मीडिया से खफा कृपाशंकर को कोर्ट ने चरित्रहनन के सुबूत पेश करने को कहा

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: कांग्रेस नेता के वकील ने मीडिया के गलत इस्तेमाल की दी हाईकोर्ट को जानकारी : ईडी ने कोर्ट को बताया कृपा के मधुकोड़ा से संबंध नहीं : मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह खिलाफ पार्टी के एक धड़े की तरफ से जारी अभियान में शनिवार को एक नया मोड आ गया. मुंबई हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कृपाशंकर के वकील ने अदालत से प्रार्थना की कि गलत खबरें प्रसारित करा के उनके मुवक्किल का चरित्र हनन किया जा रहा है. अदालत ने इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए चार सप्ताह का समय दिया और कहा कि इस संबंध में जरूरी सुबूत अदालत में पेश किए जाएं.

इस बीच कृपाशंकर सिंह को मीडिया के जरिए घेरने की लगातार कोशिशें चल रही हैं. अभी तक उनके विरोधी झारखंड के विवादित पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से उनके संबंध के आरोप लगा रहे थे. पर शनिवार को ईडी ने अदालत को बताया कि जांच में पता चला कि सिंह का कोड़ा से कोई संबंध नहीं है. पर मीडिया ने इस चीज को दबाने की कोशिश की. कृपा के विरोधी कई न्यूज चैनलों पर झूठी व प्लांटेड खबरें प्रसारित करा रहे हैं.  पिछले हफ्ते देश के प्रमुख चैनलों पर खबर चलती रही कि कृपाशंकर सिंह के घर आईटी का छापा पड़ा है. जबकि कहीं कोई छापा नहीं पड़ा था. बाद में न्यूज चैनलों ने इस खबर का खंडन भी दिखाने की जरूरत नहीं समझी. कुछ पोर्टलों पर यह खबर आई कि किसी एक हिंदी न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने कृपाशंकर विरोधी लाबी से मिलकर यह खबर चलवा दी. बाद में देश के कई नामी चैनल भी इस लपेटे में आ गए और बैगर चेक किए खबर चला दी. कृपाशंकर सिंह के बेटे के किसी व्यावसायिक लेनदेन को इस तरह पेश किया गया कि उन्होंने किसी साजिश के तहत व्यापारिक कंपनी से धन लिया है. शनिवार को अदालत में सुनवाई के दौरान भी आरोप लगाने वालों के वकील के साथ आए एक व्यक्ति ने कृपाशंकर सिंह के वकील के साथ मौजूद एक व्यक्ति को धमकाते हुए कहा कि एक समाचार एजेंसी की मार्फत ऐसी खबरें लगवाई जा रही हैं कि तुम लोग परेशान हो जाओगे.

उल्लेखनीय है कि मुंबई में राजनीतिक उठा-पठक और एक दूसरे को नीचा दिखाने का खेल बहुत ही घिनौनी शक्ल अख्तियार कर चुका है. उत्तर भारतीयों की बढ़ती राजनीतिक ताकत से परेशान एक मुकामी नेता ने कृपाशंकर सिंह को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए कुछ ब्लैकमेलरों का इस्तेमाल कर के जनहित याचिका दायर करवा दी है. इस याचिकाकर्ता के वकील के रूप में देश के सबसे बड़े वकीलों में से एक महेश जेठमलानी अक्सर खड़े होते हैं. हालांकि याचिककर्ता दावा करता है कि उससे महेश जेठमलानी कोई पैसा नहीं लेते. एक जगह यह खबर भी प्रसारित की गई कि जिस दिन कृपाशंकर सिंह के घर पर इनकम टैक्स के छापे की गलत खबर चैनलों पर दिखाई गई, उसके पहले वाली रात अंधेरी इलाके में एक नेता की मौजूदगी में कृपाशंकर सिंह को नुकसान पहुंचाने के एजेंडे पर काम हुआ और वहां जमकर शराब-कबाब की पार्टी हुई. इसी के अगले दिन झूठी खबरें चलवाई गईं. इस मामले में एक चैनल के रिपोर्टर के खिलाफ कारवाई भी हुई है.

मुंबई से विजय सिंह कौशिक की रिपोर्ट


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