अब तक मुस्लिमों को नहीं मिला सच्‍चा नेता

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: न्‍यूज एक्‍सप्रेस के मंथन में पत्रकारों से रूबरू हुए कमाल फारुकी : शुक्रवार को न्यूज एक्सप्रेस के मंथन कार्यक्रम में पत्रकारों से रूबरू हुए जाने-माने मुस्लिम बुद्धिजीवी कमाल फारुकी। उन्होंने कहा कि तमाम नेता मुसलमानों को केवल वोट बैंक समझते हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें मुसलमानों का असली लीडर कोई नहीं दिखता। मुसलमानों के पिछड़ेपन के लिए उन्होंने सत्ता में बैठे मुस्लिम नेताओं को भी ज़िम्मेदार करार दिया।

उन्होंने साफ कहा है कि मुल्क में मुसलमानों की तरक्की के लिए उनके विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना होगा, लेकिन ऐसा करते वक्त उनके मज़हबी ज़ज्बात की भी कद्र करनी होगी, क्योंकि वो धर्म के मामले में बेहद संवेदनशील होते हैं। उनका आरोप था कि मुस्लिम नेता कुर्सी पाने के बाद अपनी बिरादरी को भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी मुसलमानों के प्रति अपनी धारणा बदलनी होगी। मुस्लिम नेताओं की ऊलजुलूल बातों को तो मीडिया सुर्खियों में दिखाता है, लेकिन उनसे जुड़ी सकारात्मक और रचनात्मक बातों को मीडिया ज़्यादा तवज्जो नहीं देता। उन्होंने मुस्लिम बिरादरी के लिए जारी किए जाने वाले फतवों को गैरज़रूरी बताते इन पर रोक लगाने की ज़रूरत पर जोर दिया।

मंथन

सच्चर कमेटी को उन्होंने महज़ एक आईना करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस कमेटी ने कुछ सुझाव और आंकड़े जारी करके केवल मुसलमानों के हालात से देश को वाकिफ कराया है। उन्होंने कहा कि देश के हर आदमी की तरह मुसलमानों की भी अपनी परेशानियां हैं। मुसलमानों के आर्थिक हालात पर उन्होंने बांगलादेश के ग्रामीण बैंक की तर्ज पर एक समानांतर बैंकिग व्यवस्था पर ज़ोर दिया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ऐसी बैंकिंग व्यवस्था का होना बहुत ज़रूरी है, जिससे कि ब्याज के चलते किसी का व्यापार ना डूबे। उन्होंने सलाह दी कि मुसलमानों को शिक्षा के अधिकार कानून का फायदा उठाना चाहिए क्योंकि शिक्षा ही मुसलमानों को तरक्की के रास्ते पर ले जा सकती है। प्रेस विज्ञप्ति


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