आजतक के ब्यूरो चीफ का हुआ स्टिंग?

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अभी तक आजतक वाले स्टिंग व पोलखोल खबरों के पर्याय माने जाते थे लेकिन बदले दौर में अब आजतक वालों का ही स्टिंग होने लगा है. खबर है कि आजतक के पंजाब, हरियाणा व हिमाचल के ब्यूरो चीफ भूपेंद्र नारायण सिंह उर्फ भुप्पी एक गंभीर मामले में फंस चुके हैं. उन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री धूमल ने आरोप लगाया है कि भुप्पी ने उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की.

साथ ही यह भी कि कुछ खास लोगों के काम न करने पर कई तरह की उलटी-सीधी खबरें दिखाने की धमकी दी. बताया जाता है कि धूमल ने भुप्पी की पूरी बातचीत को रिकार्ड कर लिया और उस टेप को टीवी टुडे ग्रुप के मालिक अरुण पुरी के पास भेज दिया. अरुण पुरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल दो वरिष्ठों की एक जांच टीम बनाकर चंडीगढ़ रवाना कर दी है. सूत्रों का कहना है कि इस जांच टीम में एक सदस्य शैलेंद्र झा हैं. पता चला है कि भुप्पी की आवाज का सैंपल लिया जा रहा है ताकि आडियो टेप में उनकी आवाज को चेक किया जा सके.

उधर, भुप्पी के करीबी लोगों का कहना है कि धूमल ने खुद ही खबर न दिखाने के लिए प्रलोभन दिया था जिसे न स्वीकारे जाने पर चैनल प्रबंधन से उटपटांग शिकायत कर दी. धूमल की गड़बड़ियों से संबंधित कुछ कागजात भुप्पी के हाथ लगे हैं और इस पर भुप्पी स्टोरी कर रहे हैं, जिसे रुकवा पाने असफलल होते देख धूमल व उनके लोगों ने भुप्पी पर आरोप मढ़ दिया ताकि आजतक प्रबंधन भुप्पी पर कार्रवाई कर दे और खबर भी ड्राप कर दे.

पर दूसरी ओर के लोगों का कहना है कि भूपेंद्र नारायण सिंह बुरी तरह फंस चुके हैं. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि धूमल उनका स्टिंग कर लेंगे. यह भी कहा जा रहा है कि भूपेंद्र नारायण सिंह सिर्फ अकेले दोषी नहीं साबित होंगे, दिल्ली स्थित आजतक मुख्यालय के कुछ वरिष्ठ भी इस मामले में फंस सकते हैं. हालांकि पूरी तैयारी है कि दिल्ली के वरिष्ठों को बचा लिया जाए. इस प्रकरण में धूमल खेमा और भुप्पी खेमा, दोनों अलग-अलग बातें कर रहा है. दोनों की बातें एक दूसरे के खिलाफ हैं. सच्चाई क्या है, यह पता कर पाना फिलहाल मुश्किल है. संभवतः कुछ दिनों बाद इस प्रकरण की सच्चाई पर से पर्दा उठ सके.


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