भड़ास पर प्रकाशित खबर से एचबीसी प्रबंधन हड़बड़ाया

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: एक स्‍वंयभू चैनल का बैंड बजाने की तैयारी में : भड़ास पर एचबीसी न्यूज चैनल की हकीकत प्रकाशित होने के बाद चैनल का प्रबंधन चौकन्ना हो गया है। कई महीनों से पगार का इन्तजार कर रहे रिपोर्टरों को पहले 11 फरवरी को जयपुर बुलाया गया था। लेकिन भड़ास पर लगातार सच्चाई से अवगत कराते समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रबंधन ने भविष्य की रणनीति बनाने के लिए अब 15 फरवरी को रिपोर्टरों को जयपुर बुलाया है।

एचबीसी के रिपोर्टर बताते हैं कि राज्य भर में दो-चार स्थानों पर ही चैनल चल रहा है, जिसके कारण एचबीसी के लिए कवरेज करने में परेशानी आ रही है। रिपोर्टरों को पगार नहीं मिलने के कारण वह रूटीन की खबरें भी भेजने में असफल हो रहे हैं, परन्तु प्रबंधन को तो डेली न्यूज से मतलब है जिसके कारण रिपोर्टरों में असंतोष बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि स्क्राल लिखाने वाले जयपुर के बेसिक फोन भी बीच-बीच में बिल नहीं भर सकने के कारण बन्द हो जाते हैं। एफटीपी कभी चलती है तो कभी बंद हो जाती है, खबरें दो चार दिन पुरानी चलती हैं लेकिन प्रबंधन को गुमराह करने वालों के लिए तो आल इज वेल है।

जयपुर के एचबीसी चैनल के सूत्र यह भी बतातें है कि श्री कटटा साहब, एमडी सुनीता शेखावत को गुमराह कर कई सस्थानों से निकाले गए एक स्वंयभू तो और भी कई जगहों से रिपोर्टरों को हटाकर अपने प्यादे स्थापित करने में लगे हैं। यह वही स्वयंभू हैं जो अच्छे रिपोर्टर तो हो सकते हैं, परन्तु किसी चैनल के प्रबंधन का हिस्सा बनने की काबिलियत इनमें नहीं है। और यह एक कुंठित मानसिकता वाले व्यक्ति हैं, जिन्होंने एफटीपी से खबरें भेजना भी एचबीसी से पहले वाले चैनल में काम करते हुए सीखा था।

एचबीसी प्रबंधन को गुमराह करने वाले यह व्यक्ति रिपोर्टरों को हड़काना तो जानते हैं और सही काम करने की सलाह देते हैं, लेकिन आज तक यह स्वंयभू किसी भी रिपोर्टर को एडिटोरियल गाइड लाइन नहीं दे पाए हैं कि रिपोर्टर को इनके हिसाब से कैसे काम करना चाहिए। श्री कटटा साहब, मैडम सुनीता जी अब भी संभल जाओ, क्योंकि यह स्वंयभू एचबीसी का बैंड बजा कर दूसरे चैनल में जाने की तैयारी कर रहा है।

जयपुर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


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Comments (26)Add Comment
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written by mukesh sundesha, July 04, 2011
मेरा पाच माह का वेतन दिलाये mukesh jalore
आदरणीय सर
आशीष जी एव प्रताप जी राव
जालौर से मुकेश सुन्देशा का नमस्कार
आप द्वारा दिए जा रहे फोन से जूठे आश्वाशन का कब तक इंतजार करू ...
बड़े हि दुःख के साथ आपको पुन लिख रहा हूँ कि आप मुझे मेरा पाच
माह का वेतन दिलाये
अन्यथा आप कम्पनी को कोर्ट में ले जाने के लिए अब मुझे मजबूर होना पड़ेगा
जिसकी सभी जिमेदारी आप की होगी और जयपुर प्रेस मीडिया के मार्फ़त
आपकी कथनी और करनी को आम लोगो के बिच लाई जाएगी कि किस प्रकार आप अपने
चेनल में पतरकारो का शोषण करते है जिसका ताजा उदारण मै हूँ आपको अंतिम
बार निवेदन कर रहा हूँ कि आप 5 जुलाई 11 तक मुझे वेतन दे
आप किसी एम्प्लोई का वेतन डकारकर चेनल का क्या भला करोंगे
आपसे ऐसी उमीद नहीं थी जिसे आप दर्शा रहे हो



--
mukesh sundesha
jalore
9928126369



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written by अजय आर्य , July 04, 2011

मेरा पाच माह का वेतन दिलाये mukesh jalore
आदरणीय सर
आशीष जी एव प्रताप जी राव
जालौर से मुकेश सुन्देशा का नमस्कार
आप द्वारा दिए जा रहे फोन से जूठे आश्वाशन का कब तक इंतजार करू ...
बड़े हि दुःख के साथ आपको पुन लिख रहा हूँ कि आप मुझे मेरा पाच
माह का वेतन दिलाये
अन्यथा आप कम्पनी को कोर्ट में ले जाने के लिए अब मुझे मजबूर होना पड़ेगा
जिसकी सभी जिमेदारी आप की होगी और जयपुर प्रेस मीडिया के मार्फ़त
आपकी कथनी और करनी को आम लोगो के बिच लाई जाएगी कि किस प्रकार आप अपने
चेनल में पतरकारो का शोषण करते है जिसका ताजा उदारण मै हूँ आपको अंतिम
बार निवेदन कर रहा हूँ कि आप 5 जुलाई 11 तक मुझे वेतन दे
आप किसी एम्प्लोई का वेतन डकारकर चेनल का क्या भला करोंगे
आपसे ऐसी उमीद नहीं थी जिसे आप दर्शा रहे हो



--
mukesh sundesha
jalore
9928126369
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written by अजय आर्य , July 04, 2011
पेमेंट पेमेंट पेमेंट
आशीष जी एव प्रताप राव जी सर
नमस्कार
आप द्वारा दिए जा रहे फोन से झुठे आश्वाशन का कब तक इंतजार करू ...बड़े हि दुःख के साथ आपको पुन लिख रहा हूँ कि आप मुझे विगत कई माह से झुठे आश्‍वासन दे रहे है लेकिन पेमेंट नहीं कर रहे है आपकी कथनी और करनी से लगता है कि आप अपने चेनल में पतरकारो का शोषण करते है जिसका ताजा उदाहरण मै एंव और भी कई है जिनकी पीडा ईमेल द्वारा मालूम होती है महोदय अगर पैसा नहीं है तो सेठजी को बोलो की चेनल बंद कर देवे लेकिन झुठे आश्‍वासन तो नहीं दे कि बैंक में चैक करो जब पेमेंट डाला ही नहीं तो आएगा कहां से। महोदय पेमेंट नहीं देना चाहते या नहीं है तो कोई बात नहीं लेकिन स्‍पष्‍ट तो बता दिजीए ताकि कोई पतरकार अंधेंरे में नहीं रहे इस मेल को आप पढेगें जरूर इसलिए जवाब भी जरूर देवे धन्‍यवाद।


अजय आर्य देवली टोंक दिनांक 3 जुलाई 2011 मोबाईल नंबर 9414254070 9214952789
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written by Piyush Rathi, February 17, 2011
HBC news ki rajasthan mein saflata se log jalne lage hai isi ka karan hai ki aaj faltu ki aisi baate ki ja rahi hai. HBC ke kisi reporter ki salary bakaya nahi hai.savhi reporters ke paas HBC ka id card & logo hai. n mujhe ye samajh nahi aaya ki ye konsa patrakaar hai jaipur ka jisne yeh keh dia ki HBC ke log hadbadda gaye hai or unhe salary nahi mil rahi agar aisa hota bhi toh bhi koi reporter kisi ko batata nahi ki mujhe salary nahi mil rahi kyo ki AMNI MAA KO DAAKAN koi nahi kehta sahab. Bas baat itni si hai ki HBC ki safalta se logo mein der ghus gaya hai ki ab HBC sabki chutti ker dega. kisi ne sahi hi kaha hai ki "JAB KOI AAPKI BURAI KERNA SHURU KER DE TOH SAMJHO KI AAP TARRAKKI KER RAHE HO".....
PIYUSH RATHI - KEKRI
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written by Piyush Rathi, February 17, 2011
HBC or channels ki tarah nahi hai.....channel se kisi bhi reporter ka koi vaitan bakaya nahi hai....sabhi ke paas logo & id hai. sabhi ko time pe paise bhi mil rahe hai. magar haan lag aisa raha hai ki jis speed se HBC ne rajasthan mein apni dhak jamai hai usse logo mein jalne ki bhawna utpanna hui hai isi ka karan hai ki log kuch bhi bol rahe hai. vaise bhi kisi ne kaha hai ki "JAB AAPKI KOI BURAI KERNA CHALU KERDE TOH SAMJHO KI AAP TARRAKKI KER RAHE HO.".
aur 1 baat bataiye aap log ki HBC ki khabar aapko kya pata ki reporters ko salary mil rahi hai ya nahi? Kyo ki yaddi reporters ko salary mil bhi nahi rahi hoti toh bhi reporters kisi ko batate nahi. kyo ki APNI MAA KO DAAKAN koi nahi kehta sahab.

PIYUSH RATHI - KEKRI
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written by aanchal, February 16, 2011
Bhai tiwari tera rakha he usi ka kuch kar le pehle... dusro ke naam jaane ki bdi jaldi rehti he tujhko...
khud ke bhot zada maje liwa liye he tabhi shayad har jageh muh maarta fir rha he...
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written by Durg singh , February 16, 2011
आपकी जानकारी बड़ी कमजोर हैं ... जो लोग कम्मेंट पर कम्मेंट दाग रहे हैं वो एक बार जानकारी ले लेवे... चैनेल ने अपने कार्मिको को पूरा वेतन दे दिया हैं साथ ही माइक आईडी परिचय पत्र और अग्रीमेंट लेटर भी दे दिए हैं.. आपको दुःख होगा लेकिन हमें ख़ुशी हैं कि हमारे प्रबंधन ने कमर कस ली हैं आप विरोधियो को मुहतोड़ जवाब देने की! आप ये जानकार भी दुखी होंगे की अब HBC को आंधी में सभी दुसरे सूचना खबर बता कर पेश करने वाले चेनल उड़ जायेंगे !
दुर्ग सिंह
HBC न्यूज़ बाड़मेर
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written by मदन कुमार तिवारी, February 13, 2011
ये भाई सदस्य एच बी सी न्यूज आपके मां बाप ने आपका कोई नाम तो रखा होगा या आप सिर्फ़ एक सदस्य भर हैं । भाई अपना नाम देते तो पता चलता और यह महिला की आई डी क्या बला है ? अगर ईमेल आई डी का जिक्र है तो इसे छुपाने की भी जरुरत है क्या ? वैसे आप लोगो का महाभारत पढकर समझ में तो बहुत कम आया लेकिन मजा बहुत आया ।
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written by Ravi, February 12, 2011
भड़ास पर प्रकाशित खबर से एचबीसी प्रबंधन हड़बड़ाया.............ha ha ha, Bhadas ke yashwant ji ko koe aaena dikhaye, pta nhi kya samaj rakha hai apne aap ko, ha ha ha.
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written by anil, February 12, 2011
Fake ID Valo ke liye ye mera last comment hai . lakin HBC ka aur dusro ka sahi naam,pahchan aur sahi post se comment aaye ga to me unka jarur jawab dunga.

apne aap ko HBC ke sammanit sadsya kahne vale mere matrik paas insaan aagar tum HBC ki taraf se likh rahe to apna sahi naam,pahchan aur post se comment likhna . binduwar jawab milega .
sammanit sadasya english bhi sikhna jis se pata chale ki mene isse pahle kya likha tha ? aap ye baat to pad pa rahe ho ?

sammanit bhai kya tum bina salary ke kam kar rahe ho ? kya patrkar hone ka matlab dusro ke aadhikar ke liye ladna he ? hum patrkaro ka shoshan hota rahe ? Kya apne aadhikaro ke liye aawaj uthana galat hai ? hum patrakar aapna GHAR kaise chalaye ? mujhe HBC se kuch lena dena nahi he bus meri due salary de do .

aur parvarish ki baat karni he to bhai bataya na ki sahi naam se comment karna . Jis se me comment likhne vale ke bare me jan saku aur binduwar jawab de saku .bhai me bhi patrkar hu aur aasani se galat insano ka picha nahi chorta …….binduwar question ka answer binduwar jarur deta hu. Lakin inssan ki sahi hesiyat to pata chale.

chamcha giri choro, galat naam ki ID se mail karne valo ka bhi pata chal jata he . dhyan me rakhna . aur sahi comment hi karna , mai galat hunga to jarur hami bharunga aur jawab de kar apna paks rakhunga .
lakin mere patrakar mitro kya apni salary mangna galat he ? Kya mene abhi tak, koi bhi galat comment kisi bhi inssan ke liye kiya hai? jab maine sammanit shabdo se apni salary hi mangi hai to kyokar ye galat namo se comment kar rahe hai , jiska sachai se kuch lena dena nahi hai .ye sab only camchagiri hi lagti he . kya ye inka culture hai? ………….

lakin fake ID valo ke liye mera ye last comment .
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written by anil, February 12, 2011
HBC ke Sammanit sadasay english aati he ? mene pahle hi likh diya tha ki mere division se bheje gaye sabhi news.......etc ke mail ki copy HBC channel ke pas he to iski ek copy mere pass bhi he . Rahi baat Respected Sunita mam ki ID ki to bhle manas Respected Sunita mam ki ID to face book se lekar aur bhi jagah likhi he . bhai , Respected Sunita mam HBC channel ki MD he aur inki ID duniya ka koi bhi insan aasani se le sakata he , Respected Sunita mam ne hi kai jagah par aapni ID likhi hui he . Mujhe to lagta he tum log hi Respected Sunita mam ka nam vivado me lana chah rahe ho aur isme safal bhi ho rahe ho . dusaro ko nasihat de rahe ho ki aasli nam se comment karo pahle apna to aasli naam batao . aur sanskaro ki aur parvarish ki baat farji , nakali log nahi karte he . mene to pahli baar dekha ki koi insan apne aap ko sammanit likh raha he ....
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 12, 2011
मेरे पत्रकार मित्रों,
कई दिनों से एचबीसी न्यूज़ के बारे में ऊलजुलूल लिखने का जो नाटक कई लोगों ने कर रखा है उसे तो आप समझ ही गए होंगे.कुछ लोग जो इस चैनल में सिर्फ इसलिए आये थे की उन्हें कहीं कोई झेलने वाला नहीं था.उनकी बदहाली के दिनों में एचबीसी ने उनका साथ देते हुए उन्हें अपने यहाँ मौका दिया.लेकिन ऐसे लोग अपनी हरकतों से कभी बाज़ नहीं आते और जहां जाते हैं वहीँ गन्दगी फैलाना शुरू कर देते हैं.वही लोग हैं जिन्हें एचबीसी ने हटा दिया है और वे अब खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे वाली हरकत पर आ गए हैं और यहाँ के प्रबंधन पर उंगलियाँ उठा रहे हैं.इनमे से कई लोग ऐसे हैं जिनका इतिहास पत्रकारिता को बदनाम करना रहा है और ब्लैकमेलिंग कर इन लोगों ने कई लोगों को परेशान किया है.इस पवित्र पेशे को अपने स्वार्थ के हथकंडों के लिए इस्तेमाल किया है.और अब वे यहाँ भी यही करना चाहते थे.यही कारण है की एचबीसी ने इन सबको नमस्कार कर दिया है.जिन लोगों ने भंवर में फँसी नाव को किनारे पर लाने का काम किया वही इन्हें पसंद नहीं आ रहा है और ये लोग आरोप लगा रहे हैं यहाँ के आलाअधिकारियों पर जो सब अपने आपमें मीडिया की जानी मानी हस्तियाँ हैं.उन पर इस तरह के आरोप लगाना ओछी मानसिकता को प्रदर्शित करता है.असल बात ये है की इन सब घटनाओं के पीछे एक विशेष समूह काम कर रहा है जो एचबीसी न्यूज़ को आकाश की ऊँचाइयों तक नहीं पहुँचने देना चाहता.इस तरह की ओछी मानसिकता का प्रतीक आपने एक महिला की ईमेल आईडी को सार्वजनिक होते हुए देख ही लिया होगा जो इन लोगों ने किया है.जो लोग किसी महिला की इज्ज़त नहीं कर सकते हैं वे कितने शरीफ होंगे इसका अनुमान आप लगा ही सकते हैं.अपने बकाया वेतन के लिए जिस हद तक ये लोग चले गए हैं उससे भी स्तर का पता चल जाता है.लेकिन भड़ास के समस्त पाठक समझदार हैं,सब समझते हैं और ये यशवंत जी का पोर्टल है किसी ऐरे गैरे का नहीं. यहाँ अपनी बात कहने का सबको अधिकार है लेकिन ये अधिकार नहीं है की किसी महिला का चरित्र हनन किया जाए और इतने निम्न स्तर पर उतरा जाए.ये पत्रकारिता है राजनीति नहीं है जहाँ कोई स्तर नहीं होता.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का एक सम्मानित सदस्य.
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written by just 4 you, February 12, 2011
kishore g aap bol rahe hai ki apke sumbu ne hbc channel khada kiya hai or vo akela hai jo ab tek tika hai......ha bai ab vo he sabse puranai hai yaha pe baki to sab nai cherai hai.....magar ha akela chana baad nahi phodta hai samjey
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 12, 2011
मेरे द्वारा लिखे गए कमेन्ट पर एक साहब ने जवाब दिया है और मुझे कई नसीहतें दी हैं.लेकिन भाई अपना नाम ज़ाहिर करने में आपको क्या बुराई नज़र आ रही थी.कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ लिखने कि साजिशें जो रची जा रही हैं उनमे कोई दम नहीं है और लिखने वाले अपने मानसिक स्तर का ही परिचय दे रहे हैं.उदयपुर के एक साहब जो ब्यूरोचीफ के पद पर कार्यरत थे उन्होंने तो बेशर्मी कि हद ही पार दी.एक महिला के ईमेल आई डी को सार्वजनिक करके शायद वो ये बताना चाहते हैं कि उनकी परवरिश किस तरीके से हुई है.मै उनसे पूछना चाहता हूँ क्या अपने घर कि किसी महिला का मेल आईडी सार्वजनिक करेंगे.हर महिला सम्मान कि पात्र होती है और अगर कोई पत्रकार होकर भी महिला का सम्मान करना नहीं जानता तो उसे पत्रकारिता छोड़ देनी चाहिए.सिर्फ दूसरों को उपदेश देना ही काफी नहीं है बल्कि पहले ख़ुद उस पर अमल करने कि ज़रुरत है.क्या आप बताएँगे अनिल सक्सेना साहब कि आपने अपने कार्यकाल के दौरान ख़बरें कितनी भेजी.चैनल को क्या दे दिया कि अब आप शिकायतों का अम्बार लगाने लगे.कुछ तो शर्म करें.एचबीसे न्यूज़ को किसी के कुछ लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है और हम किस तरह से काम करते हैं और जनता में हमारा क्या असर जाता है ये आने वाले एक साल में देख लीजियेगा.हम बता देंगे कि चैनल किस तरह से चलता है.इसके लिए हमें विश्वास तोड़ने वालों को अपने विश्वास में लेने कि ज़रुरत नहीं है और ये भी चैनल के हित में ही है कि ऐसे लोग ख़ुद ही चले जाएँ ताकि हम अपने मकसद को पूरा कर सकें और आने वक्त में ऐसे लोग फिर से चापलूसी कर वापस आने का प्रयत्न करेंगे.ये हमारा वादा है.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का एक सम्मानित सदस्य.
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 12, 2011
मेरे द्वारा लिखे गए कमेन्ट पर एक साहब ने जवाब दिया है और मुझे कई नसीहतें दी हैं.लेकिन भाई अपना नाम ज़ाहिर करने में आपको क्या बुराई नज़र आ रही थी.कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ लिखने कि साजिशें जो रची जा रही हैं उनमे कोई दम नहीं है और लिखने वाले अपने मानसिक स्तर का ही परिचय दे रहे हैं.उदयपुर के एक साहब जो ब्यूरोचीफ के पद पर कार्यरत थे उन्होंने तो बेशर्मी कि हद ही पार दी.एक महिला के ईमेल आई डी को सार्वजनिक करके शायद वो ये बताना चाहते हैं कि उनकी परवरिश किस तरीके से हुई है.मै उनसे पूछना चाहता हूँ क्या अपने घर कि किसी महिला का मेल आईडी सार्वजनिक करेंगे.हर महिला सम्मान कि पात्र होती है और अगर कोई पत्रकार होकर भी महिला का सम्मान करना नहीं जानता तो उसे पत्रकारिता छोड़ देनी चाहिए.सिर्फ दूसरों को उपदेश देना ही काफी नहीं है बल्कि पहले ख़ुद उस पर अमल करने कि ज़रुरत है.क्या आप बताएँगे अनिल सक्सेना साहब कि आपने अपने कार्यकाल के दौरान ख़बरें कितनी भेजी.चैनल को क्या दे दिया कि अब आप शिकायतों का अम्बार लगाने लगे.कुछ तो शर्म करें.एचबीसे न्यूज़ को किसी के कुछ लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है और हम किस तरह से काम करते हैं और जनता में हमारा क्या असर जाता है ये आने वाले एक साल में देख लीजियेगा.हम बता देंगे कि चैनल किस तरह से चलता है.इसके लिए हमें विश्वास तोड़ने वालों को अपने विश्वास में लेने कि ज़रुरत नहीं है और ये भी चैनल के हित में ही है कि ऐसे लोग ख़ुद ही चले जाएँ ताकि हम अपने मकसद को पूरा कर सकें और आने वक्त में ऐसे लोग फिर से चापलूसी कर वापस आने का प्रयत्न करेंगे.ये हमारा वादा है.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का एक सम्मानित सदस्य.
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written by Kishor Sharma, February 12, 2011
धन्यवाद मेरे पत्रकार भाई, आपकी सलाह के लिये ।
आज चैनल शुरू हुआ सभी की मेहनत से ही यह आगे बढ़ा है। इसमें चैनल के हर कर्मचारी का भरपूर योगदान रहा है। रही बात संजय गौड़ की तो लोग क्या जानें कि उन्होंने एचबीसी में क्या काम कराये थे । हां एक बात जरूर है कि वीर सक्सैना का चैनल से दूर हटना जरूर दुःखदायी है। चैनल के लोगों को इस बारे में कहीं ना कहीं सोचने की आवश्यकता जरूर है। जिस आदमी ने मेहनत की उसे सिला जुदाई का मिला । इस जुदाई के सिलसिले को भी रोका जाना कहीं ना कहीं जरूरी है।
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written by Kishor Sharma, February 12, 2011
यदि हमारा नहीं हुआ नाम तो हम कर देंगे बदनाम ।
करेचाहेकोई भी गलत काम, मगर तो लेंगे सिर्फ तेरा ही नाम ।

वाह मेरेबिना नाम के गुमनाम साथी,
तूने कर दिया सच्चाई का काम तमाम ।
खोल दी मेरी आंखें, झूंठ को सच बताकर,
आखिर कर ही दिया बदनाम ।
ये पंक्तियां नहीं आवाज है आवाम की ।
अब तू ही तैयार हो घड़ी आ गई अंजाम की ।
चाहे संजय का साहस हो, या वीर की वीरता |
लेकिन सच्चाई किसी से छिपी नहीं रहती ।
ना तो मेरा सतीश, सुनीता से कोई लेना,
ना ही मुझे तुम्हारे स्वंयभू को कुछ देना ।
मैं एक लेखक हूं मेरा काम है लिखते रहना,
झूंठ का पर्दाफाश करके सच के साथ रहना ।

मैं नहीं जानता कि आपने जो संजय गौड़ का जिक्र किया उसने क्या क्या काम किये परन्तु बस इतना जानता हूं कि आज वह एच.बी.सी. में नहीं है। मुझे लगता है कि आपके नजदीकि रहे सुनीता हो या सतीश कट्टा या कोई और जब तक मशीन के सारे पुर्जेकाम नहीं करते तब तक उसका चलना संभव होता ही नहीं । इस चैनल के सारे पुर्जे आज जुटे हुये लगते हैं क्यों कि चैनल लगातार चल रहा है। सबकी मेहनत से ही कोई कार्य सफल हो पाता है।

और बात रही माफी की तो मै माफी मांगना चाहता हूं भगवान से कि हे भगवान, पत्रकारों ने ऐसा क्या जुल्म किया था जो तूने बहरूपिये भी पत्रकार बना दिये । कभी मैनेजर तो कभी एडिटर तो कभी ऐजेंट । झूंठ को परोसने वाली घटिया पत्रकारिता से आज पत्रकारिता का दम घुंटने लगा है। हे ईश्वर माफ कर दे मेरी उस गलती को कि मैने भाई को भाई समझा । दोस्त को अपना समझा । गैरों को गले से लगाया । दर्द को बांटा, दुःख में शरीक हुआ और ऐसे व्यक्ति को पत्रकार बनाया । लेकिन मैं कलियुग के प्रभाव को भूल गया । हे ईश्वर माफ कर दे मुझे।

ईश्वर ने भी कलियुग के प्रभाव को स्वीकार किया था । अरे राक्षस नहीं होते तो देवता कहां से आते ।
पाप नहीं होता तो पुण्य कहां से आता और झगड़ा नहीं होता तो प्यार कहां से आता ।
युगों युगों से चली आ रही प्रथा का तो आज भी पालन होना ही है।
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written by sri...., February 12, 2011
Aur koi tumahre yahan aane ko lalayit nahi hoga... Sunita ji Intjaar kar rahi hain Bank loan ka.. bus UUse nibta do ... tumhe kisi ko Bhale aadmi satish kattaji ji se koi lena dena nahi hai... use barbad karne ki kasam to sunita ne le hi le hai... Sanjay Gaur ki khabar jab bhadas par chapi thi to bade khush hue the.. beer pee thi use sarswati ke mandie me.. naach gaaan hua tha... aaab sharm aa rahi hai... dubara comment mat karna nahi to.......
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written by sri...., February 12, 2011
Vah Bhai Kishor Sharma.. Tum to Bade chupe Rushtam nikle... Tumahre Anusaar Abhi tak jo bhi hua Jo bhi aaye gaye.. sab Galat hua.. Aab tum ho Sahi hoga... Vah re... Sanjay Gaur yadi nahi hota to UUs building me kuch nahi hota... Tumhe patra hai ya nahi... Ye ladai Sanjay Gaur aur Sunita ki thi... Jab Sanjay Gaur ne Poori Mehnat ke saath 3/1-2 Saal baad Chaneel ke launching ki tayaari kee to sunita ne satish ji se kahkar Channel ki kaman aapne haath me le leee.. Tum jante to kuch ho nahi.. sunita ka saath sanjay, veer, alok mohan, jagdeep, rajneesh ne choda hai.. iinke haisiyat nahi hai ki nikalen.. bhool gaye.. sunita veer ji ke pair pakadti thi... gifts deti thi... alok mohan, jagdish, ranjeet ko sunita hi ek dallle Rajeev puri ke kahne par laye thi... jiska kam equipment sale karna hai... usne satish ji ko bewkoof banaya aur jyada maal kamane ke chakkar me wafadaron k o side me karna shuru kiya taki uuske kaam me rukawat na aaye.. lekin sunita ki aadton se sab pareshan hain.. tum bade chaploos ho iis liye sunita ke kahne par likh rahe ho... dard hua na jab bhadas par khabar chapii.. sharm karo aur mafinama bhadas par bhejkar prakashit karo...
DANE NAHI KHANE KO AMMA CHALI BHUNANE KO'
Sanjay Sir,
Yadi AAp mere comment ko padh rahe hain to aapse vinati hai.. aaj waqt hai IIn logo ko nanga karne ka.. AAp iinki aasliyat UUjagar Kijiye.. Bataiye ki AAp ke saath kya kya hua.. kyon hua.. aapki chuppi Sahi nahi hai... Sir ye log bade kamene hai.. Inhone satish ji katta ki iijaat ka tamasha bana diya hai.. aur wo aadmi chupchap dekh raha hai... kyonki... Har galti... hisab leti hai... Satish ji ki sunita ji ko badhane ki galti aab hisab lekar rahegi...
ye to sabhi peedit bhadas par pratrikiya nahi de rahe nahi to sab iiktha ho jayen to band to sunita ke ghar par jakar baja denge...
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written by Kishor Sharma, February 11, 2011
राजस्थान में सच की आवाज के रूप में उभर रहे एच.बी.सी. न्यूज तथा उसके पत्रकारों को भी आजकल इसी राजनीति का दर्द झेलते हुये साफ तौर पर देखा जा सकता है। चैनल में सबसे पहले जुड़े संजय गौड़ ने जब खुलेआम चैनल को बर्बाद किया तो यह बात किसी से नहीं छिपी और फिर वीर सक्सैना के बुढ़ापे का षिकार बना यह चैनल । हर रोज सभी पत्रकारों के लिये नये नये असाईन्मेन्ट और फिर उनको भूल जाना यही थी उनकी आदत । चैनल को आगे बढ़ाने के बजाये पीछे छोड़ने के लिये कार्य करने वाले इस व्यक्तित्व की असलियत भी छिपी नहीं रही और अब एच.बी.सी. न्यूज ने सलाहकार जैसे अहमपद पर बैठे वीर सक्सैना को भी किस तरह चैनल के बाहर का रास्ता दिखाया, यह किसी से छिपा नहीं है। वहीं वीर सक्सैना के जरिये ही दिल्ली से तैष में आये चैनल के मार्केटिंग हैड जगदीप तथा चैनल हैड रजनीष नरूला की हरकतें भी जनता से छिपी नहीं रहीं और उनको स्वंय ही अपनी करनी का फल भोगते हुये चैनल से बाहर जाना पड़ा।

अब रही आपके द्वारा प्रकाषित इस खबर की सच्चाई की तो मैं आपको बता देना चाहूंगा कि एच.बी.सी. चैनल को शुरू करने में ही स्वंयभू कहे जा रहे व्यक्ति की अहम भूमिका थी । तमाम अफवाहों के बावजूद चैनल शुरू हुआ और लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहा है। लेकिन आपकी इस वेवसाईट से यह जानकर दर्द हुआ कि यहां पत्रकारों को राजनीति का षिकार होना पड़ रहा है। परन्तु शायद आपने यह खबर बिना सच्चाई जाने ही छाप दी । अरे अगर किसी संस्थान के किसी भी कर्मचारी को जब कई माह से वेतन नहीं दिया जाये तो संस्थान का अस्तित्व में रहना भी संभव नहीं है परन्तु आज एचबीसी अपने अस्तित्व को मजबूत करता ही नजर आ रहा है। साथ ही मैं यह भी बता दूं कि ऐसा सिर्फ आपके स्वंयभू के जरिये ही संभव हुआ है। वही एक मात्र ऐसा व्यक्ति है जो आज भी एच.बी.सी. में टिका हुआ है। लोग खबरें तो छाप देते हैं परन्तु सच्चाई नहीं जानते । आरोप लगाता तो आसान है लेकिन सच्चाई का सामना बड़ा कड़वा होता है। शायद यही बात वीर सक्सैना और उनके आदमियों को पच नहीं रही है। वहीं प्रतिद्वंदिता के इस दौर में जब कोई आगे बढ़ता है तो उसके पैर पकड़ कर खींचने में ही जनता जुटी रहती है। इसी का सबूत है कि आज एच.बी.सी. के एक मजबूत सिपाही को स्वंयभू कहा जा रहा है और मालिकों को सलाह दी जा रही है। वर्षों से विभिन्न अखबार टीवी चैनलों को बर्बाद कर निकाले जाने के दुःख से पीड़ित ऐसे सलाहकारों की सलाह के रूप में ही आपकी खबर दिखाई दे रही है। अब शायद आपको भी यह सीख मिले कि बिना सच्चाई जाने कभी आरोप प्रत्यारोप नहीं लगाने चाहियें ।

टी.वी. का एक संवाददाता जयपुर से
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written by parvindersangwan haryana, February 11, 2011
HBC TV KE BARE ME LIKHNE WALE SAYED YE BHUL GAYE KI JIS BHASHA KA PARYAOG JO BADHAS PAR KAR RAHE HAIN UNKO REPORTER HONE PAR HI SAK HO RAHA KI YE LOG KISI KE KAHNE YA APNE AAKON KO KHUSH KARNE KE LIE YESA LIKH RAHE HAIN. KISI PAR KICHAD UCHALNE SE PAHLE APNE AAP ME JANKEN KI O KITNE SAHI HAIN. MUJHE TO LAGTA H ISS TARHA KI BATE LIKH KAR PATRKARITA KA APMAAN HI NAHI BALKI PATARKARITA KE LIKE HI NAHI HAIN. LIKHNA YA PADHAN KOI MAA KE PET ME SE NAHI SIKH KAR AATA KAHI TO SIKHNA PADTA HI H CHAHE WO KOI BHI HO. APNI NIMAN SATAR KI MANSIKTA KA PARICHYE DEKAR AAP KHUD HI APNI NAJRO ME GIR GAYE SAHEB. SAYED MUJHE TO LAGTA H KI APKE PARIWAR WALO NE APKO ACHE SANSAKAR NAHI DIE WARNA AAP APNE SINAR OR APNE GHAR WALON KI IJJAT KARNA BHI BHUL GAYE. LAST ME MAIN APKO EK SALAH DETA HU KI PLS AAP APNE AAPKO ISS KABIL BANAO KI LOG APKO MAPH KAR SKE . CHETE SABDO KA OR KISI PAR AAROP LAGANA AASAN H LEKIN USKI SOCH OR MANSIKTA BHI THIK HONI CHAHIE`.BAHI SAHAB CHAMCHI UTNI HI MARO JO LOGO KE GALE UTAR SKE. UGER AAP REPORTER HAIN TO PATRKARTA KA PATH SIKHO. AAP JASE LOGO NE HUM JASE REPORTRON KO BHI SARMINDA HONE PAR MAJBUR KAR DIYA H. WASE APKI GALTI NAHI DUSRE KI BURAI NAHI KAROGE TO APKI DUKAN BAND HO JAEGI YAHI MANSIKTA H AAPKI.
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 11, 2011
मेरे द्वारा लिखे गए कमेन्ट पर एक साहब ने जवाब दिया है और मुझे कई नसीहतें दी हैं.लेकिन भाई अपना नाम ज़ाहिर करने में आपको क्या बुराई नज़र आ रही थी.कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ लिखने कि साजिशें जो रची जा रही हैं उनमे कोई दम नहीं है और लिखने वाले अपने मानसिक स्तर का ही परिचय दे रहे हैं.उदयपुर के एक साहब जो ब्यूरोचीफ के पद पर कार्यरत थे उन्होंने तो बेशर्मी कि हद ही पार दी.एक महिला के ईमेल आई डी को सार्वजनिक करके शायद वो ये बताना चाहते हैं कि उनकी परवरिश किस तरीके से हुई है.मै उनसे पूछना चाहता हूँ क्या अपने घर कि किसी महिला का मेल आईडी सार्वजनिक करेंगे.हर महिला सम्मान कि पात्र होती है और अगर कोई पत्रकार होकर भी महिला का सम्मान करना नहीं जानता तो उसे पत्रकारिता छोड़ देनी चाहिए.सिर्फ दूसरों को उपदेश देना ही काफी नहीं है बल्कि पहले ख़ुद उस पर अमल करने कि ज़रुरत है.क्या आप बताएँगे अनिल सक्सेना साहब कि आपने अपने कार्यकाल के दौरान ख़बरें कितनी भेजी.चैनल को क्या दे दिया कि अब आप शिकायतों का अम्बार लगाने लगे.कुछ तो शर्म करें.एचबीसे न्यूज़ को किसी के कुछ लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है और हम किस तरह से काम करते हैं और जनता में हमारा क्या असर जाता है ये आने वाले एक साल में देख लीजियेगा.हम बता देंगे कि चैनल किस तरह से चलता है.इसके लिए हमें विश्वास तोड़ने वालों को अपने विश्वास में लेने कि ज़रुरत नहीं है और ये भी चैनल के हित में ही है कि ऐसे लोग ख़ुद ही चले जाएँ ताकि हम अपने मकसद को पूरा कर सकें और आने वक्त में ऐसे लोग फिर से चापलूसी कर वापस आने का प्रयत्न करेंगे.ये हमारा वादा है.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का एक सम्मानित सदस्य.
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written by kuldeep, February 11, 2011
Priya Sammanit Sadasya...
Aapka samman kitne din ka hai.. shayad aapko bhi nahi pata... Koi bina wajah Galat aaroop nahi lagata.. Aap ander hain iisliye likha rahe hai.. bahar ho jayenge to [pata chalega.. Bhai HBC ko media persons resign kar rahe hain.. hbc managment ki hamesha ki tarah ki aadat hai.. baat failane kiii .. ki nikal diya hai//// areeee bhai... Palle nahi KODI... Baten kai Karodi...
Aap Apna kam karke dikhao... kyon bhadas padhte ho... Sach se Darte ho... Abhi to kai personal khulase honge tab managment kahin ka nahi rahega... management me hai bhi koun... Satish and Sunita... Bewkoof Bana chodo.. Shuru se kaam me dhyan lagaya hota to aaisee halat nahi hoti... Shuru me to politics chahiye... Kam chodkar gaye hain wo media ke naamcheen chehre rahe hain.. Unka kaam aaj bhi bolta hai.. Kuch to Sharm karo....
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written by lalluprasad, February 11, 2011
jor ka jhatka jab jor se lagta hai to chuhe bilbilane lagate hai.benami lekh likhkar apni khujali mitane ki koshish se fayda nahi hai.khaj aur khujali jyada ho rahi hai to paras mahllam lagao.nikale gaye nakam logon ke pass khuje ke alava koi kamm nahi hai,baki jo khujali vale bache hai unaki bhi jaldi khaj mit jayegi.smilies/tongue.gif
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 11, 2011
मेरे पत्रकार साथियों, पिछले कई दिनों से एचबीसी न्यूज़ चैनल को लेकर भड़ास मीडिया पर काफी कुछ लिखा जा रहा है.जो हकीकत से बिलकुल परे है.लिखने वाले भी सिर्फ अपनी भड़ास निकालने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं.शायद उन्हें पत्रकारिता के उसूलों का पता नहीं है कि इस पेशे में नैतिकता ही सब कुछ है.पत्रकार होने का मतलब ये नहीं है कि हम कुछ भी कभी भी किसी के बारे लिख डालें और उसकी इज्ज़त को मिटटी में मिला दें.इस तरह कि हरकतें हमारे कई पत्रकार बंधुओं द्वारा कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ की जा रही हैं.जबकि हकीकत ये है कि ये चैनल नया है और हर नए संस्थान में सिस्टम को सेट होने में समय लगता है.अगर कोई इसके साथ अपने आपको इसके साथ चला नहीं पाता है तो ये गलती संस्थान कि नहीं है बल्कि उस व्यक्ति कि सोच है.एचबीसी से कई लोग छोड़ कर गए हैं तो ये उनके और प्रबंधन के बीच का मामला है ना कि सार्वजनिक रूप से एक दुसरे पर इलज़ाम लगाने का.ये सारी हरकतें छिछोरी हैं और जिस तरह से एचबीसी और इसके आलाअधिकारियों के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उनकी योग्यता पर सवालिया निशाँ लगाए जा रहे हैं उससे पता चलता है कि लिखने वाले कितने पानी में हैं और उनकी योग्यता का स्तर क्या है.एचबीसी किस सोच के साथ मैदान में उतरा है ये भी आलोचना करने वालों को आने वाले समय में मालूम हो जाएगा और साथ ही ये भी कि इसके आलाअधिकारी क्या योग्यता रखते हैं.लिखने वाले कुछ शर्म करें.हो सकता है कि कल इस चैनल का स्तर देख कर आप भी यहाँ आने को लालायित हो जाएँ.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का ही एक सम्मानित सदस्य.
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written by SADASYA-HBC NEWS., February 11, 2011
मेरे पत्रकार साथियों, पिछले कई दिनों से एचबीसी न्यूज़ चैनल को लेकर भड़ास मीडिया पर काफी कुछ लिखा जा रहा है.जो हकीकत से बिलकुल परे है.लिखने वाले भी सिर्फ अपनी भड़ास निकालने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं.शायद उन्हें पत्रकारिता के उसूलों का पता नहीं है कि इस पेशे में नैतिकता ही सब कुछ है.पत्रकार होने का मतलब ये नहीं है कि हम कुछ भी कभी भी किसी के बारे लिख डालें और उसकी इज्ज़त को मिटटी में मिला दें.इस तरह कि हरकतें हमारे कई पत्रकार बंधुओं द्वारा कई दिनों से एचबीसी प्रबंधन के खिलाफ की जा रही हैं.जबकि हकीकत ये है कि ये चैनल नया है और हर नए संस्थान में सिस्टम को सेट होने में समय लगता है.अगर कोई इसके साथ अपने आपको इसके साथ चला नहीं पाता है तो ये गलती संस्थान कि नहीं है बल्कि उस व्यक्ति कि सोच है.एचबीसी से कई लोग छोड़ कर गए हैं तो ये उनके और प्रबंधन के बीच का मामला है ना कि सार्वजनिक रूप से एक दुसरे पर इलज़ाम लगाने का.ये सारी हरकतें छिछोरी हैं और जिस तरह से एचबीसी और इसके आलाअधिकारियों के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उनकी योग्यता पर सवालिया निशाँ लगाए जा रहे हैं उससे पता चलता है कि लिखने वाले कितने पानी में हैं और उनकी योग्यता का स्तर क्या है.एचबीसी किस सोच के साथ मैदान में उतरा है ये भी आलोचना करने वालों को आने वाले समय में मालूम हो जाएगा और साथ ही ये भी कि इसके आलाअधिकारी क्या योग्यता रखते हैं.लिखने वाले कुछ शर्म करें.हो सकता है कि कल इस चैनल का स्तर देख कर आप भी यहाँ आने को लालायित हो जाएँ.
प्रेषक
एचबीसी न्यूज़ का ही एक सम्मानित सदस्य.

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