मानीय , यशवंत जी सादर नमस्ते
आपके द्वारा भडाश मिडिया में प्रिंट एंड एलेक्ट्रिनिक मीडिया की जानकारियों का समावेश किया जाता है अची बात है पर , आजकल इलेक्ट्रोनिक मीडिया के रीजनल चेनलो के बारे में बहुत सी बाते सामने आ रही है ... मै, बात कर रहा हूँ राजस्थान के रीजनल चेनलो की जिनमे इन दिनों भारी चोर शराबा हो रहा है आप तो जानते ही है .....ये आखिर हो क्यों रहा है ?
राजस्थान में कुछ नामी पतरकार नाम की चाहत में इधर उधर हो रहे है... ये बात सो टका सच है की चेनलो के मालिको को अपने ये ही लोग गुमराह करते है की चेनल में काम करने वाले खूब मिल जांएगे ये नहीं तो इसका भाई दूजा ही सही ..... कम्पनी के शुरू होते ही आज कल के नव युवक काम की चाहत में बिना पे के काम करना शुरू कर देते है और दो -चार माह बाद धीरे धीरे अपनी तनखा मांगने की हिमत करते है और कम्पनी दो -चार माह और निकल देती है तब जाकर अपनी आवाज निकलती है और हम फिर एक दूजे की बुराई करते देर नहीं करते............. ये सब क्यों ? ये तो
यशवंत जी का भला हो की हमारी आवाज को एक ताकत देकर उन कंपनियों के मालिको को उनकी हकीकत से रु ब रु करवाते है नहीं तो आज के ज़माने में तो लोगो को चापलूसी से फुर्सत ही नहीं मिलती ...
एक बार पुनह यशवंत जी का आभार क़ि आप मीडिया की जंग में हमारे हितेशी बन रहे है ...

आपका
मुकेश सुन्देशा
संपादक
मारवाड़ पत्रिका
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written by Durg singh, February 15, 2011
yashwant ji... Aapki baat sahi hein ETv koi badi baat nahi hein Hamara HBC news abhi shuruati dour me he.. Hum VOI ki tarah doodh ke ufaan nahi banenge.. Hamaari neev mazboot hogi..abhi se jo log comment kar rahe hein they are foolish....
Durg singh
HBC news
Barmer
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written by aanzan, February 10, 2011
Is Khan ko ye hi nhi pta ki wo abhi jee kaha rha he ??? pehli baat toh use samajh ni aa rhi ki use bolna kya he or wo kehna kya chahta he btw ???
or rhi baat channel k baare me bolne ki toh pehle beta us level pe toh aaja ki kuch tippani kar sake... verna wo kahawat toh suni hi hogi...
"HAATHI JAAYE BAZAAR,,, KUTTE BHONKE HAZAAR"
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written by mukesh sundesha, February 02, 2011
jankar bada dukh hua ki koi bhi sab kisi bhi comp. ke bare me kuch bhi mangadht bat likh rahe hai or log us par bhi coments kar apni akalmandi ka paricya de rahe hai
yashwant ji aapse to koi bhi chupa hua nahi hai
to ye bate ........
kyo or kisleye ......... rahi bat nai comp. ki to koi bhi apni ma ke peth se sikh kar nahi aata .... HBC comp. nai jarur hai par samay to lalega ... rajasthan me ETV ko 10 sal ho gaye hai or HBC news ko 100 din ...
ab bhala khan sab ko kya pata ki comp. kesi chalti hai or chmsagiri kayse hoti hai
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written by suresh sangwan, December 25, 2010
bhai khan sahab aap ek reporter hain ya kisi channale ke chmche sayed apne patarkarita ka path nahi pada h isslie apki soch itni kamjor hain . 2 channalon ka koi kissi ne kuch likh diya or usme aap jaj ki bhumika ada kar rahe hain kya apke pass itni yogeta h nahi aap ek chamche sabit ho rahe ho
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written by suresh sangwan, December 25, 2010
bhai khan sahab kisi bhi tv channale ka itna bada chamcha na bane ki kal dunia tum thu-thu kare syed aap ne pahle netaon ki chamchi mari h or ab kisi tv channale ke bare me ye bayan se sabit hota h ki apko patrkarita nahi chamchi jayada achi lagti h
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written by ravi shankar maurya, December 25, 2010
bhadas ek bebak aawaj hai jo sabhi media ke logo wa sabhi media sansthano ke sath hai...haan agar kuch khatta meetha pal hota hai to uski bebak tippadi bhi bhaadas par aati hai....filhal etv ka failav jyada hai...lakin kisi nayi chingari ko najar andaj nahi kiya ja sakta kyoki top par rhne walo ko jyada chinta karne ki jaroorat padti hai nahi to fisalte der nahi lagti ...main na to etv ke kilaf hu na hi hbc ke saath .....main to ek naye channel ke behtar suruwat wa diggjo ki teem ke saath utarne par .....hbc news ke behtar bhavishya ke liye subhkamnaye deta hu ....aur zuber ji aapko ek salah .........yashwant nam yuwa media karmiyo ki takat ka hai ...aur bhadas yuvawo ki takat ....sahab kisi naye paryas ko bhi itni jaldi nahi jaj kiya ja sakta ..jaise barabar ka nahi mana ja sakta ...hbc ...etv ka dwand to suru ho gaya hai dekhna hai kaun jeeta hai trp ka maidan ....fir se hbc ko dhero badhai...
ravi shankar mauruya , journalist..KOTA
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written by lalit sharma, December 24, 2010
kya yashwant Bhai... Aap bhi na... bhala kahan Raja Bhoj (Etv Raj.) aur kahan Gangi Teli (hbc).... aapse ye ummid na thi....
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written by jitendor sharma, December 24, 2010
zuber bhai , yasewant bhai ki soch ko me salam karta hu , mere vichar se kisi ki tulna karne ke liye ,'time our fild' ko dhayan me rakha jata he, 'hbc no 1', is time ko dekhate hua he ///////
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written by vineet kumar, December 23, 2010
yasvantji alsi nahi filhal radiya mam par shayad research kar rahiyahan..............smilies/wink.gif
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written by winit, December 23, 2010
यशवंत भाई आजकल राडिया मैडम में ज्यादा व्यस्त है.........सोच रहे होंगे आखिर राडिया का radiation सिर्फ बड़े मीडिया हाउस तक ही क्यों???smilies/grin.gifsmilies/grin.gif.....और ये भी कि इस राडिया ने मीडिया के शेखीबाजो को आइना दिखाकर उसकी औकात भी बता दी कि ईमानदारी कि कितनी भी उड़ी-कूदी मार लो.. लेकिन तुम्हारे शीर्ष पे बैठे आका मेरी चोली कि जेब में रहते है. जो चांदी का जूता देख के खुद बा खुद सर झुका देते है.

विनीत 9450449019
Swen-NewS (NewsZone BroadCom)
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written by ashish goswami, December 23, 2010
yasvantji ko alsi na kah kar yeh kah sakte hai ki vo sb ki baato ko responce dete hai,.....
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written by SANJEEV SHARMA, December 23, 2010
Yeh Achi Baat Hai Aakhir YASHWANT bhaiya Hum Sabka Dhyan Rakh Rahe Hai.....,Or Galti Bhagwan Se Bhi HOti hai...........................

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