पारस चैनल में जैन मुनियों के पूर्ण नग्न सीन न दिखाएं

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मैंने पारस चैनल देख कर सोचा कि भले ही ये भक्ति चैनल है लेकिन जिस तरीके से इसमें नग्नता दिखाई जाती है वो भले ही जैन समाज के अनुयाइयों के लिए भक्ति होगी लेकिन दूसरों के लिए नग्नता ही कहलाएगी. यहां मैं चैनल की आलोचना नहीं कर रहा, न ही जैन धर्म की पवित्रता पर लांछन लगा रहा और न ही किसी को कुछ बुरा कह रहा हूं. मैं सिर्फ अनुरोध कह रहा हूं, बेहद विनम्रतापूर्वक.

यह सच है कि जैन मुनियों के वस्त्रविहीन जीवन जीने को हम कतई नग्नता नहीं कह सकते, इस स्थिति को उनकी निश्छलता ही कहेंगे, सहजता कहेंगे, इसे हम उनका एक बड़ा त्याग कहेंगे. लेकिन जब हम इनके जीवन या आयोजन को टीवी पर दिखाते हैं तो वह छोटे-बड़े, सभी उम्र के लोगों तक पहुंचता है. ऐसे में टीवी पर जैन मुनियों को पूरी तरह दिखाने से अच्छा है कुछ तो BLUR कर दिया जाए या छुपा दिया जाए ताकि चैनल बदलते या देखते समय खासकर बच्चों पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े. मैं चाहता हूं कि मेरी बात पारस चैनल के प्रबंधन तक पहुंचे ताकि आम दुनियादार घरों के बच्चों के जीवन व सोच पर बुरा असर न पड़े. मैं फिर अनुरोध करना चाहूंगा कि मेरी बात को जैन धर्म से कतई न जोड़ा जाए.

अभिनव शर्मा This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it की तरफ से भेजे गए पत्र पर आधारित


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