बड़ा सवाल : जिंदा रह पाएगा 'देश लाइव'

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: भीतरी घमासान और आर्थिक दिक्‍कतों के चलते बंद होने के कगार पर : बिहार में चुनाव के दौरान शुरू किए रीजनल चैनल देश लाइव असमय मौत के कगार पर पहुंच गया है. अपनी शुरुआत के समय से ही लड़खड़ा रहा  यह चैनल किसी तरह लांच तो कर दिया गया पर अब यह डगमगाने लगा है. पहले स्‍टेट हेड गौतम मयंक ने विज्ञापन के बेजा दबाव के चलते इस्‍तीफा दिया तो अब इसके एडिटर धीरेंद्र श्रीवास्‍तव भी चैनल से अलग हो गए हैं. अब इसकी जिम्‍मेदारी संभव है कि रांची में बैठ रहे मधुरशील को सौंप दी जाए, जिन्‍हें किसी भी चैनल में बड़े पद पर काम करने का अनुभव नहीं है.

इस चैनल के शुरू होने से लेकर ही तमाम तरह की राम कहानी है. पहले इस चैनल को जैन टीवी के सहयोग से खबर लाइव के नाम से लांच किया जाना था. परन्‍तु जैन टीवी के कर्ताधर्ताओं ने बीच में धक्‍का दे दिया. चैलन की लांचिंग टल गई. चैनल को अमित सिन्‍हा के साथ मिलकर किसी तरह देश लाइव के नाम से लांच किया गया. परन्‍तु यह चैनल न तो कहीं दिखा और ना ही इसकी चर्चा हुई. कंटेंट के लेबल पर भी यह चैनल कोई पहचान नहीं बना पाया. फ्लाप प्‍लानिंग और घटिया कंटेंट के चलते यह चैनल पिट गया है. बाजार में चैनल की खबर से ज्‍यादा चैनल के अंदर की खबरों को लेकर चर्चा रही.

खबर है कि चुनाव में पैसा बनाने के लिए लांच किया गया चैनल अब आर्थिक दिक्‍कतों के चलते बड़ी सेलरी वालों से पीछा छुड़ाने में लग गया है. चैनल के भीतर का माहौल पूरी तरह से खराब हो चुका है. यहां काम करने वाले पत्रकार भी अब मन लगाकर काम नहीं कर पा रहे हैं. रिपोर्टरों पर पैसा और विज्ञापन लाने का दबाव बनाया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन अब 1500 रूपये पर रिपोर्टरों को भर्ती करने का फरमान जारी किया है. कहा जा रहा है कि प्रबंधन के इसी दबाव के चलते एडिटर धीरेंद्र श्रीवास्‍तव एवं स्‍टेट हेड गौतम मयंक ने इसे अलविदा कह दिया.

जिस तरह सोने की अंडा देने वाली मुर्गी समझकर न्‍यूज चैनल खोले जा रहे हैं, उनके लिए देश लाइव जैसा चैनल उदाहरण हो सकता है. इस चैनल को बिहार विधानसभा चुनाव को ध्‍यान रखकर लांच किया गया था. ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा कमाई की जा सके. परन्‍तु प्रबंधन का यह सपना अधूरा रह गया. अब सबसे ज्‍यादा दिक्‍कत इससे जुड़े पत्रकार तथा गैर पत्रकार कर्मचारियों के समक्ष है. उनके लिए यह चैनल भी आतंक का चैनल बन गया है. यानी यह चैनल भी असमय मौत का शिकार होता है तो उनका भविष्‍य क्‍या होगा. जिस मधुरशील को इस चैनल के संचालन सौंपे जाने की संभावना है, उनके अनुभव को देखते हुए सैकड़ों लोगों की फौज को संभालना और आर्थिक मोर्चे पर चैनल को सफल बना इतना आसान नहीं लग रहा है. कैसे वे इन दोनों मोर्चों पर इस डगमगाती नाव को पार लगाते हैं देखने वाली बात होगी.


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Comments (7)Add Comment
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written by Amar Akbar Anthony, February 10, 2011
Bhai log, Itna to hum sabhi jante hain ki patkarita ke naam par log dalali karna shuru kar chuke hain jiske karan patrakoro ki izzat ki baat lag gayi hai.
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written by prabhat ranjan, February 06, 2011
gish trah se roj ek naya channal khulte ja raha hai eshe yahi spast ho raha hai patrkarita ka sauroop hni baddal ta najar aa rahha hani janmaanash me kaya sandesh jaiega ese bhi sochna hoga.
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written by azaz, February 05, 2011
mere khayal se media industry me kaam karne wale logo ki sabse badi chinta salary ki hai...aur us mahoul me desh live un chune hua channels me ek hai jo waqt pe apne staff ko slary de raha hai.....jakahn atk madhusheel ji ki baat hai..unhone etv ka bureu sambhal hai..sadhna me rahe hain..patrkarita me unhe print aur electronic ka lamba anubhav hai... aur kya qualification chai..kisi channel ka head.ke liye aur kya yougyta honi chahiye.. rahi baat channel band hone ki to ye aa aur hum kaise kah sakt hai....aur phir kabil logon ke liye kaam k i koi kami nahi
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written by pankaj, February 05, 2011
aapko shayad channel ke andar ki baaton ki jaankari nahi hai. jaroor aapne kahin se suni sunayi baaton ko chhap diya hai. Desh Live bihar jharkhand ka ekmatra aisa channel hai jiski team ke sabhi producers national channel ke anubhawi log hain. udahran ke liye bhaskar hamar tv se, saurabh mishra channel one se, anand ji etv se aur prasoon ji doordarshan cnbc awaaz aur zoom tv se aur kumar nishant discovery aur national geography jaise channel ka anubhav rakhte hain.
Rahi baat channel ke vitiye sankat ka to telecast hone ke 2 mahine baad kis channel ke paas itni advertisement hai jara bataayen. waise aap khud samajhdar hain par bina tathyon ki patrakarita shayad sahi nahi hai.
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written by ranjani, February 04, 2011
bhai sahi baat hain aryan bhi ishi kagaar par hain
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written by Kundan Kritagya, February 04, 2011
सवाल तो सही में बहुत बड़ा है..... "देश लाइव" जिन्दा रह पायेगा या नहीं, कुछ भी हो सोच हमेशा पोजिटिव होनी चाहिए, चैनल की शुरुआत 11 अक्टूबर को हुआ था, उसके बाद लगभग पूरे महीने टेस्ट सिग्नल चलाया गया था.... इस जानकारी का उद्देश्य केवल ये बताना है कि चैनल की स्थापना चुनावों के दौरान विज्ञापन लाने के लिए नहीं की गयी थी, शायद बिहार चुनाव की तारीख सुधि पाठकों को बताने की जरूरत नहीं होगी .....मधुरशील को बड़े पोस्ट पर चैनल चलाने का अनुभव शायद नहीं है लेकिन साधना न्यूज़ एवं न्यूज़ 11 की स्थापना के दौरान इन्होने टीम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी....रह गयी बात वित्तीय संकट का तो इस चैनल के प्रोमोटर नीतीश्वर जी बिहार एवं झारखण्ड के जाने माने उद्योगपतियों में से एक हैं...... ऐसी परिस्थिति में हमें अपने मीडियाबंधुओं के भविष्य को लेकर एक आशावादी सोच रखने की जरूरत है.......
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written by jitendra , February 04, 2011
आपकी यह खबर अपने आप में कई सवाल छोड जाता है. जहा तक किसी चैनल के चलने या नहीं चलने का सवाल है, यह किसी एक व्यक्ति पर नहीं निर्भर करता है. आपने १५०० सौ रूपये में पत्रकारों की बहाली की बात की है. दरअसल यह फैसला खुद धीरेन्द्र श्रीवास्तव जी का था. रही बात गौतम मयंक की तो उन्होंने देश लाइव में सिर्फ पोलिटिक्स करने के अलावे कुछ भी नहीं किया. रही बात मधुरशील की तो अगर वे अनुभवी नहीं है तो धीरेन्द्र श्रीवास्तव के पास कौन से T.v. चैनल में काम करने का अनुभव है यह मीडिया जगत के सारे लोग जानते है. मधुरशील ने लगभग पांच वर्षों तक etv के झारखण्ड हेड के रूप में काम किया है और वे साधना न्यूज़ क्व भी स्टेट हेड रहे है. रही बात उनकी देश लाइव के चैनल हेड के रूप में सफल या असफल होने की तो यह समय पर छोड़ा जाना चाहिए. एक बात जो सबको चुभती है वह है उनकी टीम लीड करने की क्षमता. हमें किसी निष्कर्ष पर पहुचने से पहले तथ्तो का पता जरुर लगा लेना चाहिए.smilies/grin.gif

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