तरक्‍की के नाम पर महिलाओं का बाजारीकरण

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: मीडिया नहीं निभा रहा अपनी जिम्‍मेदारी : जानी मानी महिला एक्टिविस्ट डॉ. रंजना कुमारी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाले विचार आज राजनीति और मीडिया दोनों से ही नदारद होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे परिवेश पर हावी हो रहे बाजारवाद ने भागमभाग का ऐसा माहौल बना दिया है कि समाज में इनकी सकारात्मक भूमिका में कमी नजर आने लगी है।

न्यूज एक्सप्रेस के मंथन कार्यक्रम में रंजना ने कहा कि तरक्की के नाम पर महिलाओं का बाजारीकरण हो रहा है, और इसका खामियाजा सीधा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। मीडिया को भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि खबरिया चैनलों पर महिलाओं से जुड़ी खबरों को सनसनीखेज बनाकर पेश किये जाने का चलन हो गया है जो ठीक नहीं है।

न्यूज एक्सप्रेस के मंथन कार्यक्रम में रंजना से जब किसी महिला नेता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मायावती को सबसे प्रभावशाली महिला नेता बताया। उन्होंने कहा कि बेशक मायावती में कई कमियां हो सकती हैं, लेकिन दलित महिलाओं और लड़कियों के बीच वह रोल मॉडल बन चुकी हैं।

एक्‍सप्रेस

देश में महिलाओं की हालत पर चिंता जताते हुए रंजना ने कहा कि शिक्षा और सोच में बदलाव से ही महिलाओं की हालत में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "हमारे यहां आज भी प्रसव के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं की मौत हो जाती है, हर तीसरी लड़की स्कूल नहीं जाती है। यह हालत तब है जब महिलाओं के विकास के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही है।"

महिला आयोग की भूमिका के बारे में रंजना ने कहा कि आयोग के संविधान में जिन अधिकारों का जिक्र है उसे लागू नहीं किया जा रहा, और जब तक ऐसा नहीं होता, कारगर नतीजों की उम्मीद भी नहीं की जा सकती।


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