आजाद न्‍यूज में हड़ताल, चैनल ब्‍लैक आउट

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अपडेट : आजाद न्‍यूज के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. वे कार्यालय के सामने ही धरने पर बैठे हुए हैं. चैनल के सभी विभाग के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं.  सभी कर्मचारी दो महीने की सेलरी न मिलने तथा पीएफ का पैसा काटे जाने के बाद भी पीएफ नम्‍बर न दिए जाने से नाराज हैं. कर्मचारी अपने किसी भी सीनियर की बात नहीं मान रहे हैं. मौके पर तनाव की स्थिति है. किसी भी समय मारपीट होने का अंदेशा लगातार बना हुआ है.

जनवरी माह से ही आजाद न्‍यूज के कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है. प्रबंधन ने कई बार आश्‍वासन दिया परन्‍तु सेलरी तय तिथियों पर नहीं आई. दिसम्‍बर की सेलरी मिलने के बाद ढाई महीना बीत चुका है परन्‍तु प्रबंधन ने कर्मचारियों का सेलरी नहीं दिया है. आज सभी एकजुट होकर चैनल के बाहर धरना पर बैठ गए. एक बड़े समूह ने सभी विभागों से कर्मचारियों को निकाल कर बाहर कर दिया. लगभग साठ से ज्‍यादा कर्मचारी कार्यालय के सामने गेट पर जमे हुए हैं. और नारेबाजी कर रहे हैं.

हड़ताली कर्मचारी अपने किसी भी सीनियर की बात सुनने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि हम उसी से बात करेंगे, जो हमारी सेलरी और पीएफ के बारे में स्‍पष्‍ट जानकारी दे सकेगा. वे लोग चैनल के चेयरमैन को बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं. चैनल पिछले कुछ घंटों से पूरी तरह ब्‍लैक आउट चल रहा है. प्रसारण पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. कर्मचारियों का कहना है कि अब वे काम तभी करेंगे जब उनकी दोनों मांगें मानी जाएंगी.

सूचना है कि प्रबंधन से जुड़े लोग पांच लोगों को चिन्हित करके निकालने की तैयारी कर रहा है. इसको लेकर भी कर्मचारी पूरी तरह नाराज हैं. इनलोगों का कहना है कि किसी को निकाला गया तो वो लोग सामूहिक रूप से इस्‍तीफा दे देंगे. कर्मचारियों का कहना है कि काफी समय से प्रबंधन ने हमलोगों का इन्‍क्रीमेंट नहीं किया है, उसके बाद समय से सेलरी भी नहीं दी जा रही है, ऐसे में कोई कैसे काम करेगा. हमलोगों के पीएफ का क्‍या हुआ इसकी भी जानकारी हमलोगों को नहीं दी जा रही है.

खबर दिए जाने तक सारे कर्मचारी हड़ताल पर डटे हुए थे. प्रबंधन से जुड़े लोग आंदोलनरत कर्मचारियों को समझाने की कोशिश में जुटा हुआ है. लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. वे अपने किसी सीनियर से बात करने को तैयार नहीं हैं. अब देखना है कि कब तक ऐसी स्थिति बनी रहती है. पर एक बात तो सच है कि कुकुरमुत्‍तों की तरह खुलने वाले चैनल मीडियाकर्मियों का खून लगातार चूस रहे हैं. अभी कुछ महीने पहले हमार टीवी में भी ऐसा ही घटना घट चुकी है.

अपडेटेड : खबर है कि चेयरमैन एमएस वालिया के पिताजी के समझाने के बाद कर्मचारी काम पर वापस लौट रहे हैं. इन्‍होंने कर्मचारियों को आश्‍वासन दिया है कि वालिया कल दोपहर इन लोगों से मुलाकात कर इनकी समस्‍याओं का समाधान करेंगे. किसी को बाहर नहीं किया जाएगा. अब चैनल चालू हो गया है. कर्मचारी अपने सीनियरों कमलकांत गौरी, नवीन सिन्‍हा और नदीम अली की बात को सिरे से खारिज कर दिया था.

कर्मचारियों ने कहा है कि अगर कल हमलोगों की समस्‍या हल नहीं होती है तो हम अपने इस आंदोलन को और तेज करेंगे.


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Comments (24)Add Comment
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written by sumit sharma, March 17, 2011
जय हो! उन सभी कर्मचारियों की जय हो! जिन्होंने ये कदम उठाया..मैं जब वहां था तो रमाकांत सर से यहीं बात करता था...और ऐसा ही करने को कहता था..पर सर कहते थे कि यहां के लोगों में दम नहीं है...लेकिन जो आजाद वालों ने कर दिखाया है उसने सर की बात को गलत साबित कर दिया है....मुझे बहुत खुशी है कि आजाद में लोग अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है...मैं तो आपको एक ही सलाह दूंगा कि अगर पैसा ना मिले तो आप सभी अपने अपने कंप्यूटर पसंद कर लो...जिनकी सैलरी ज्यादा है वो प्लाजमा पसंद कर लो...प्लीज बटवारे में आपस में मत लड़ना...और अपने घर ले जाओ,,,आपके पैसे तो मिलने वाले है नहीं...कम से कम कंप्यूटर और प्लाजमा तो मिलेगा...और एक बात पीएफ तो आपको मिलने वाला है नहीं...इन्होंने जमा ही नही करवाया है तो नंबर कहा से आएगा...आप सब मिल कर एक केस चैनल के नाम पर डालों और मुझसे भी साइन करवा लो..मेरे भी पीएफ के 10500 रु चैनल पर बकाया है...आप सब से एक प्रार्थना भी है कि सहाय सर के खिलाफ मत बोलो...जहां तक मैं उन्हें जानता हूं...वो किसी का हक नहीं मरने देते...लेकिन यहां उनके हाथ में कुछ नहीं है..वो कई बार मैनेजमेंट से बात कर चुके है...लेकिन होता वहीं है जो........................खैर किसी को कोसने से अच्छा है आपको जो बताया गया है वो करो...और अगर हो सके तो मालिको की गाड़ी को बेचकर अपना पैसा पूरा कर लो...वैसे आईटी का सामान भा महंगा होता है...आपका शूभचिंतक आजाद से आजाद...सुमित शर्मा
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written by Arsh , March 17, 2011
Arun puri aur pranab roy banne ko nikle in safed posh waliaio ne apne kale karnamo ko chupane ke liya ye channel ke nam par dhandhe to shuru kar liye hai par inki isthithi ab na nigelte ban rahi hain aur na ugelte. Nadeem jaise hybrid pille inki chain main bandhkar logo ko gurrane ka kam kar rahe he. Film city se channel suru karrne se lekar aaj tak in logo ne sayad hi kisi stringer ka payment kiya ho aise kai sare logo ko hum aaj bhi jante hai jinka payment salo se aaj bhi channel par baki hai.Please help aur yadi kisi ko payment nikalne ka koi rasta mallom ho to batayiaga jarur. Aur to aur ab channel aur HR manager NADEEM ne kai sare logo se mota paise legar stringership dekar unhe blackmailing karne ke liye khula chod diya hai aur us kamai se NADEEM & Company ke pas paisa aata hai.Bhagwan aise logo ko ek na ek din sabak jarur shikhayega.
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written by pankaj, March 16, 2011
कमलकांत गौरी का कद जितना छोटा है उसकी सोच भी उतनी ही छोटी है। नवीन सिन्हा जितना काला देखने में है उसकी नीयत उतनी ही काली है। इन हरामखोरों ने आजाद का भट्ठा बैठा दिया। इन्हें निकाल बाहर करना चाहिए था। आजाद की आधी से ज्यादा समस्या हल हो जाती...लंगोट के कच्चे सो कच्चे काम के न काज के दुश्मन अनाज के...
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written by raju reporter, March 16, 2011
kamalkant gori, nadim aur walia ki thukai karo tabhi inhe akal ayegi nahi to ye channel me kam karne walo ka soshan jari rakhenge..chup rehne se koi inki bat nahi sunega ashwasno ka jhunjuna padakar ek do mahine k bad malik aur us k chamche phir apne purane rang me aa jayenge.inhe sabak sikhana hai to inki thukai se behtar koi upaye nahi..dehradun k ek channel VON k lala manish verma ne bhi maar khane k bad sabak sikha hai......mangney se bhik nahi milti salary kaun deta hai.....isliye azad k patrakar bhiao darne se kuch nahi milney wala.
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written by JOURNALIST, March 16, 2011
नदीम बहुत बड़ा चूतिया है.....वो सैलरी के लिए पत्रकारों की खून-पसीने की कमाई चूस जाता है... मुझे नहीं लगता है कि नदीम कमीने ने एमबीए (एचआर) किया होगा... कुछ समय पहले तक तो इनजेस्ट में था, कुर्सी-टेबल उठाता था, सीनियरों का झोला उठाता था, सीनियरों से पत्रकारों की चुगली करता था....और दिवालिया एंड कंपनी की चापलूसी करता है.... नदीम को यहां से निकलने के बाद कहीं भी जाब नहीं मिलेगा.... फर्जी और कमीना है नदीम HR... H FOR HARAAMI & R FOR RASCAL.....
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written by Azad se azad hua ek kushnaseeb, March 16, 2011
kisi ne deakha hai aisa chanel jahan hr me sirf ek aadmi he kaam karta ho....ragister uthane se lekar logo ki attandance ginne aur chillar batne tak sare kaam wahi karta haiii...

kya kare becahara karna padta hai....aur kuch aata bhe to nahe...aaj tak ek bhe aisa insaan nahe deakha jo is c*****ya ki tareef karta ho...har koi gariyata hai...kaiyon ne to saale ko muh par gariya hai...phir bhe ye hmk nahe sudharta...paise rokne aur na dene me aur logon ko pareshan karna to iska dharam hai...

iske aur iske ek saathe se pareshan hokar he to mailk ne cheque ka sysytem lagaya tha...taki ye jayada paise na kaa paye...pelhe jab cash me sailary batte the to aadhi se jayada to nadeem sahab he dakar jate the...

lakin inki kamingi iske baad bhe kar nahe hue haiii.....hoti bhe kiase s1 me file dhote dhote hr head jo ban gaye...auude ka saath saath kamingi bhe to badni the..

abhi kuch mahene pelhe jab kai log azad se nikale gaye the....to jitne bhe cash vale log the unko ye 2,3 mahene tak teahlate hare aur baad me keah diya k mgmt ne paise nahe diye....jab ki sacchai ye hai ki vo paise ye khud dakar gaye the...to dete kahan se the...aur mgmt ki malkin ko itne time kahan ki vo employees ki baat sue...


jo log khud office chod kar gaye unke paise bhe ye dakarne me laga hua hai...teahla raha hai unko....ki agle mahene milegi to le lene..karke...

pata nahe kab tak nadeem jaise ghatiya log logon ko pareshan karte rahenge...

walia sahab jab channel khola tha to koi pada likha banda he rakh liya hota sambhalne ko.....kam se kam nadeem ne jitni barvadi ki hai utni to nahe kara...
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written by praveen, March 16, 2011
mai vi azad news ka worker hu. es hartal ko todne ke liye kamal kant gori ne walia family ke same 5 logo ka nam bola hai. jinko wo pahle se nikalwana chata tha. wo es moke par staff ke samne dusri bat or manegment ke same dusri bat kah raha tha. Even es pure meating mai cahnel head ka cahmcha pramood yadav (chota kamal kant gori) ne to chamtkar hi kar diya........ usne strike par gaye sare hartal ki khabr mobile ke jariye sting karke staff ke bato ko manegment ko suna raha tha. Pramood yadav media me journalist ke nam par kalnak hai.... use to upar wala kahi dusri jagah nokri nai hone de......even hartal avi kahtam nai hua hai... today walia is coming. or fir staff se meating hogi or hamari salary wali bate man li jayngi, tab strike over hoga naia to ab staff ploice or ib me complain karenge or broad cast minister ambika soni ji se milkar apna next step lenge....or ha mangment ye bat jan le ki agar koi vi ek staff nikala gaya to es bar NO IF NOT BUT ONLY ............?
we r requesting to all of u, support us. plz
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written by Mukul Khanna, March 15, 2011
Bahut jald yeh halat Total TV ke hone walle hai............. channel shift ho gaya hai par increment ke naam par yaha par logo ko Lolipop de rehe hai Shashiranjan,Amitabh agnihotri ke saath milkar Gaba ko aur employee ko
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written by madukar, March 15, 2011
आज़ाद न्यूज़ छोडकर गए ज्यादातर पत्रकारों की एक - दो महीने की सैलरी तो ये जनाब यूँ ही डकार जाते हैं=

कुंदन सिंह रवि आनंद राकेश सारण रमाकांत सिंह . मृत्युंजय सिंह .

तरुण कालरा देवेंद्र रावत . साकेत कुमार सिंह .सत्यम . मेघा राजेश कुमार मिश्रा
. अरुण तिवारी . चंदन शर्मा . अमित मंडल . स्वीटी. आकाश , अनुपम मिश्रा , रवीन्द्र भारती , अभिषेक पांडे,ब्रजेश कुमार सिंह . प्रकाश पीयूष . सुमित शर्मा
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written by madukar, March 15, 2011

नदीम यूँ तो आज़ाद न्यूज़ के एच आर हेड हैं. लेकिन सही मायनों में पत्रकारों के विलेन हैं. टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री के सबसे बदनाम एच.आर हेड. इनका नाम आते ही इन्हें सारे पत्रकार गालियों से तर कर देते हैं. किसी का तीन महीने का बकाया है तो किसी का चार महीने का. फिर पत्रकार इन्हें गालियाँ क्यों न दें.यह उनका हक जो मार रहे हैं.
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written by parmod, March 15, 2011
भगवान भी आजाद वालो से परेशान है
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written by parmod yadav, March 15, 2011
3 mahine se salery nahi mila hai,ab aag lag gai.yashwant ji aapke website me jagah ho to hame job dijiye,makan malik ka rent bhi nahi de pa rahe hai.
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written by MUKESH, March 15, 2011
are azad news mai toh aaj kal full isq calta hai,k2 ka toh pura jalwa hai miya molana bhi nhai pheeche hai 2nd floor par hi suru ho jate hai
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written by mukund sahi, March 15, 2011
Y AZAD NEWS NAAM KA BHI KOI NEWS CHENNAL HAI DEKTA TOH KHAI NHAI HAI YASWANT JI
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written by reena khan, March 15, 2011
azad news mai meri 3 month ki sarly nhai di our hr nadeem kutta hai
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written by kumar rajesh, March 15, 2011
azad news media mai badnam ho gaya, malik logo k pass sarab ka paisa tha khatam ho gay aaj kal ek dalee k sath mailk ghumta hai
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written by kundan, March 15, 2011

BREAKING NEWS : आज़ाद न्यूज़ सुर्खियों में छाया

BREAKING NEWS : वर्ल्ड मैप पर आया

BREAKING NEWS : ब्लैकआउट का नया रेकॉर्ड बनाया

BREAKING NEWS : टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री के इतिहास में सबसे ज्यादा बार एक चैनल के ब्लैकआउट होने का रिकॉर्ड .........आज़ाद न्यूज़ के नाम.

BREAKING NEWS : BREAKING NEWS: BREAKING NEWS: BREAKING NEWS: BREAKING NEWS
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written by puneet, March 15, 2011
खबरों की दुनिया में आज़ाद न्यूज़ भले कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया हो. लेकिन चैनल के ब्लैकआउट होने के मामले में जरूर इतिहास रचेगा.
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written by pk mishra, March 15, 2011
यह अम्बिकानंद का पतन काल है.. अब सहाय जी कितना और नीचे गिरेंगे... जायेंगे तो कोई नामलेवा नहीं बचेगा...अब भी संभल जाए. पत्रकारिता के हित में काम करें. पत्रकारों का हित करे. नहीं तो अभी आप का और मर्दन होगा...
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written by amrit anand, March 15, 2011
नदीम साहब यूँ तो आज़ाद न्यूज़ के एच आर हेड हैं. लेकिन सही मायनों में पत्रकारों के विलेन हैं. टेलीविजन न्यूज़ इंडस्ट्री के सबसे बदनाम एच.आर हेड. इनका नाम आते ही इन्हें सारे पत्रकार गालियों से तर कर देते हैं. किसी का तीन महीने का बकाया है तो किसी का चार महीने का. फिर पत्रकार इन्हें गालियाँ क्यों न दें.यह उनका हक जो मार रहे हैं.
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written by sumit sharma, March 15, 2011
मेरे मेहनत के पैसे भी दिलवा दो....आजाद ने मेरे साथ भी दोखा किया है...मेरी सैलरी में से भी पैसे काटे थे...पीएफ और पता नहीं नहीं किस चीज के...जो 10500 के करीब है..आप से अनुरोध करता हूं कि आप मुझे कोई मार्ग दिखाएं...जिससे मेरे पैसे मुझ सके..आप मुझे RTI कैसे दायक करूं ये जरूर बताएं...मेरे जैसे और भी लोग है जो चैनल के खिलाफ RTI दायर करना चाहते है...लेकिन उन्हें कोई मंच नहीं मिल पा रहा है..तो आपसे अनरोध है कि आप हमारी हैल्प करे...
धन्यवाद
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written by rakesh, March 15, 2011
Yaswant ji azad news ab puri tarha sai barbaad ho gaya hai, y haal ambika nand shay k alawa hr head nadeem ali kamal kant gori naveen sinha ka ham yha kya kare ,room rent kha sai de...
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written by rinku, March 15, 2011
AZAD NEWS KA HR HEAD NADEEM ALI PF KA PAISA KHA GAYA HAI KOI HISAB NHAI HAI.....NADEEM ALI HISAB DO WARNA BHAG JAO
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written by dharmendra, March 15, 2011

yaise hi hoga ookat nahi hai or chale hain chainell chlane. kha bhunja ka khol rakhe ho.

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