मीडिया की लाज बचाई (1) : मंत्री के बांटे पैसे पत्रकारों ने लौटा दिए

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जी नमस्कार, मैं पंजाब के कपूरथला से एक इलेक्ट्रोनिक चैनल का पत्रकार हूं. शनिवार 22 जनवरी को कपूरथला की तहसील सुल्तान पुर लोधी में घटित हुई एक घटना के संबंध में आपको जानकारी देना चाहता हूं. यह जानकारी भड़ास4मीडिया पर जरूर पब्लिश कराई जानी चाहिए. पंजाब की वित्त मंत्री के कालेज में खबरों को लगाने के लिए पत्रकारो को पैसों वाले लिफाफे बांटे गए. इसे बाद में पत्रकारों ने वित्त मंत्री को वापस कर दिया और उन्हें खरी-खरी बातें भी सुना दी.

इस खबर की वीडियो जिसमें वित्त मंत्री उक्त लिफाफों को खोल-खोल कर पांच-पांच सौ के दो नोट निकालती हैं और उनकी आवाज भी सुनाई दे रही है, आपको भेज रहा हूं. अब खबर को कुछ विस्तार से लिख रहा हूं. शनिवार को सुल्तान पुर लोधी (कपूरथला) के गुरु नानक खालसा कालेज का सालाना इनाम तकसीम समागम रखा गया था जिसमें मुख्य महिमान के रूप में पंजाब की वित्त मंत्री डॉ.उपिंदरजीत कौर व गुरु नानक यूनिवर्सिटी अमृतसर के वीसी को शामिल होना था. बताने योग्य बात है कि यह कालेज वित्त मंत्री का ही है. कालेज के समागम की कवरेज के लिए प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों को न्योता भेजा गया था. आज समागम की कवरेज के लिए पत्रकार कालेज पहुंच गये. समागम शुरु हुआ तो समागम की कवरेज भी हो गयी.

वित्त मंत्री की बाइट के बाद कालेज के प्रबंधकों ने एक-एक लिफाफे पर एक-एक चैनल का नाम लिख पत्रकारों को थमा दिया. इस देखने पर शक यकीन में बदल गया. लिफाफों में खबर लगाने के लिए चाय-पानी व तेल खर्च के पैसे थे. खास बात थी कि पैसे भी चैनलों की औकात व प्रसार के मुताबिक पत्रकारों को दिए गये यानि जिस चैनल को लोग अधिक पसंद करते थे, उसके पत्रकार को हजार रुपए व दुसरों को पांच-पांच सौ रुपए लिफाफे में डाल दिए गये. तब तक वित्त मंत्री खाना खाने के लिए एक रूम में आ चुकी थीं. खाना खाने के उपरांत पत्रकारों ने उक्त लिफाफे वित्त मंत्री को थमा दिए.

पहले तो मंत्री साहिबा इसे पत्रकारों का मान बताती रहीं लेकिन पत्रकारों द्वारा इसे पत्रकारों का अपमान बताए जाने पर मंत्री साहिबा ने अपने आपको इस घटना से अंजान बता दिया लेकिन प्रबंधकों में से एक मंत्री साहिबा की भतीजी ने इसे पत्रकारों के आने का खर्च बताया. खैर, पत्रकारों ने पैसे वापिस कर दिए व समागम की कवरेज न लगाने का फैसला कर लिया. जिस समय पत्रकारों ने पैसे वापिस किये उस समय वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसकी प्रशंसा भी की. खैर, मैं चाहूंगा कि मेरी e-mail को गुप्त रखा जाए और आपको सबूत के तौर पर कुछ समय में इसकी वीडियो पहुंच जाएगी. आप इस घटनाक्रम की किसी भी सूचना की पुष्टि के लिए मुझे मेरे नंबर पर फोन कर सकते हैं.

एक पत्रकार साथी द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित. इस खबर से संबंधित वीडियो देखने के लिए क्लिक करें... मंत्री के लिफाफे और पत्रकारों की ईमानदारी


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