गंगा-यमुना बचाओ अभियान सरकारी ढकोसला

E-mail Print PDF

: पानी वाले बाबा राजेंद्र सिंह ने मंथन में समझाया जल का महत्‍व : समाचार चैनल न्यूज एक्सप्रेस के मंथन कार्यक्रम में पत्रकारों से मुखातिब हुए मैगसेसे पुरस्कार विजेता राजेन्द्र सिंह। पानी वाले बाबा नाम से मशहूर राजेन्द्र सिंह ने साफ कहा है कि अगर हालात ना बदले तो अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा। इसलिए हमारे सियासतदानों को पानी बचाने और नदियों को पुनर्जीवित करने की राजनीति करनी चाहिए।

खुद को पानी वाला नेता बताते हुए उन्होंने गंगा और यमुना बचाओ अभियान को सिर्फ सरकारी ढकोसला करार देते हुए कहा कि इन नदियों की सेवा मां गंगा के भाव से करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि आदिकाल से गंगा-यमुना को हम मां कहकर पुकारते आए हैं, लिहाजा इससे बेटे के तौर पर ही जुड़ना होगा। साथ ही गंगा की सफाई के लिए हमें उसके दर्शन और दृष्टि को समझने की ज़रूरत है। गंगा सफाई अभियान में युवाओं की भागेदारी सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा कि नीर-नारी और नदी का सम्मान ही विकास का मूल मंत्र है। हमारे नेताओं को देश को पानीदार बनाने की राजनीति करनी चाहिए और इसके लिए पानी के नाम पर जारी खुली लूट को फौरन रोकना होगा।

राजेंद्र जी

नदियों को जोड़ने की सरकारी योजना की मुखालफत करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा करने से भ्रष्टाचार और प्रदूषण बढ़ने का खतरा है। उन्होंने अफसोस जताया कि आजादी के बाद से अब तक एक भी नदी के विवाद का समाधान नहीं हुआ, क्योंकि सरकार ने नदियों के बारे में अपनी को नीति ही नहीं बनाई। उन्होंने कहा कि अगर वाकई हम नदियों को पुनर्जीवित करना चाहते हैं तो हमें समाज को नदियों के साथ जोड़ना होगा और दोनों को एक दूसरे का प्रेरक और पोषक बनना होगा। इसके अलावा वॉटर लिट्रेसी यानी नदी साक्षरता दिशा में भी कदम उठाने की ज़रूरत है और इसमें मीडिया की भूमिका भी अहम होनी चाहिए। देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी के प्रबंधन की है। प्रेस विज्ञप्ति


AddThis