'365दिन' पर ताला, अमल लाएंगे नया चैनल

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Amal Jainरांची से शुरू हुआ इस इलाके व प्रदेश का पहला सैटेलाइट रीजनल न्यूज चैनल ''365 दिन'' का शटर डाउन हो चुका है. इस चैनल ने कई उतार चढ़ाव देखे, लेकिन अंततः चैनल चल नहीं पाया. जानकारी के मुताबिक इसे कुछ दिनों / महीनों पहले बंद हो जाना पड़ा. इस चैनल के सीईओ के रूप में अमल जैन काम देखते रहे. उन पर कई तरह के आरोप लगे. थाना पुलिस कोर्ट कचहरी का चक्कर भी उन्होंने काटा. हर किसी छोटे-बड़े से वे पंगा लेते रहे. बताया जाता है कि शिकायतों और बवालों से परेशान कोलकाता के पोद्दार ग्रुप ने अंततः चैनल न चला पाने में असमर्थता जताई. इस तरह चैनल को बंद हो जाना पड़ा.

चैनल में काम करने वाले ढेरों पत्रकार व गैर-पत्रकार बेरोजगार हो गए. चैनल बंद होने को लेकर भड़ास4मीडिया की तरफ से जब अमल जैन को फोन किया गया तो बेहद उत्तेजित, गुस्साए व आक्रामक अमल जैन ने लगातार आधे घंटे तक गाली-गौलज, अनाप-शनाप बातें कीं. उन्होंने भड़ास4मीडिया पर खुद को बदनाम करने का आरोप लगाया. साथ ही देख लेने की धमकी भी दे डाली. उन्होंने रंगदारी के आरोपों व जेल जाने के मुद्दे पर खुद को पाक-साफ बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी को भी जेल जाना पड़ा था इसलिए किसी के जेल जाने से यह नहीं कहा जा सकता कि वह गलत है. अमल जैन का कहना था कि पत्रकारिता के लिए चैनल चलाओ, अखबार खोलो, वेबसाइट के जरिए पत्रकारिता नहीं होती बल्कि ब्लैकमेलिंग होती है.

फोन पर बातचीत के दौरान बेहद गरम अमल जैन ने भड़ास4मीडिया को लीगल नोटिस भिजवाने की बात कही. बाद में उनकी पत्नी ने भी फोन कर भड़ास4मीडिया तक नोटिस पहुंचाने के लिए मेल आईडी की मांग की जिसे उन्हें मुहैया करा दिया गया.  आज सुबह अमल जैन की तरफ से एक मेल भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह को मिला. इस मेल के जरिए अमल जैन ने यशवंत को पब्लिक प्लेस पर कठघरे में खड़ा कर पत्रकारिता के एथिक्स सिखाने की बात कही है. साथ ही यह भी सूचित किया है कि वे अब भी '365दिन' न्यूज चैनल के सीईओ के पद पर विराजमान हैं और जल्द ही एक बड़े चैनल को लांच करने वाले हैं. अमल जैन द्वारा यशवंत को प्रेषित मेल इस प्रकार है-

Dear Yashwant Ji,

Good MOrning,

I am continusly waiting for your mail, but in vain till now.

I have never read about your opinion for me, but it is embarrasing for me that without taking facts you always put baseless news against me and my group. I am 100 percent right that matters you always put are wrong, fabricated and baseless. I am the first man who started sattelite news channel from a backward and unstabnelled state like Jharkhand and targetted all black ships of state.

I even don't know, who are you and which type of journalism , you are doing, but I am an honest JOurnalist And it is not fair at any cost to defame me from any point.

I am very very eager for a meeting with you on an public place where I could put you in a dock. YOu should describe the ethics of Journalism .

I hope you will take it professionaly not as yellow journalism, because your style is against the honest journalism of our Country and our main motto is to aware people against corruption.

Hoping with a new effort from your side.

You are most welcome in my office at Ranchi. For your Kind information, I am still holding the post of CEO of 365 DIN and I will come again with a big channel very soon.

Regards and awaiting of your reply.

Yours

Amal


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Comments (14)Add Comment
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written by abhishek anand,camera man,News 11 Ranchi, December 27, 2010
bhai koi to mere dube hu rupay wapas dilwado,amal jain ne 15000 rupay ye kah kar liya tha ki wo muje job dega,job to mila nahi,rupahay bhi rakh liya.
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written by VSNandan, December 26, 2010
यशवंत भाई आपने इस खबर को देर से पोस्ट किया लेकिन किया इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं, रही बात 365 दिन चैनल के वर्तमान में तथाकथित सीईओ की तो ये तो इनका तकिया कलाम है देख लेने की नोटिस भेजवाने की ! इस काम में इनका पूरा परिवार लगा है, इसने चैनल को साला -साली,बीवी -बेटी और कुछ तथकथित रिश्तेदारों का अड्डा बनाकर रख दिया था ! हालाँकि इस बात की प्रशंसा करनी होगी की झारखण्ड/बिहार का यह पहला रीजनल चैनल खोलने का श्रेय अमल जैन को ही जाता है , लेकिन चैनल की आड़ में इसने कई शर्मनाक घटनाओं को अंजाम दिया ,जिससे पत्रकारिता शर्मशार हुई ! आपसे आशा है की इस बददिमाग व्यक्ति का ठीक से इलाज कर देश का एक अच्छा नागरिक (सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय) बनायेंगे .....................
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written by Anshul, December 26, 2010
Dear Amal Ji dekhiye koi bat nhi ye to log hai aur logo ka kam hai kehna in bato pe dhyan mat dijiye aur apna kam kriye
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written by danish, December 26, 2010
yaar amal jaise log aur usko saport karne wale es samaj ke dushman hai ....amal itna bada jaalsaaz hai ki usne apne ghar kaam karne wali ka bhi paisa rakha hua hai ....jab bhi koi usse baat karta hai to wah notice bhejne ki dhamki deta hai aur de bhi kyon na ...bechare ne itna case lada hai ki ek aam admi agar lad raha hota to hum tamaam patrakaar use criminal hi bana dalten par amal ne to patrakarita ki chadar udh rakhi thi to koi patrakaar uske khilaaf kaise jaata .......
yashwant ji main amal aur uske gurge se ladne ke liye aapko bandhaee deta hoon aur kabhi bhi aapko meri zaroorat pade to mujhe zaroor yaad kijie ga.....
thanks
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written by abhishek anand,mews 11,ranchi, December 26, 2010
365दिन में कैमरामैन के पद पर नौकरी देने के एवज में अमल जैन ने मुझसे 25000 रुपये की मांग की थी। मै 25000 देने में असमर्थ था,किसी तरह 15000 रुपये मैने अमल जैन को दे दी। लेकिन आज तक ना तो नौकरी मिली नाही मेरे रुपये वापस मिले। यशंवत सर मै आपके साथ हू,अमल के खिलाफ मेरे पास कई सारे सबूत है,जब भी जरुरत हो हमें बुला लेंगे।
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written by Alok Tomar, December 25, 2010
अमल जी. जब ठीक से अंग्रेज़ी नहीं आती हो तो हिन्दी में लिखने में क्या बुराई है. रही बात यशवंत सिंह को पत्रकारिता का पाठ पढ़ाने वालों की तो बहुतों ने प्रयास किया और खुद ध्वस्त हो गए. ईमान की स्याही से लिखा आप क्या मिटायेंगे गुरु?
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written by vinit, December 24, 2010
jab nash manuj par chhata hai, pehle vivek mar jata hai.
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written by RANJAN SRI, December 24, 2010
ANT SAMY AATA HE ,. VIVEK PAHLE MAR JATA HE.
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written by mithilesh kumar, December 24, 2010
yah to ho na hi tha, Koki sure se hi amal jain ptrkarita ko bazaru banakr rakh diya tha
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written by chandan singh, December 24, 2010
kiya yashwant j

apne to lagta hai Imandari ki topi pahan li hai........ kuchh apne bare mai kio comment nahi chapte ..... lagta hai dosre blog ka help lena prega kiya bhai......
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written by babloo, December 24, 2010
ख्सियानी बिल्ली खम्भा नोचे वाली कहावत आमल जैन की बौखलाहट देख कर प्रमाणित हो रही है. दूसरे को नसीहत देने से पहले उन्हें खुद अपने गिरेबान झाकना चाहिए.
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written by ranjan, December 23, 2010
nautankibaaz no 1 hain amal jain....aisi bakwaas karne aur gali galauz karne unke liye nayi baat nahi hai...
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written by मदन कुमार तिवारी, December 23, 2010
यशवंत भाई अगर आपने भंडाफ़ोड डाट काम के आधार पर अमल को कटघरे में खडा किया है तो भाई माफ़ करना लेकिन वह भंडाफ़ोड तो अमिरों और भ्रष्ट ्नेताओं का संरक्षक लगता है। अमल के बारे में पढने के बाद मैं भंडाफ़ोड के साईट पर गया । वहा तो अमल के खिलाफ़ पुर्वाग्रह से ग्रसित होकर छपे हुये बेसिर पैर की बातें लिखी हुई है। कहीं ऐसा तो नही की भंडाफ़ोड और अमल के बीच कोई निजी स्वार्थ की टकराहट हो और भंडाफ़ोड अपने फ़ायदे के लिये भडास का इस्तेमाल कर रहा हो। वैसे यशवंत सिंहा जी के बारे में बहुत कुछ है। मै उन्हें देश का सबसे खराब अर्थ शास्त्री ्मानता हूं । उनके काल में हीं मारिशस के द्वारा भारत में निवेश का मामला उठा था। रह गई बात सुबोध कांत सहाय जी की तो एक हीं बात कह सकता हूं कि कभी राजनितिक गुमनामी झेल रहे सुबोध कांत जी मु्म्बई में किस तरह का व्यवसाय करते थे यह जांच का मुद्दा है। हर हफ़्ते मुम्बई का प्लेन से दौरा होता था। आज अगर जरुरत होगी तो साक्ष्य भी ला दुंगा। लेकिन बात बहुत ही पुरानी है।
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written by मदन कुमार तिवारी, December 23, 2010
भाई पहले यह तो पता चले की आखिर भडास ने अमल के खिलाफ़ निकाला क्या था जो मामला इतना आगे बढ गया । यशवंत आप भी यह पता कर ले की क्या वाकई अमल चैनल के माध्यम से गलत काम कर रहे हैं या निहित स्वार्थावश किसी ने उनके खिलाफ़ लिखा है भडास पर । वैसे जेल या केस मुकदमे का अर्थ यह नही होता की कोई गलत है। किसी भी जुझारु पत्रकार का जलल जाना आम बात है । चमचे पत्रकार हीं सिर्फ़ जेल नहीं जाते । मेरी सलाह है की सारे मामले की जांच कर ले , अमल से बात भी करें । ठिक है की उन्हें भडास पर प्रकाशित किसी खबर पर गुस्सा आया होगा , लेकिन खबर की सच्चाई जानना जरुरी है।

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