प्रसार भारती : पीएम ने शुंगलू रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी

E-mail Print PDF

: बीएस लाली, अरूणा शर्मा मुश्किल में : राष्ट्रमंडल खेल से जुड़े मामले में तेजी दिखाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रसार भारती प्रमुख बीएस लाली और दूरदर्शन महानिदेशक अरूणा शर्मा को राष्ट्रमंडल खेल का प्रसारण अधिकार ब्रिटेन स्थिति कंपनी एसआईएस लाइव को देने के लिए दोषी ठहराने और इनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने संबंधी शुंगलू समिति की रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है. मध्यप्रदेश के आईएएस कैडर से संबद्ध शर्मा को उसके गृह राज्य वापस भेजने का निर्देश दिया गया है.

प्रधानमंत्री के प्रवक्‍ता द्वारा गुवाहाटी से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने इस रिपोर्ट को सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है. इस मामले में जारी निर्देश में लाली और शर्मा से स्पष्टीकरण मांगने और दो सप्ताह के भीतर उपयुक्त कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है. पीएम ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से एसआईएस लाइव के दावों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया, जो प्रसार के साथ संयुक्त रूप से किया गया था ताकि यह स्थापित हो सके कि अधिक भुगतान नहीं किया गया. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री गुवाहाटी में हैं.

पूर्व सीएजी वीके शुंगलू के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति ने एक पखवाड़े पहले अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें इस अनुबंध के संदर्भ में 135 करोड़ रूपये के नुकसान की बात कही गई थी. पीएमओ की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेल के प्रसारण से संबंधित मुद्दों पर उच्च स्तरीय शुंगलू समिति की रिपोर्ट पर विचार किया, जिसे कैबिनेट सचिव ने उन्हें सौंपा था. उस रिपोर्ट सीबीआई को भेजने का निर्णय लिया गया. रिपोर्ट में लाली और शर्मा की जवाबदेही तय करते हुए उन पर एसआईएस लाइव और जूम कम्यूनिकेशन को बेजा फायदा पहुंचाने की बात कही गई है.

पीएमओ की तरफ से यह भी कहा गया है कि अगर इस मामले में ज्‍यादा भुगतान किया गया है तो प्रसारण मंत्रालय कानूनी राय लेकर इसकी वसूली के लिए उपयुक्‍त कदम उठाए. इसके साथ इसके प्रशासन ढांचे पर सीईओ और बोर्ड के विषय की समीक्षा की जाएगी.  इस संबंध में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षत में मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) गठित किया गया है. जीओएम को उपचारात्मक, प्रशासनिक एवं विधायी कदम की दिशा में कार्य तेजी से उठाने का निर्देश दिया गया है. प्रसार भारती और सरकार के बीच के मामले को भी सौंपने का निर्णय लिया गया है.


AddThis