चैनल वही जो सरकारी गुण गाए

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दुल्हन वही जो पिया मन भाए की तर्ज पर पंजाब में खबरें वहीं जो सरकार मन भाए चल रहा है। राज्य में केबल के माध्यम से कौन सा खबरिया चैनल आए और कौन सा गायब रहे, इसके बाकायदा निर्देश जारी किए जाते हैं। पिछले कुछ सालों से ऐसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। आरोप यह भी कि यह नियंत्रण कोई और नहीं लगाता बल्कि सत्तापक्ष में बैठे लोग ही इसे अंजाम दे रहे हैं। पंजाब में निजी परिवहन की तरह केबल नेटवर्क पर भी नियंत्रण हो गया है।

ऐसा नहीं है कि अकाली-भाजपा सरकार के दौर में ही ऐसा हो रहा है और खास वर्ग ऐसा करा रहा है। कांग्रेस के राज में भी वही चैनल ज्यादा नजर आते थे जो सरकार का गुणगान करते थे। सत्ता कंवर संधु बदली तो निष्ठा बदल गई और चैनल भी। यानी चैनल वही सरकार कहे अनुसार चले और वही खबरें दिखाएं जो उसके मन भाए। पंजाब में निजी परिवहन और केबल नेटवर्क को लेकर सरकार की आलोचनाएं भी होती रही हैं लेकिन बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ है।

पहली बार देश के नामी पत्रकार कंवर संधु ने केबल के अपरोक्ष नियंत्रण को हटाने के लिए आवाज बुलंद की है। इंडिया टुडे, इंडियन एक्सप्रेस और हिंदुस्तान टाइम्स के माध्यम से अपनी पहचान बना चुके कंवर संधु सेटेलाइट चेनल डे-नाइट के प्रबंध संपादक हैं। सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को उन्होंने इस बाबत चिट्ठी लिखी थी जिसके जवाब में सोनी ने पंजाब के मुख्य सचिव को इस बाबत कार्रवाई के लिए कहा था।

संधु का आरोप है कि मुख्य सचिव ने इस दिशा में कुछ नहीं किया है। संधु की यह पीड़ा अपने चैनल के संदर्भ में हो सकती है कि उसे ठीक से चलने नहीं दिया जाता, लेकिन प्रदेश में और भी लोगों को यही दिक्कत रही है। संधु ने बाकायदा पत्रकार सम्मेलन में केबल नेटवर्क पर एक वर्ग के नियंत्रण की बात कही। यह कौन है सभी जानते हैं। अब समय आ  गया है कि मीडिया को अपने हिसाब से चलाने वालों को बेनकाब किया जाना चाहिए।


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Comments (8)Add Comment
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written by robin singh, January 16, 2011
It is so funny. When Sandhu was editor of Hindustan Times, he never raised voice against Punjab Today which was Congress mouthpiece while others suffered. It is a common knowledge that cable operators charge crores to air a channel since bandwwidth is limited. Demand and TRPs also play a major role... how would a cable operator air 550 channels when the technology allows airing only 90 channels? Except the owners of Day & Night, who else is bothered about this channel being on air or not? Its so funny when you want to watch Punjabi, bulletins are in English, when you want English they are in Hindi. Sandhu should stop cribbing and realise market realities. Political parties or groups can no longer control airwaves. DTH is national and not controlled by state governemnts. Why is he not trying to get on to DTH? Perhaps they are also asking for crores.. Neither central government nor state govt can help Mr Sandhu in this. And under which rule or guideline is he asking for justice?
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written by ratan singh, January 14, 2011
Kanwar Sandhu, suna hai koi samjhota ho gaya hai. day and night channel ko aab koi dikkat nahi aaygi? kya yah sach hai? agar han to yah galat hoga kya aap apne channel ke leye hi sab kuch ker rehe the ya phir media per hue hamle ke liye? aap to esse nahi the. aap iss bare mai sapstikarn den taki hum log jan seke.agar baat thik hai to phir koi sun and moon channel per aanch aayegi.
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written by mahandra singh, January 13, 2011
punjab mai yah hota hi hai. jab congress ki sarkar thi to kuch channel walo ki chandi hoti thi jabki akali samarthk loge ke channel malik rote the. dekhna mai aaya hai hai ki iss bar aati ho gai hai. sukhbir badal cablenetwork ko apne kabje mai rekhe hue hai. day and night channel ko rokne ka eek karan manpreet badal ki news ko dikhna hai. aab kanwar sandhu ka kere unhe wo news hi dikhni hai jo log dekhna chah rehe hain. satelight channel ko iss terah se rokna galat hai. yah media per hamla hai. kanwar sandhu ke saat eek karwan banega bus time ki baat hai.
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written by patrakar, January 11, 2011
मध्यप्रदेश में भी यही हो रहा है. शिवराज सिंह और रमण सिंह की जय जयकार चल रही है. मुकेश कुमार ने जिस सहारा चैनल की इज़्ज़त मशक्कत से बनाई थी अब वहाँ पैसे के लिए शादी के लाइव तक चल रहे हैं. किसी भी मंत्री के खानदान में शादी हो तो नोएडा से 5 - 5 लोग कदम चूमते आ जाते हैं. कमल नाथ, ज्योतिरादित्य, कांतिलाल भूरिया छींक भी दे तो ब्रेकिंग न्यूज़ बना दी जाती है, इसी कारण टी आर पी में तीसरी जगह बमुश्किल मिल पाई.
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written by fateh singh, January 11, 2011
jab karobar rukega to koi bhi bolega. jab tak kanwar sandhu newspaper mai the jayna nahi bole aab apane channel ko roka jane laga to aage aa gye hai lakin himmat ki daad deni hoti aaye to sahi varna kuch to dubke bethe hain. sandhu ji aap lage rehe aaapke sath kafi log jurne wale hain.
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written by sanjiv, January 11, 2011
Billy ke gale mein ghanti bandhe kon.....agar koi bandhne wala mil jaye to uske samarthan mein utre kon
ye dard un logon ko hota hai jinhen stariya samachar channel chlana hota hai .......lekin vidambna dekhiye aise channel ungliyon par gine ja sakte hain. Bhedbhaav ke khilaf uthai awaaz ke liye sandhu ji ko shubhkamnayen.
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written by Krishna nand, January 10, 2011
कंवर साहब इस लड़ाई में मैं आपके साथ हूं। मैं पिछले 16 वर्षों से मीडिया में हूं तथा पिछले छह व र्षों से एक चैनल में बतौर ब्यूरो प्रभारी हिमाचल प्रदेश में कार्यरत था। मैंने केबल आपरेटरों से लंबी लड़ाई लड़ी किंतु आज राजनेताओं की अलोकतांत्रिक सोच के कारण उत्तरी भारत में अवैध मीडिया का प्रचलन बढ़ गया है। केबल माफिया नेताओं के संरक्षण में अवैध मीडिया का धंधा बेखौफ चला रहा है और हमारी व्यवस्था में इस देशद्रोही कृत्य के निवारण के लिए कोई स्थान नहीं है। संधू जी आपसे सिर्फ एक विनती है कि आप इस लड़ाई को बेखौफ लड़ें किंतु कांग्रेस की झोली में कदापि न जाएं क्योंकि आपके ऐसा करते ही मीडिया की गरिमा पूरी तरह मिट जाएगी। ऐसी चर्चा है कि आप कांग्रेस के इशारे पर यह लड़ाई लड़ रहे हैं। दूसरा डे एण्ड नाईट चैनल को सिर्फ एक ही भा षा का चैनल रहने दें इसे खिचड़ी न बनाएं क्योंकि आपके ऐसा करने से इस चैनल का दर्शक वर्ग न हिंदी रह गया है न अंग्रेजी और न पंजाबी सिर्फ वही आपके द र्शक आपको देखते हैं जिन्हें आप चरचाओं में शामिल करते हैं। वह भी सिर्फ उसी दिन जिस दिन उनका कार्यक्रम प्रसारित होना होता है। भारी भरकम टीम से भी कोई फायदा वर्तमान स्टाफ से चैाथाई स्टाॅफ से आप इससे 10 गुना बेहतर चैनल चला सकते हैं। बिन मांगी सलाह के लिए क्षमा प्रार्थी हूं।
Krishna nand
8091121081
Chandigarh

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written by ankur, January 10, 2011
kanwar sandhu ji kabhi vivad mai nahi perhte. yah mudda uthaker unhone eek nai behas shru ker di hai dekhna hai ki media ke kitne bahadur log unke sath aate hain. abhi nahi to congress ki sarkar aane per sabhi esse log samne aane legenge.sandhu patrkirta mai karamyogi ki terah hai. unki muhim rang layegi.

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