हम टीआरपी से नहीं, जनता से जुड़ेंगे : विवेक सत्‍य मित्रम

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विवेक: जनता टीवी के मैनेजिंग एडिटर बने : दिल्ली से नेशनल न्‍यूज एंड करेंट अफेयर्स चैनल 'जनता टीवी' जल्‍द ही लांच होने जा रहा है. इसके लांचिंग की जिम्‍मेदारी संभाली है युवा एवं तेजतर्रार पत्रकार विवेक सत्‍य मित्रम ने. वे इस चैनल के मैनेजिंग एडिटर हैं. उनके निर्देशन में ही चैनल के लांचिंग की तैयारी चल रही है. भड़ास4मीडिया से बात करते हुए उन्‍होंने बताया कि जनता टीवी दूसरे चैनलों की भेड़चाल में शामिल नहीं होगा. हम टीआरपी के पीछे भी नहीं भागेंगे. न्‍यूज एंड व्‍यूज के वैल्‍यू के साथ आगे बढ़ेंगे.

विवेक ने कहा कि नाम के अनुरूप चैनल आम आदमी की आवाज बनेगा. उन्‍हें एक प्‍लेटफार्म उपलब्‍ध कराएगा. ऐसा मंच बनेगा जहां आम लोग अपनी बात, अपनी खबर, अपनी आवाज कह-देख-सुन सकें. खबरों को खबर की तरह दिखाया जाएगा, सनसनी नहीं बनाया जाएगा. जनता टीवी आज के दौर में मीडिया से दूर होते आम आदमी के इशु, कंसर्न एवं चिंताओं की बात करेगा. हम टीआरपी के लिए भूत-प्रेत, ड्रामा-नौटंकी, भविष्‍यवाणी जैसी चीजों के पीछे नहीं जायेंगे.

उन्‍होंने कहा कि हम सामाजिक चिंता और सोच के साथ सलेक्‍टेड टार्गेट आंडियंस को ध्‍यान में रखकर चैनल ला रहे हैं. खबर के लेबल पर कोई समझौता नहीं होगा. व्‍यवसायिक चिंताओं के लिए हम एक विशेष रणनीति के तहत उतर रहे हैं. हम आर्थिक स्‍तर पर बाजार के पीछे नहीं भागेंगे बल्कि खास रणनीति के तहत हम सीधे आम जनता से जुड़ेंगे और जनता हमसे जुड़ेगी.

विवेक ने कहा कि हम तय लक्ष्‍य और रणनीति को ध्‍यान में रखकर चल रहे हैं. भारत के बाहर रहने वाले दर्शक भी हमारे पैरामीटर में शामिल हैं. यह चैनल भारत के अलावा आस्‍ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों में प्रसारित होगा. उन्‍होंने बताया‍ कि चैनल की लांचिंग प्रकिया अंतिम दौर में है. हम काफी समय से इस प्रोजेक्‍ट पर काम कर रहे थे. 21 मार्च को इस चैनल की लांचिंग कर दी जाएगी. हम नम्‍बर गेम के लक्ष्‍य को लेकर नहीं बल्कि जनता से जुड़ने के लक्ष्‍य को लेकर आ रहे हैं.

गौरतलब है कि विवेक सत्‍यमित्रम युवा पत्रकार हैं. वे इंडिया टीवी में एक्‍जी‍क्‍यूटिव प्रोड्यूसर थे. वहां से इस्‍तीफा देने के बाद वे इस प्रोजेक्‍ट में लग गए थे. विवेक आईआईएमसी के 2002 बैच के छात्र हैं. उन्‍हें लेखन, कविताओं का शौक पहले से ही रहा है. इलाहाबाद से स्‍नातक करने के दौरान ही वे पत्र-पत्रिकाओं में लेखन करने लगे थे.

विवेक ने अपने करियर की विधिवत शुरुआत 2003 में सहारा समय से की. उन्‍हें रिपोर्टर बनाया गया. उन्‍होंने क्राइम, दिल्‍ली एडमिनिस्‍ट्रेशन सहित कई बीटों को कवर किया. कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरियां ब्रेक कीं. मार्च 2004 में वे पीटीआई-भाषा से जुड़ गए. कई डेस्‍कों पर काम किया. जून 2006 में विवेक ने स्‍टार न्‍यूज ज्‍वाइन कर लिया. इन्‍हें मुंबई भेज दिया गया. वहां नेशनल रिपोर्टर के इंचार्ज रहे. दिसम्‍बर 2006 में इन्‍हें दिल्‍ली बुला लिया गया.

दिसम्‍बर 2007 में विवेक ने इंडिया न्‍यूज ज्‍वाइन कर लिया. वहां प्रोड्यूसर बनाए गए. इनकी कार्य क्षमता को देखते हुए इंडिया न्‍यूज में इनकी जिम्‍मेदारी एवं कद में लगातार बढ़ोत्‍तरी की जाती रही. पहले स्क्रिप्‍ट इंचार्ज बनाया गया. 2009 के शुरू में प्राइम टाइम शिफ्ट इंचार्ज बना दिए गए. 2010 में इन्‍हें एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर के पद पर प्रोन्‍नति दी गई तथा आउटपुट हेड बना दिया गया. इनके निर्देशन में ही आम चुनाव हैंडिल किया गया.


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