'सन टीवी में नहीं है दयानिधि मारन की हिस्‍सेदारी'

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पूर्व कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन के भाई कलानिधि मारन की अगुआई वाले सन समूह की कंपनी सन डायरेक्ट टीवी ने उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें 2007 में मलेशिया के एस्ट्रो समूह के साथ हुए सौदे को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। हाल में आई खबरों के अनुसार, जांच एजेंसियां एस्ट्रो समूह के प्रवर्तकों से जुड़ी दूरसंचार कंपनी को लाइसेंस आवंटित होने के बाद सन डायरेक्ट में हुए एस्ट्रो के एक निवेश की तहकीकात कर रही है।

खबरों के मुताबिक, दूरसंचार लाइसेंस आवंटन की जांच से जुड़ी एजेंसियों की सन डायरेक्ट टीवी और मलेशिया की एस्ट्रो आल एशिया नेटवर्क के बीच हुए लेनदेन पर नजर है, जहां एस्ट्रो ने 2007 में टीवी सेवा प्रदाता में निवेश किया था। खबर में बताया गया कि एस्ट्रो की अपनी दूरसंचार कंपनी भी है जिसकी बहुलांश हिस्सेदारी एयरसेल के पास है। एयरसेल ने कथित तौर पर यह निवेश होने से पहले सरकार से लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने कहा कि इसके लिए सन डायरेक्ट और एस्ट्रो के बीच करार वर्ष 1997 में हुआ था, जो एयरसेल की स्थापना और दयानिधि मारन के मंत्री बनने से काफी पहले हुआ था।

कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सन टीवी ने 27 जनवरी 1997 को एस्ट्रो समूह के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे जिसकी खबर कई समाचार पत्रों में आई थी। उस समय एयरसेल अस्तित्व में भी नहीं आई थी, लेकिन भारत सरकार ने डीटीएच सेवाओं के लिए केयू बैंड ट्रांसपोर्डरों के इस्तेमाल को अनुमति नहीं दी थी। इसीलिए, यह प्रोजेक्ट रुका रहा था।

बयान के मुताबिक, '1997 में दयानिधि मारन न तो सांसद थे और न ही मंत्री थे, जिससे पता चलता है कि एस्ट्रो की काफी समय पहले से सन डायरेक्ट के साथ डीटीएच कारोबार करने में दिलचस्पी थी। इसलिए खबरों में लगे आरोप स्वत: ही गलत साबित हो जाते हैं। दयानिधि मारन सन डायरेक्ट टीवी के हिस्सेदार नहीं हैं और न ही उसके डीटीएच कारोबार से किसी तरह से जुड़े हुए हैं।' कंपनी ने कहा कि सन डायरेक्ट टीवी का एयरसेल के साथ कोई जुड़ाव नहीं है और इस तरह की खबरें सिर्फ एक कल्पना मात्र है। साभार : बिजनेस स्‍टैंडर्ड


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