'न्यूज एक्सप्रेस' के पत्रकारों की क्लास लेने रि. मेजर जनरल अफसर करीम पहुंचे

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: बोले- फौज में भी चलती है राजनीतिक एप्रोच : रक्षा विशेषज्ञ और रिटायर्ड मेजर जनरल अफसर करीम का मानना है कि मीडिया और फौज के बीच रिश्ता वैसा नहीं है जैसा होना चाहिए। हमेशा से फौज मीडिया से दूर रही. इसकी कई वजहे हैं. और ये परंपरा आज भी कायम है. अफसर करीम आज वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की अगुवाई में नए लांच होने वाले नेशनल न्यूज चैनल'न्यूज एक्सप्रेस' के मंथन कार्यक्रम में बोल रहे थे.

अफसर करीम ने अपने संबोधन में कहा कि अब वक्त आ गया है जब इन दूरियों को पाटना ज़रुरी है,लेकिन इसके लिए मीडिया को भी अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी.साल 2011-2012 के बजट में रक्षा मद में पिछले साल के मुकाबले 11.7 फीसदी के इज़ाफे को उन्होंने नाकाफी बताया है. अफसर करीम का कहना है कि डीआरडीओ, सैन्य आधुनिकीकरण और तकनीकी विकास के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है.यही वजह है कि देश को हथियारों की खरीदी से लेकर दूसरी तमाम जरुरतों के लिए विदेशों का मुंह ताकना पड़ता है..फौज की आंतरिक राजनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पदों पर तरक्की के लिए सिर्फ अच्छा काम ही ज़रुरी नहीं है बल्कि राजनीतिक एप्रोच भी काम करती है.

उन्होंने स्वीकार किया कि बड़े सैन्य अधिकारियों में भ्रष्टाचार की प्रवृति पिछले कुछ समय से ज्यादा देखी जा रही है.हालांकि फौज की इमानदारी और अनुशासन ही है कि घोटालेबाज़ अधिकारियों को सज़ा जरुर मिलती है जबकि सिविल सेवा में ऐसा नहीं हो पाता. कश्मीर मामले पर उन्होंने बेबाक राय रखी और कहा कि हमारी कुछ ग़लत नीतियों की वजह से कश्मीर का आम आवाम हमसे दूर होता जा रहा है.

चीन से ख़तरे पर उनका कहना है कि चीन भारत की सीमा पर कभी भी लड़ना नहीं चाहेगा बल्कि उसकी नीति है कि पाकिस्तान के साथ भारत उलझा रहे और वो अपना उल्लू सीधा करता रहे.वहीं उन्होंने परमाणु युद्द की आशंका से इंकार किया और कहा कि चाहे पाकिस्तान हो या चीन, शक्ति संतुलन के मामले में कोई भी भारत को हल्के में नहीं ले सकता. साथ ही ये भी कहा कि भारत के लिए सीमा पार से ज्यादा आंतरिक ख़तरा है क्योंकि अब बाहरी ताकतें देश में मौजूद राष्ट्र विरोधी शक्तियों को मदद कर रही हैं. प्रेस विज्ञप्ति


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