''यूपी पुलिस इस समय सबसे भ्रष्‍ट और चौपट है''

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प्रकाश सिंह: प्रदेश के पूर्व डीजी प्रकाश सिंह ने कहा पार्टी कार्यकर्ता बन गए हैं अधिकारी : उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजी प्रकाश सिंह ने कहा है कि राज्य की पुलिस इस समय देश की सबसे भ्रष्ट और चौपट पुलिस है। न्यूज़ एक्सप्रेस चैनल के मंथन कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पत्रकारों से विचार विमर्श के दौरान उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस के कई अधिकारी तो पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मायावती की सरकार में कौन सा अधिकारी कहां पोस्ट होगा ये सबको पता है, ठीक उसी तरह जैसे मुलायम सिंह के सत्ता में आते ही कौन कहां जाएगा इसका भी हिसाब है। प्रकाश सिंह ने अपने अनुभवों को बांटते हुए कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें भी कई बार राजनीतिक दबावों से दो चार होना पड़ा।

पुलिस में भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये आरोप बहुत आम है, क्योंकि पुलिस का भ्रष्‍टाचार सुविधा का भ्रष्टाचार नहीं है वो आपको तकलीफ देता है। किसी और जगह पर लोगों को रिश्वत देने में इसलिए बुराई नज़र नहीं आती क्योंकि वहां उनका खुद का भी फायदा हो रहा होता है। प्रकाश सिंह ने स्वीकार किया कि कई बार तो अफसर खुद ही नेताओं को भ्रष्टाचार का रास्ता सुझाते हैं।

प्रकाश सिंह ने पत्रकारों को हर ख़बर में राजनीतिक एंगल से बचने की सलाह दी और दलील दी कि बेहतर हो कि राजनीति को सिर्फ राजनीति तक ही सीमित रखा जाए। हालांकि उत्तर प्रदेश में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू न हो पाने के पीछे उन्होंने आईएएस लॉबी की राजनीति को ही दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या प्रशासनिक विफलता का नतीज़ा है लेकिन इसके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारण भी हैं।

राजनीति और पुलिस के गठजोड़ के सवाल पर प्रकाश सिंह ने बताया कि आपात काल के बाद से ये गठजोड़ ज्यादा प्रभावी हुआ और तभी से पुलिस के राजनीतिक इस्तेमाल का सिलसिला शुरू हुआ। इसमें कोई दोराय नहीं कि कई बार प्रशासनिक अफसर ही खुद के फायदे के लिए नेताओं को भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस के ऊपर से राजनीतिक दबाव हट जाए तो तमाम ऐसे अपराधी जो इस समय खुलेआम घूम रहे हैं सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने इस मामले में हसन अली का जिक्र किया और कहा कि ये राजनीतिक संरक्षण ही है जिसके चलते वो अभी तक खुलेआम घूम रहा है। प्रेस विज्ञप्ति


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