क्या नवीन पांडेय की नौकरी चली जाएगी?

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आदरणीय यशवंत जी, मैं यह पत्र आपको लिखने के लिए मजबूर हो गया हूँ, भड़ास4मीडिया पर एक खबर प्रकाशित हुई थी शीर्षक था "जागरण के बाद आर्यन न्यूज़ पर भी पंडित जसराज मरे", इस सन्दर्भ में आपको सूचित करना चाहूँगा कि आपके ब्लॉग पर इस खबर के प्रकाशित होने के बाद चैनल के प्रबंध निदेशक श्री अनिल जी ने चैनल हेड श्री संजय मिश्र से इस बारे में पूछ ताछ की और श्री संजय मिश्र ने इस पूरे प्रकरण के लिए श्री नवीन पाण्डेय को जिम्मेदार ठहराया गया जो वहां आउटपुट में कार्यरत हैं.

मैं इमानदारी से आपको बताना चाहता हूँ की मैं श्री नवीन पाण्डेय जी को जानता भी नहीं हूँ और न ही कभी उनका नाम भी सुना था, लेकिन एक ऐसी खबर जो एक पैकज स्टोरी के तौर पर किसी चैनल पर अगर चलती है  तो उसमें किसी एक व्यक्ति की भूमिका नहीं होती है, यह एक टीम वर्क होता है. तो इस परिस्थिति में किसी एक व्यक्ति को बलि का बकरा बनाया जाना कहाँ तक उचित है? मैं आपको पक्के तौर पर यह बता सकता हूँ कि श्री नवीन पाण्डेय जी को कल से लेकर परसों तक चैनल से विदा कर दिया जायेगा. मेरा उद्देश्य किसी चैनल में चल रही गुटबाजी की खबर आप तक पहुँचाने का कतई नहीं है.

मैं केवल आपके और आपके ब्लॉग के माध्यम से श्री नवीन पाण्डेय जी की नौकरी बचाना चाहता हूँ, क्योंकि आपके ब्लॉग पर ऐसी खबर आने के बाद मेरा मानना है की श्री अनिल जी की आँखे खुल जाएँगी और एक बेक़सूर की नौकरी बच जायेगी क्योंकि अनिल जी मीडिया बैक ग्राउंड से नहीं हैं और उन्हें इस बात कि जानकारी भी नहीं है कि किसी खबर को चलने से पहले वो कितने लोगो के आँखों के सामने से गुजरती है. मेरा यह प्रयास श्री नवीन पाण्डेय को बलि का बकरा बनने से बचाना है, उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है आपकी मदद मिलेगी.

अगर संभव हो तो मेरी पहचान को उजागर न करें.

सप्रेम धन्यवाद
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