प्रसारण मंत्रालय ने इमेजिन टीवी को नोटिस जारी किया

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केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने छोटे पर्दे पर प्रसारित धारावाहिक 'अरमानों का बलिदान आरक्षण' के खिलाफ शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए इमेजिन टीवी चैनल को परामर्श जारी कर कानून के तहत निर्दिष्ट कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। हालांकि चैनल ने मंत्रालय द्वारा पहले दिए जा चुके कारण बताओ नोटिस के बाद कार्यक्रम का नाम बदलकर 'अरमानों का बलिदान' करते हुए इसमें से आरक्षण शब्द हटा लिया है।

मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि चैनल को गत 30 दिसंबर को धारावाहिक में कुछ कथित आपत्तिजनक विषयवस्तु के प्रसारण के सिलसिले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

मंत्रालय ने कहा था कि इसमें दिखाए गए दृश्य न केवल शालीनता से परे हैं बल्कि हिंसा भड़काने, विवाद पैदा करने वाले और जातियों तथा समुदायों के बीच नफरत पैदा करते भी दिखाई देते हैं।  सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कार्यक्रम संहिता के उल्लंघन के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेने के लिए और इस तरह की शिकायतों को देखने के लिए अंतर मंत्रीय समिति (आईएमसी) भी गठित की है। चैनल ने पांच जनवरी 2011 को अपने जवाब में कहा कि यह धारावाहिक एक प्रेम कहानी है, जो कि 90 के दशक में आई आरक्षण प्रणाली की पृष्ठभूमि में दर्शाई गई है।

चैनल के प्रतिनिधियों ने 17 जनवरी को आईएमसी के सामने कहा कि कार्यक्रम का मकसद सरकार की आरक्षण नीति की आलोचना करना नहीं और नही किसी तरह की सामाजिक अशांति पैदा करना है. समिति ने विचार-विमर्श के बाद चैनल को परामर्श जारी करने की सिफारिश मंत्रालय से की, जिसके बार मंत्रालय ने 23 फरवरी को परामर्श जारी किया. साभार : जनसत्‍ता


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